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लाखों की फसल बर्बाद होने के बाद भी बीमा कंपनी ने किसानों को क्लेम का दिया 5 और 7 रुपए

जिले के 31 हजार 873 किसानों ने अपने 80 हजार 376 हेक्टेयर खेत पर लगी खरीफ फसल का बीमा कराया था। दो करोड़ 29 लाख रुपए की प्रीमियम...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 18, 2018, 03:45 AM IST

जिले के 31 हजार 873 किसानों ने अपने 80 हजार 376 हेक्टेयर खेत पर लगी खरीफ फसल का बीमा कराया था। दो करोड़ 29 लाख रुपए की प्रीमियम राशि देने के बाद बीमा कंपनी अब किसानों के खातों में 18 से 5 रुपए तक का क्लेम जमा करा रही है। जिले की 6 तहसीलों में सूखा पड़ा था। किसानों की फसल बर्बाद हुई लेकिन कृषि और राजस्व विभाग ने नुकसान कम बताकर जो रिकार्ड बीमा कंपनी के पास भेजा इससे किसानों को मामूली क्लेम राशि दी गई है। रायगढ़ समेत अन्य जिलों में भी किसानों के साथ ऐसा मजाक किया गया है।

किसान अपेक्स बैंक से खेती के लिए लोन लेते हैं। सूखा या आपदा से फसल के नुकसान पर लोन की भरपाई हो सके इसलिए फसल बीमा अनिवार्य होता है। एक एकड़ की फसल का बीमा कराने किसानों ने 471 रुपए दिए थे। हमने अपेक्स समेत अन्य बैंकों में किसानों के खातों में जमा क्लेम राशि की पता लगाया। मुरा के रहने वाले नोहर साय का खरसिया के एक बैंक में खाता है। खाते में बीमा क्लेम के मात्र 7 रुपए जमा हुए हैं। नोहर कहते हैं कि उनकी पांच एकड़ खेत में लगी फसल खराब हुई थी। पांच एकड़ में मात्र 6 क्विंटल धान हुआ था जबकि 80 क्विंटल धान होना चाहिए था। लगभग 7 फीसदी धान ही हुआ क्लेम की राशि दो लाख से ज्यादा होना चाहिए जबकि मिले 7 रुपए। रेगड़ा के मुकुंद साव को 4 रुपए का क्लेम मिला है। मुरा के ही भगतराम पटेल के खाते में 5 रुपए क्लेम का जमा किया गया है। उनकी 7 एकड़ पर लगी धान की फसल बर्बाद हुई।

राजस्व व कृषि विभाग ने नुकसान का आंकलन ही गलत किया इसलिए मामूली क्लेम मिला

80% फसल हो तो क्लेम नहीं

बीमा के क्लेम में सबसे पहली शर्त तो यह है कि 80 फीसदी तक फसल होने पर सरकार या बीमा कंपनी नुकसान नहीं मानती। क्लेम की पात्रता 80 प्रतिशत से कम फसल पर ही होती है। इफको टोकियो कंपनी के एजेंसी मैनेजर अनिल पटेल बताते हैं कि राजस्व व कृषि विभाग द्वारा दिए गए आंकड़े के मुताबिक एक हेक्टेयर फसल पर कुल बीमा 30 हजार रुपए का ही होता है। यूं समझिए कि एक हेक्टेयर पर 100 क्विंटल उत्पादन होना है। उत्पादन हुआ 60 क्विंटल तो नुकसान 40 क्विंटल का। एक हेक्टेयर फसल की बीमित राशि (सम एश्योर्ड) 30 हजार रुपए है तो क्लेम 12 हजार रुपए का मिलेगा। ऐसे में अगर नुकसान ही मामूली बताया गया होगा तो क्लेम भी कम ही होगा।

किसानों के खातों में आई रकम देखिए

किसान बैंक खाता क्रमांक क्लेम की रकम

नोहर साय 603006543810 7 रुपए 53 पैसे

भगतराम पटेल 5805070614 5 रुपये 24 पैसे

गुरबारी बाई 603006541686 15 रुपए 28 पैसे

बोधराम पटेल 603006545024 18 रुपए 3 पैसे

गौतम पटेल 603006545146 16 रुपए 81 पैसे

ऐसे होता है नुकसान का आंकलन. क्रॉप कटिंग एक्सपेरिमेंट के जरिए फसल उत्पादन का आंकलन करते हैं। कृषि अधिकारी एमआर भगत बताते हैं कि पांच सालों के औसत उत्पादन के आधार पर थ्रेशहोल्ड उपज मतलब उत्पादन तय होता है। आपदा आने पर नजरी आनावरी कर रिपोर्ट रेवेन्यू विभाग से होकर बीमा कंपनी को भेजा जाता है। इस रिपोर्ट में एक दो खेतों को देखकर गांव की रिपोर्ट बनती है या फोन पर पूछकर ही आंकड़े तैयार हो जाते हैं। सरकार की फजीहत न हो इसलिए नुकसान कम ही बताया जाता है। अब नुकसान कम बताया जाए तो बीमे का क्लेम भी कम ही मिलता है।

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Web Title: लाखों की फसल बर्बाद होने के बाद भी बीमा कंपनी ने किसानों को क्लेम का दिया 5 और 7 रुपए
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