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11वीं में सवा लाख छात्र, किताबें 70 हजार छापीं, 30% को ही बंटीं, मार्च में परीक्षा

सुधीर उपाध्याय | Last Modified - Feb 13, 2018, 07:27 AM IST

भाषा और आर्ट्स को छोड़ पिछले साल ही लागू हुआ था एनसीईआरटी का कोर्स
11वीं में सवा लाख छात्र, किताबें 70 हजार छापीं, 30% को ही बंटीं, मार्च में परीक्षा

रायपुर.मार्च में सीजी बोर्ड द्वारा 11वीं की परीक्षा कराई जाएगी। लेकिन भाषा और आर्ट्स को छोड़ अन्य संकाय के छात्रों के पास पढ़ने के लिए अब तक किताबें नहीं हैं। इन संकायों का सिलेबस पिछले वर्ष ही बदलकर राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) का कोर्स लागू किया गया था। प्रदेश में इससे करीब सवा लाख छात्र प्रभावित होंगे।

70% के पास या तो किताबें नहीं या निजी प्रकाशकों का सहारा


- छात्रों को किताबें देने के लिए राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) के प्रस्ताव पर पाठ्य पुस्तक निगम ने इनके लिए किताबें छापीं। लेकिन यह 70 हजार किताबों का ही प्रकाशन हुआ। इनमें से आधी किताबें बिकीं, आधी बच गई हैं। इस तरह, सीजी बोर्ड की 11वीं के 70 फीसदी (करीब 80 हजार) छात्र सत्र पूरा करके इन किताबों के बिना ही वार्षिक परीक्षा देने जा रहे हैं।

- शिक्षाविद् स्वीकार करते हैं कि सिर्फ 30 फीसदी छात्रों के पास एनसीईआरटी की किताबें हैं और उसी के हिसाब से उन्होंने पढ़ाई की, लेकिन बाकी छात्रों ने या तो किताबें खरीदी ही नहीं या प्राइवेट पब्लिशर्स की किताबों से पढ़ाई कर रहे हैं। इनके लिए एनसीईआरटी की किताबों से आने वाले सवाल अबूझ भी हो सकते हैं।

एनसीईआरटी कोर्स इसलिए लागू हुआ

प्रतियोगी व प्रवेश परीक्षाओं में एनसीईआरटी कोर्स के अनुसार सवाल पूछे जाते हैं। इसके लिए एससीईआरटी व एनसीईआरटी के बीच एमओयू हुआ। नया कोर्स पढ़ाने के लिए शिक्षकों का प्रशिक्षण भी हुआ। इस पर लाखों खर्च हुए। प्रदेश में पहली से दसवीं तक सीजी बोर्ड के बच्चों किताबें मुफ्त बांटी जा रही हैं, लेकिन 11वीं-12वीं के लिए किताबें खरीदनी पड़ती हैं।


मानीटरिंग नहीं हुई

11वीं में जिन विषयों में एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू है। उसमें यही किताब चल रही है या फिर दूसरी किताब। इसकी मॉनिटरिंग का कोई सिस्टम नहीं है। शिक्षकों के अनुसार 11वीं-12वीं में किताबें खरीदनी पड़ती हैं। इसलिए छात्रों पर यह दबाव नहीं बना सकते कि वे कौन सी किताब खरीदें। कई बच्चे प्राइवेट पब्लिशर्स की किताब रिफरेंस बुक के रूप में पढ़ते हैं। जबकि बड़ी संख्या में ऐसे भी छात्र हैं जो सिर्फ गाइड से पढ़ाई करते हैं।

जीवविज्ञान, रसायन, भौतिकी, गणित, काॅमर्स में व्यवसाय अध्ययन, लेखाशास्त्र व अर्थशास्त्र विषय में पिछले साल एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू कर दिया गया है और आने वाले सत्र की 12वीं में भी यही कोर्स होगा।

सस्ती किताबें, पर छात्रों तक नहीं पहुंचीं

एनसीईआरटी कि किताबें प्राइवेट पब्लिशर्स की किताबों से सस्ती मानी जाती हैं। फिर भी छात्रों तक यह नहीं पहुंच रहीं। इस साल एनसीईआरटी की जो किताबें लागू है उसका शुल्क इस प्रकार है। गणित- 180 रुपए। भौतिकी भाग एक- 105 रुपए, भाग दो- 130 रुपए। रसायन- 155 और 105 रुपए। जीव विज्ञान- 200 रुपए। अर्थशास्त्र- 55 रुपए और व्यवसाय अध्ययन- 70 रुपए। प्राइवेट पब्लिशर्स की किताबों का रेट 350 से लेकर 450 रुपए तक है।

एससीईआरटी संचालक -सुधीर अग्रवाल के मुताबिक, एनसीईआरटी कोर्स 11वीं में जिन विषयों में लागू है, वहां उसके अनुसार ही पढ़ाई होनी चाहिए। स्कूल के शिक्षक व प्राचार्य को इस पर ध्यान देना चाहिए। अन्य तरह की किताबें का उपयोग ठीक नहीं।

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Web Title: 11vin mein svaa laakh chhaatr, kitaaben 70 hazaar chhaapin, 30% ko hi bntin, March mein pariksaa
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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