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कहीं खो ना जाए बचपन इसलिए कैलाश सत्यार्थी की टीम शहर में दोबारा पहुंची

Raigarh News - बच्चों के लिए काम करने वाले नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी की टीम बुधवार को शहर पहुंची। चार सदस्यीय टीम के...

Dainik Bhaskar

May 17, 2018, 03:15 AM IST
कहीं खो ना जाए बचपन इसलिए कैलाश सत्यार्थी की टीम शहर में दोबारा पहुंची
बच्चों के लिए काम करने वाले नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी की टीम बुधवार को शहर पहुंची। चार सदस्यीय टीम के मेंबरों ने शहर के लोगों से चाइल्ड अवेयरनेस पर चर्चा की। सितंबर माह में भारत यात्रा करते हुए उनकी टीम यहां आई थी, जिसमें बच्चों से जुड़े कुछ सवाल किए गए थे। मेंबरों ने उन सवालों का जवाब भी लिया।

मीटिंग का मुख्य उद्देश्य बचपन बचाओ आंदोलन के बाद चाइल्ड से जुड़े अपराधों में कितनी कमी आई है, क्या बदलाव आया है अभी इसमें और किस तरह के काम करने की जरूरत है आदि मुद्दों पर बात की। बैठक में जिले में बाल श्रम, बाल अपराध को कैसे रोका जाए इस पर भी चर्चा हुई। साथ ही आगे भी इसी तरह से सहयोग देने और आगे के इसी तरह के जन जागरूकता कार्यक्रम में सहयोग देने की अपील भी की गई। टीम में स्टेट को-ऑर्डिनेटर सोमा नायर, संदीप राव, बचपन बचाओ के सीजी हेड देशराज सिंह थे।

वहीं शहर के बाल कल्याण समिति की पूर्व अध्यक्ष जस्सी फिलिप, उन्नायक समिति से एसके मोहंती, डॉ राजू अग्रवाल, थाना प्रभारी कौशल्या साहू, जेएसपीएल से गौतम प्रधान उपस्थित रहे।

दिल्ली में हुई थी भारत यात्रा की समाप्ति-भारत यात्रा रैली 11 सितंबर को कन्याकुमारी से निकली थी। यह यात्रा 16 अक्टूबर को दिल्ली में समाप्त हुई थी। भारत यात्रा के दौरान पहले रूट में कन्या कुमारी से दिल्ली, दूसरे रूट में गुवाहटी से आगरा, तीसरे में कोलकाता से पटना, चौथे रूट में भुवनेश्वर से भोपाल पहुंची थी। 26 सितंबर को पहली बार रायगढ़ पहुंची थी।

कैलाश सत्यार्थी की टीम में शामिल सदस्य।

बलात्कार और यौन हिंसा समाज के लिए महामारी

स्टेट को-ऑर्डिनेटर सोमा नायर ने कहा कि बच्चों के साथ बलात्कार और यौन हिंसा हमारे समाज के लिए एक नैतिक महामारी बन गई है, जिससे पूरे देश में दहशत है। ऐसे घिनौने अपराधों के खिलाफ हम मूकदर्शक बने नहीं रह सकते हैं क्योंकि हमारी चुप्पी हिंसा को बढ़ावा ही दे रही है। इसे बंद करने के लिए भारत यात्रा की शुरूआत हुई थी। दुष्कर्म, तस्करी और हिंसा को खत्म करने के लिए जंग छिड़ चुकी है। दोबारा रायगढ़ पहुंचे सदस्यों ने विभिन्न संगठनों, लोगों को भी शामिल होने की अपील की।

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