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बिना लॉग बुक जांचे ही दालभात केंद्रों को दिया 360 क्विंटल राशन, 6 हजार किलो चावल हेराफेरी मामले में भी जांच नहीं

Raipur News - रायपुर

Dainik Bhaskar

Dec 08, 2018, 03:01 AM IST
Raipur News - 360 quintals of rice 6 thousand kilograms of rice rigging in the case of dalhatab
रायपुर
डीबी स्टार टीम को जानकारी मिली कि चावल सप्लाई में फर्जी तरीके से लॉग बुक एंट्री करने का खेल चल रहा है। टीम ने इसकी पड़ताल की तो खुलासा हुआ कि पिछले कुछ समय से दालभात केंद्रों में सामान सप्लाई के नाम पर बड़ा गोलमाल किया जा रहा है। शहर में 13 दालभात सेंटर संचालित है। इनमें से ज्यादातर दालभात केंद्रों में बिना लॉग बुक जांचे ही चावल से लेकर तमाम तरह की सामग्रियों की सप्लाई हो रही है। जिम्मेदार भी बिना जांचे और मॉनीटरिंग किए ही राशन की सप्लाई कर रहे है। हर महीने गड़बड़ी कर सामाग्रियों की सप्लाई हो रही है। इतना ही नहीं, तीन साल पहले जिस संस्था के खिलाफ राज्य उत्सव के दौरान 180 क्विंटल चावल घोटाला हुआ, उसका जांच ही नहीं हो पाया है।

मनमानी

राजधानी में 13 दाल-भात केंद्र लोगों की सुविधा के लिए खाद्य विभाग से संचालित हैं, लेकिन यहां विभाग द्वारा मनमाना चावल आवंटित किया जाता है। खाने वालों की बिना जांच किए ही विभाग आवंटन किया जा रहाह ै।



investigation

विभागीय अफसर बिना जांच के ही कर रहे राशन सप्लाई केंद्रों में खाने आने वालों रिकॉर्ड की भी जांच नहीं

दो पर हो चुकी है कार्रवाई

राज्योत्सव 2016 के लिए दो संस्थाओं को तीन-तीन सौ क्विंटल चावल का आवंटन विभाग से किया गया था। जिसमें से मां कंकाली महिला स्व सहायता समूह के संचालक ने अपने आवंटन का चावल उठाया ही नहीं था। इसलिए दाल-भात केंद्र सिर्फ प्रियदर्शी महिला सहकारी संस्था को 300 क्विंटल चावल आवंटित किया गया और 120 क्विंटल में कार्यक्रम में आए लोगों को भोजन उपलब्ध कराया गया। इसी संस्था को एम्स में दाल-भात केंद्र चलाने की जिम्मेदारी विभागीय अधिकारियों ने दे दी। जिसके बाद इन दाेनों पर कार्रवाई हुई थी।

मॉनीटरिंग के अभाव में 76 केंद्र हो गए बंद

गरीबों का पेट भरने के लिए राज्य में 2004 से शुरू किए गए दाल-भात केंद्रों का बुरा हाल है। प्रदेश में शुरू किए गए 158 दाल-भात केंद्रों में से 76 केंद्र बंद हो गए हंै। जिसकी वजह से गरीबों को इधर-उधर भटकना पड़ रहा है, जबकि नियम के अनुसार केंद्रों की मॉनीटरिंग कर सामान की सप्लाई की जानी चाहिए।

दो रुपए किलो की दर से राशन का होता है आवंटन

नो लॉस-नो प्रॉफिट की तर्ज पर शुरू किए गए इन दाल-भात केंद्रों को चलाने का जिम्मा महिला समूहों, समाजसेवी संस्थाओं और व्यक्तिगत रूचि रखने वाले लोगों को दिया गया है। ग्राहकों की संख्या के आधार पर इन केंद्रों को राज्य सरकार की तरफ से दो रुपए किलो वाला चावल आवंटित किया जाता है। सरकार न तो दाल का आवंटन करती है और न ही रसोईयों को मजदूरी दी जाती है। यह सारी व्यवस्था संचालक को खुद करनी होती है। यही वजह है कि अधिकांश केंद्र बंद होते जा रहे हैं।

लापरवाही

इन 13 दालभात केंद्रों के राशन वितरण में गड़बड़ी उजागर

सिद्धीपीठ खल्लारी महिला समूह कलेक्ट्रेट

अन्नपूर्णा दालभात केंद्र स्टेशन चौक

दालभात केंद्र खमतराई

विकास समिति बिलाड़ी

बंजारी धाम ट्रस्ट रावांभाठा

अन्नपूर्णा दालभात केंद्र उरला

छग प्रदेश अग्रवाल महासभा

जय मां दुर्गा समूह नवापारा

माँ ककाली महिला स्वसहायता समूह

जय माँ विध्यवासिनी स्व सहायता समूह अभनपुर

गुलमाेहर महिला स्वसहायता समूह

प्रगतिशील प्राथमिक सहकारी उपभोक्ता भंडार

प्रदेश में संचालित दालभात केंद्र

मामले की शिकायत मिली है, जांच कराई जाएगी

 मामले की शिकायत मिली है। विभागीय अधिकारियों की लापरवाही की जांच कराई जा रही है। जिनकी भी संलिप्तता है, उन पर कार्रवाई की जाएगी। पूर्व में गड़बड़ी को लेकर 2016 में जांच करवाई गई थी। जिसमें दो समूहों पर कार्रवाई की गई थी। जीएस राठौर, खाद्य नियंत्रक, खाद्य विभाग, रायपुर

ज्यादातर केंद्रों में कैमरे ही नहीं लगे, इसलिए हो रही गड़बड़ियां

153

वर्तमान में बंद

76

56.07क्विंटल

36.45 क्विंटल

24.03 क्विंटल

15.03 क्विंटल

45.63 क्विंटल

18 क्विंटल

32.58 क्विंटल

27 क्विंटल

43.2 क्विंटल

18 क्विंटल

19.98 क्विंटल

27 क्विंटल

जिले में संचालित दालभात केंद्र

13

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