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ये है विनीता...इसकी पढ़ाई पर सरकार रोज खर्च कर रही 2110 रुपए वजह: नेतनगर के स्कूल में यह इकलौती छात्रा और शिक्षक हैं दो

तीन शिक्षक का नियम: मौदहापारा के स्कूल के बारे में जानने के बाद सहायक संचालक दीप्ति अग्रवाल कहा कि-सेटअप में एक...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jul 14, 2018, 03:05 AM IST

  • ये है विनीता...इसकी पढ़ाई पर सरकार रोज खर्च कर रही 2110 रुपए वजह: नेतनगर के स्कूल में यह इकलौती छात्रा और शिक्षक हैं दो
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    तीन शिक्षक का नियम: मौदहापारा के स्कूल के बारे में जानने के बाद सहायक संचालक दीप्ति अग्रवाल कहा कि-सेटअप में एक प्राइमरी स्कूल में तीन शिक्षकों को रखने का नियम है। कहीं दो भी हैं।

    भास्कर ग्राउंड रिपोर्ट

    नेतनगर

    प्राइमरी स्कूल: तीन जर्जर कमरों में लगती हैं 5 कक्षाएं, 3 शिक्षक पढ़ाते हैं 11 छात्रों को

    जिलाड़ी

    31 मार्च 2008 को प्राइमरी, मिडिल, हाई व हायर सेकेंडरी स्कूलों के लिए सेटअप बदला था। 10 सालों से स्कूलों में उसी पैटर्न से पढ़ाई हो रही है। इसके मुताबिक प्राइमरी स्कूल में शिक्षकों के एक से तीन, मिडिल स्कूल में एक से पांच तो हाई स्कूल में एक से सात तो हायर सेकेंडरी स्कूलों में 1 से 10 तक शिक्षक दिए गए। पहली से पांचवीं तक 40 बच्चों के हिसाब से एक शिक्षक याने दो शिक्षक व एक प्रधान पाठक का सेटअप तय किया गया। 90 से ज्यादा दर्ज संख्या पर एक अतिरिक्त शिक्षक की पात्रता दी गई।

    कब बदला था सेटअप

    जिस दिन पढ़ने के लिए दूसरी कक्षा की विनीता स्कूल आ जाए उस दिन 100 प्रतिशत उपस्थिति

    रायगढ़ | ये तस्वीर पुसौर ब्लॉक के मोदहाभाठा में संचालित प्राइमरी स्कूल की है। मोदहाभाठा के प्राइमरी स्कूल के जैसे हाल दूसरे स्कूलों के भी हैं। जहां स्टूडेंट्स की संख्या लगातार घट रही है। शिक्षा विभाग के अनुसार पिछले चार साल में प्राथमिक स्कूलों में 22 हजार बच्चे कम हुए हैं। कम छात्र वाले स्कूलों को दूसरे स्कूल में मर्ज करने से कई स्कूल बंद हो गए। इसके पीछे हर स्कूल की अलग कहानी है, लेकिन एक बड़ी वजह ग्रामीण क्षेत्रों में प्राइवेट स्कूलों का फैलता जाल भी है। - फोटो व कंटेंट |संतोष साव

    स्कूल: प्राइमरी स्कूल जिलाड़ी

    कहां है: मुख्यालय से 24 किमी दूर बुनगा के पास

    स्कूल का समय: सुबह 10:30 से 4:00 बजे

    उपस्थिति: 80 फीसदी

    विद्यार्थी: 11 (पहली में 2, दूसरी में 4, तीसरी में 3, चौथी में 1 व पांचवीं में 1)

    शिक्षक: 3 (सुधीर नामदेव-प्रधान पाठक, बिसीकेसन सिदार-शिक्षक, तरुण सिदार- शिक्षक)

    विद्यार्थी कम क्यों: गांव डूबान क्षेत्र में आता है, इसलिए लोग बच्चों को दूसरे सरकारी या निजी स्कूलों में भेजते हैं।

    मासिक खर्च: प्रधान पाठक का वेतन-40 हजार, शिक्षकों का वेतन-44 हजार, सफाईकर्मी-1000, रसोईया-1200, मध्याह्न भोजन-121 ।

