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रायपुुर में डॉक्टरी की 200 सीटें पिछली नीट में जनरल का कटऑफ था 16401 रैंक, 500 और बढ़ेगा

मेडिकल कॉलेज भेजेगा सीटें बढ़ाने के लिए प्रस्ताव

Bhaskar News | Last Modified - Jun 14, 2018, 12:24 AM IST

रायपुुर में डॉक्टरी की 200 सीटें पिछली नीट में जनरल का कटऑफ था 16401 रैंक, 500 और बढ़ेगा

रायपुर.नेहरू मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की 200 सीटें खोलने के लिए पर्याप्त सुविधाएं हो गई हैं। फैकल्टी, सीनियर व जूनियर रेसीडेंट डॉक्टरों की संख्या भी एमसीआई के मापदंडों के अनुसार है। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन 200 सीटों का प्रस्ताव एमसीआई को भेजने वाला है। विशेषज्ञों के अनुसार सीटें बढ़ने से दाखिले के लिए नीट की रैंकिंग का कटऑफ भी बढ़ जाएगा। जैसे, पिछले साल जनरल कैटेगरी में 16401 रैंकिंग वाले उम्मीदवार को रायपुर मेडिकल कालेज मिल गया था। इस बार यह रैंकिंग तकरीबन 500 बढ़ सकती है।

- तीन साल पहले मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया (एमसीआई) ने एमबीबीएस सीटों की मान्यता के जरूरी मापदंड बदल दिया था। इसके बाद से ही नेहरू मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की सीटें बढ़ाने की संभावना बढ़ गई है।

- एमसीआई के गजट नोटिफिकेशन के अनुसार 150 सीटों के लिए मेडिकल कॉलेजों के लिए ऑडिटोरियम जरूरी नहीं है। फैकल्टी व रेसीडेंट डॉक्टरों की संख्या भी कम कर दी गई है। बेड की संख्या भी घटाकर 650 कर दी गई है।

-एमसीआई के इस नोटिफिकेशन के बाद प्रदेश के सभी सरकारी कॉलेजों को थोड़ी राहत मिली है। दरअसल पिछले पांच साल से इन्हीं कमियों के कारण एमबीबीएस सीटों की मान्यता खतरे में थी। हालांकि सिम्स को इस साल 150 में 50 सीटों की मान्यता नहीं दी है। यह डॉक्टरों की कमी के कारण है।

150 सीटों को स्थायी मान्यता

-नेहरू मेडिकल कॉलेज को 2015 में एमबीबीएस की 150 सीटाें के लिए स्थायी मान्यता मिल चुकी है। डॉक्टरों के प्रमोशन के बाद अब फैकल्टी की संख्या भी बढ़ गई है। नए मापदंड के अनुसार कॉलेज में 180-180 छात्रों की क्षमता वाला चार लेक्चर हॉल होने चाहिए, जो है।

- वर्तमान में 350 सीटों की क्षमता वाला नया लेक्चर हॉल भी बन गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने नए सत्र के लिए राजनांदगांव, अंबिकापुर, जगदलपुर व रायगढ़ को मान्यता दे दी है। रायपुर समेत इन कॉलेजों में एमबीबीएस की 600 सीटें हैं।

650 बेड चाहिए और हैं 1100

- एमसीआई के नए मापदंड के अनुसार 150 सीटों के लिए 750 के बजाय 650 बेडे वाला अस्पताल चाहिए। अंबेडकर अस्पताल में 1150 बेड है। यह एमबीबीएस की 200 बेड के लिए पर्याप्त है। डीके में खुलने वाले सुपर स्पेश्यालिटी अस्पताल शुरू होने के बाद बेड की संख्या फिर बढ़ जाएगी।

इसलिए 200 सीटों के लायक
- 1150 बेड व हर फैकल्टी में 250 से ज्यादा डॉक्टर।
- 500 क्षमता का आडिटोरियम, हजार वाला भी तैयार।
- नया ब्वायज व गर्ल्स होस्टल का निर्माण पूरा।
- 350 छात्रों की क्षमता वाला नए लेक्चर हाल बना।
- वार्डों, विभागों के लिए अतिरिक्त कमरों का निर्माण।

कॉलेज में डॉक्टर की संख्या

- प्रोफेसर 31
- एसो. प्रोफेसर 60
-असि. प्रोफेसर 90
- सीनियर रेसीडेंट 35
- जूनियर रेसीडेंट 50
- डेमोंस्ट्रेटर 25

कट आफ इस तरह गिरेगा

- पिछले साल नेहरू मेडिकल कॉलेज में स्टेट कोटा में अनरिजर्व केटेगरी वालों को नीट में 16401 रैंक पर एडमिशन मिला था। वहीं ओबीसी को 10952 रैंक, एसटी को 2 लाख 21 हजार 124 व एससी को एक लाख 10 हजार 886 रैंक वालों को एडमिशन मिला था।

- 50 सीटें बढ़ने पर अनरिजर्व समेत ओबीसी, एसटी व एससी केटेगरी वालों को फायदा होगा। जानकारों के अनुसार सभी में कट अाफ गिर जाएगा और नीचे रैंक वालों का रायपुर में एडमिशन होगा।

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