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घर से भागी 2 छात्राओं ने बनाया प्रताड़ना का बहाना, सगी मां को बता दिया सौतेली

लड़कियों को घर से जाने का कारण पूछा गया तो उन्होंने अपनी सगी मां को भी सौतेली का दर्जा दे दिया।

Dainik Bhaskar

Dec 27, 2017, 07:44 AM IST
डेमोफोटो डेमोफोटो

बालोद. रनचिरई थाना क्षेत्र के एक गांव से 9 दिसंबर को दो नाबालिग लड़कियां सिकोसा से बस में सवार होकर लापता हो गई थी। जिन्हें तीन दिन पहले गुंडरदेही पुलिस ने आंध्रप्रदेश से तलाश कर बालोद लाया। जब पुलिस सखी सेंटर वालों ने इन लड़कियों को घर से जाने का कारण पूछा गया तो उन्होंने अपनी सगी मां को भी सौतेली का दर्जा दे दिया।

घर से भागने का वास्तविक कारण छुपाकर दोनो छात्राओं ने कई तरह की प्रताड़ना के बहाने बना दिए। कहने लगे कि हम वापस घर नहीं जाएंगे। तीन दिन तक इन दोनों छात्राओं के घर नहीं लौटने की जिद के कारण उन्हें सखी सेंटर बालोद में ही रखा गया था। जिन्हें मंगलवार को सखी सेंटर की प्रभारी प्रावीण्य लता मारकंडे ने सीडब्ल्यूसी यानि बाल संरक्षण विभाग को सौंपा। जहां महिला बाल विकास विभाग के जरिए इन बच्चों की दोबारा काउंसलिंग की गई।

मौके पर उनके माता-पिता को भी बुलाया गया। तब छात्राओं का पहले दिया हुआ बयान झूठा साबित हुआ। जिस मां को एक छात्रा ने सौतेली बताया था, वह सगी निकली। दोनों ने घर से भागने के जितने भी कारण बताए थे, वह भी झूठा पाया गया। माता-पिता ने बच्चों की सच्चाई सामने लाई। एक परिजन ने कहा उनकी बेटी देर रात तक किसी से मोबाइल में बात करती थी। जिसे वह बार-बार मना करती थी। लेकिन वह नहीं मानती थी।

आंध्रप्रदेश में जूस फैक्ट्री में कर रही थी काम

पूछताछ में दोनों छात्राओं ने बताया कि 9 दिसंबर को सिकोसा से बस से कवर्धा चली गई थी। वहां एक रिश्तेदार के घर जाना था। लेकिन वह नहीं मिले तो वापस राजनांदगांव गए। राजनांदगांव बस स्टेशन में एक ठेकेदार खलील खान ने उन्हें अपने साथ काम दिलाने के तमिलनाडु ले गया। वहां एक जूस फैक्ट्री में दोनों को काम पर भी लगा दिया। इधर दोनों छात्राओं के गायब होने की सूचना के बादं पुलिस ने सुरक्षित वापस बालोद लाया।

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