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रविवि को 15 साल का प्लान बताने 80 मिनट, इसमें पास तो मिलेगा हजार करोड़ का ग्रांट

विवि को अपनी बात रखनी होगी। यूजीसी से इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस के तहत रविवि को बुलावा आया है।

Dainik Bhaskar

May 01, 2018, 08:13 AM IST
80 minutes to Ravi Shankar Shukla University for 1000 crores grant of UGC

रायपुर. यूजीसी के 1000 करोड़ के लिए सात मई को पं.रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय का टेस्ट होगा। विश्वविद्यालय को सिर्फ दस स्लाइड में पूरे 15 साल का प्लान बताना होगा। इसके लिए 80 मिनट मिलेंगे। इसमें भी विवि को अपनी बात रखनी होगी। यूजीसी से इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस के तहत रविवि को बुलावा आया है। विश्वविद्यालय से कुलपति केएल वर्मा, डीसीडीसी एके. गुप्ता, फाइनेंस कंट्रोलर उमेश अग्रवाल, भू-विज्ञान विभाग के प्रोफेसर और योजना के इंचार्ज निनाद बोधनकर और प्रोफेसर एनके. बाघमार दिल्ली जाएंगे। यहां वे प्रजेंटेशन देंगे।


इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस के लिए रविवि से नवंबर में आवेदन भेजा गया था। कुछ दिन पहले इसकी स्वीकृति को लेकर विवि को पत्र मिला। साथ ही दस स्लाइड में पूरे 15 साल के योजना की जानकारी भी मांगी गई। विवि से पूरा प्लान पहले ही यूजीसी को भेजा जा चुका है। अब इसके अनुसार ही प्रजेंटेशन होगा। विश्वविद्यालय को यूजीसी से सात मई को सुबह दस से लेकर 11.20 तक का समय मिला है। यानी कुल 80 मिनट। इसमें ही प्रजेंटेशन देना होगा और अच्छे तरीके से अपनी बात रखनी होगी।

हालांकि टॉप-टेन में जगह बनाने के लिए रविवि को काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। क्योंकि कुछ दिन पहले नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) की रिपोर्ट जारी की गई। इसमें रविवि को टॉप-100 में जगह नहीं दी गई। इसके बाद भी इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस के लिए उम्मीदें कायम है। विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने बताया कि पंद्रह साल के प्लान के अनुसार ही स्लाइड भी बनाई जाएगी। इसमें विश्वविद्यालय की क्षमता, शक्ति, विजन समेत अन्य पर चर्चा होगी।

20 संस्थान का होगा चयन

इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस के तौर पर देश के टॉप 20 शिक्षण संस्थाओं का चयन होगा। योजना में शामिल होने पर प्रत्येक संस्थान को 1000 करोड़ मिलेंगे। यूजीसी से शिक्षण संस्थानों का चयन होगा। इनमें से 10 पब्लिक सेक्टर से जुड़े संस्थान होंगे, जबकि 10 निजी। जिन पब्लिक सेक्टर संस्थानों का चयन होना है, उनमें आईआईटी, सेंट्रल यूनिवर्सिटी, राजकीय विश्वविद्यालय समेत अन्य हैं। इसके अलावा अन्य प्राइवेट संस्थान होंगे। साल 2018 में ही योजना के तहत संस्थानों का चयन प्रक्रिया पूरी की जाएगी।


नए कोर्स शुरू होंगे
शिक्षाविदों ने बताया कि हजार करोड़ रविवि को मिलेगा तो काफी फायदा होगा। विवि की न सिर्फ स्थिति बदलेगी, बल्कि कई नए कोर्स भी शुरू किए जा सकेंगे। रिसर्च को बढ़ावा मिलेगा। छात्रों को यह फायदा होगा इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस बनने से प्लेसमेंट की संभावना बढ़ेगी। कंपनियों का ध्यान रविवि के प्रति बदलेगा। नए डिपार्टमेंट शुरू हो सकते हैं। जो कोर्स हैं वर्तमान में उन्हें और बेहतर किया जा सकता है।

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