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तीन साल में 34 नक्सलियों को मार गिराने वाले 76 जवानों ने पाया आउट आॅफ टर्न

नक्सलियों के खिलाफ चल रहे ऑपरेशन्स में स्थानीय स्तर पर गठित डीआरजी की टीम नक्सलियों पर भारी पड़ रही है।

Danik Bhaskar | Apr 30, 2018, 10:56 AM IST
प्रतीकात्मक फोटो। प्रतीकात्मक फोटो।

दंतेवाड़ा। नक्सलियों के खिलाफ चल रहे ऑपरेशन्स में स्थानीय स्तर पर गठित डीआरजी की टीम नक्सलियों पर भारी पड़ रही है। जैसे ही इस टीम को जंगल में नक्सलियों के मौजूदगी की सूचना मिलती है, डीआरजी के 300 जवान जंगल में घुसते हैं, टीम घुसने की सूचना पर कभी नक्सली दबे पांव भाग खड़े होते हैं तो कभी घंटों मुठभेड़ भी होती है। इसी भारीपन का नतीजा है कि तीन सालों में अब तक इस टीम ने 34 नक्सलियों को ढेर कर दिया है। इसमें अहम भूमिका निभाने वाले 76 जवानों को आउट ऑफ टर्म क्रमोन्नति मिली है।

- इस ऑपरेशन्स में जाने वाले जवानों को कई बार असफलता भी हाथ लगी है। नक्सल ऑपरेशन के एएसपी गोरखनाथ बघेल ने बताया कि नक्सलियों के खिलाफ चल रहे ऑपरेशन में डीआरजी की भूमिका सबसे अहम है। तीन सालों में इस टीम ने 34 नक्सलियों को मार गिराया है। अब तक 76 जवानों को क्रम से पूर्व पदोन्नति मिली है।

- नक्सल ऑपरेशन के एएसपी गोरखनाथ बघेल साल 1996 में बालाघाट में नक्सलियों से मुकाबला कर चार नक्सलियों को मार गिराया था। जिन्हें क्रम से पहले पदोन्नति मिली थी। डीआरजी के जवानों ने बताया कि एसपी कमलोचन कश्यप, एएसपी गोरखनाथ बघेल लगातार मोटिवेट करते रहते हैं।