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आदिवासी बच्चों के सपनों ने भरी उड़ान, प्रयास के 112 बच्चे जेईई में क्वॉलिफाई

रायपुर प्रयास विद्यालय के सबसे ज्यादा 40 स्टूडेंट चयनित, 17 लड़कियां भी सफल

Dainik Bhaskar

May 01, 2018, 11:45 AM IST
डमी फोटो डमी फोटो

रायपुर। 'मंजिलें उनको ही मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है। पंखों से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है।' किसी शायर की इन पंक्तियों को आपने अक्सर पढ़ा और सुना होगा, लेकिन छत्तीसगढ़ के आदिवासी बच्चों ने इसे एक बार फिर साबित कर दिखाया है। देशभर में हुई इंजीनियरिंग की सबसे बड़ी परीक्षा सीबीएसई जेईई में क्वालीफाई कर अपने सपनों की उड़ान भरी है। इस बार प्रयास विद्यालय के 112 बच्चों ने सफलता अर्जित कर इतिहास लिख दिया है। इसमें रायपुर स्थित प्रयास विद्यालय के सबसे ज्यादा 40 बच्चे शामिल हैं। इनमें 17 लड़कियां भी शामिल हैं।

- सीबीएसई ने सोमवार को जेईई मेन्स के नतीजे घोषित किए हैं। इसमें भिलाई के सुयश सिंह ने प्रदेश में टॉप किया है। सुयश प्रदेश के मुख्यमंत्री के सचिव सुबोध सिंह के बेटे हैं ।

- वहीं ऐसे छात्र भी जेईई क्वॉलिफाई करने में शामिल हैं, जो आदिवासी समुदाय से आते हैं और बहुत गरीबी की हालत से हैं। प्रदेश भर के प्रयास स्कूलों में पढ़ने वाले करीब 356 बच्चों में से 112 ने जईई में क्वॉलिफाई किया है।

- रायपुर प्रयास के 40 और दुर्ग प्रयास के 21 बच्चों ने देश के प्रतिष्ठित जेईई के लिए क्वालीफाई किया है। रायपुर प्रयास में 90 बच्चों ने परीक्षा दी थी। रायपुर प्रयास की ही 59 लड़कियों में 17 बच्चियों ने एग्जाम क्लियर किया है।

- इसके अलावा अम्बिकापुर प्रयास के 51 में से 16 अभ्यर्थी ने, बिलासपुर प्रयास के 50 में से 11, प्रयास दुर्ग के 65 में से 21 और प्रयास बस्तर के 41 में से 7 बच्चों ने इस बार जेईई के लिए क्वालीफाई किया है।

क्या है प्रयास स्कूल

- प्रयास स्कूल में पढ़ने वाले सभी आदिवासी और नक्सल प्रभावित इलाके के बच्चे हैं, जिन्हें प्रयास स्कूल में सरकार की योजना के तहत दाखिला मिला था। इनमें से कई बच्चे ऐसे भी हैं, जो नक्सल हादसे का शिकार हुए हैं।

- छत्तीसगढ़ में माओवाद प्रभावित क्षेत्रों के प्रतिभावान बच्चों को राज्य की ओर से प्रयास स्कूल में दाखिला कराया जाता है। इन आवासीय स्कूलों को राज्य सरकार की ओर से फाउंडेशन प्रयास के तहत तैयार किया गया है।

- नक्सल प्रभावित गांवों और राज्य के सबसे हिंसक क्षेत्रों के बच्चों के लिए मुख्यमंत्री मंडल बाल सुरक्षा योजना के विस्तार के रूप में राज्य सरकार ने जुलाई 2010 में प्रयास आवासीय विद्यालयों की शुरुआत की थी।

- प्रयास स्कूलों में छात्रों का चयन प्रवेश परीक्षा के माध्यम से किया जाता है। चयनित बच्चों को 11वीं और 12वीं की पढ़ाई के साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं जेईई, नीट, एम्स की निशुल्क कोचिंग दी जाती है। विद्यालयों में छात्रों को गणित, जीव विज्ञान, वाणिज्य की पढ़ाई होती है।

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