    ऐसे समझें स्टूडेंट्स की घटती संख्या

    179011

    172028

    2014-15

    164106

    2015-16

    2016-17

    स्कूल: मोदहाभाठा प्राथमिक स्कूल नेतनगर

    कहां है: जिला मुख्यालय से 15 किमी दूर

    स्कूल का समय: सुबह 10:30 से शाम 4:00 बजे तक

    विद्यार्थी: 1 (विनीता मिर्धा, दूसरी)

    उपस्थिति: 18 जून से अब तक 17 दिन स्कूल खुल चुका है। इसमें विनीता 15 दिन ही आई।

    शिक्षक: 2 (प्रधान पाठक-हरिशंकर पटेल, शिक्षक- हेमंत निर्मलकर)

    विद्यार्थी कम क्यों: नजदीकी गांव नेतनागर में सरकारी स्कूल है, यहां के बच्चे पुसौर के प्राइवेट स्कूल में भी पढ़ने जाते हैं।

    स्कूल का मासिक खर्च: प्रधान पाठक का वेतन-40 हजार रुपये, शिक्षक का वेतन-22 हजार रुपए।

    मध्याह्न भोजन-11 रुपए , सफाईकर्मी-1000, रसोईया-1200

    इस प्रकार इस स्कूल में एक बच्चे पर रोज का खर्च आता : 2110 रुपए।

    156084

    2017-18

    10 साल पहले थे 30 बच्चे, अब रह गए 10

    रायपाली

    स्कूल: प्राथमिक स्कूल राय पाली

    कहां है: जिला मुख्यालय से 26 किमी दूर बाराडोली के पास

    स्कूल का समय: सुबह 10.30 से 4.00 बजे तक

    विद्यार्थी: 10 (पहली में 10, दूसरी में 3, तीसरी में 1, चौथी में 5 और पांचवीं में 5 बच्चे)

    उपस्थिति: 18 जून से अब तक 17 दिन स्कूल लगा, 100 फीसदी उपस्थिति नहीं रही।

    शिक्षक: 3 (रामनिवास आनंद- प्रधान पाठक, विजय कुमार भास्कर-शिक्षक, अनूप कुमार सिदार-शिक्षक)

    विद्यार्थी कम क्यों: नजदीकी गांव बुनगा में कई बच्चे जाते हैं, निजी स्कूलों में यहां के बच्चे पढ़ते हैं।

    स्कूल का मासिक खर्च: तीनों शिक्षकों का वेतन-84 हजार, अन्य खर्च-8 हजार

    इधर...सराईपाली में एक साल से शिक्षक की मांग, विभाग ने नहीं दिया ध्यान तो ग्रामीणों ने इकलौते शिक्षक को दो घंटे बंधक बनाए रखा

    सराईपाली

    एक ही टीचर उसे भी विरोध स्वरूप स्कूल के अंदर किया बंद।

    बरमकेला विकासखंड के ग्राम सराईपाली के मिडिल स्कूल के इकलौते टीचर बालमुकुंद भास्कर को गांव वालों ने स्कूल में ही 2 घंटे तक बंधक बना दिया। आक्रोशित ग्रामीणों ने कहा जब तक शिक्षक व्यवस्था नहीं होती तब तक स्कूल बंद रहेगा। आनन फानन में शिक्षा विभाग के बीईओ रघुनाथ नवरंगे व बरमकेला की पुलिस टीम मौके पर पहुंची। सहायक संचालक दीप्ति अग्रवाल ने फोन पर ग्रामीणों को समझाइश देते हुए कहा कि अगस्त माह तक दूसरे शिक्षक की व्यवस्था कर दी जाएगी। तब जाकर ग्रामीणों ने शिक्षक को बंधन से मुक्त किया।

    स्कूल: सराईपाली (मौहाडीपा) माध्यमिक स्कूल

    कहां है: बरमकेला तहसील में

    स्कूल का समय: सुबह 10:30 से शाम 4:00 बजे तक

    विद्यार्थी: 30

    उपस्थिति: 18 जून से अब तक 22 दिन स्कूल खुला, 75%

    शिक्षक: 1 (बालमुकुंद भास्कर)

    टीचर कम क्यों: शिक्षा विभाग ने दो शिक्षकों का तबादला कर दिया। पहले तीन शिक्षक थे, एक साल से ग्रामीण शिक्षक की मांग कर रहे हैं।

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