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अब घर की छत पर बन सकेगी बिजली, बेचने का अधिकार भी: कैबिनेट ने दी मंजूरी

मुख्यमंत्री ने बताया कि सोलर पावर प्लांट में पैदा होने वाली बिजली का शुल्क कम होगा।

Danik Bhaskar | Dec 20, 2017, 08:47 AM IST
सिम्बॉलिक इमेज। सिम्बॉलिक इमेज।

रायपुर. छत्तीसगढ़ में घर-घर की छत पर बिजली बनाई जा सकेगी। साथ ही मकान मालिकों को बिजली बेचने का अधिकार भी होगा। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में सौर शक्ति योजना को मंजूर किया गया। इसके तहत रूफटॉप सोलर पावर प्लांट स्थापित करने के लिए छत पर कम से कम दो हजार वर्गफीट जगह की आवश्यकता होगी। इसके लिए भवन मालिक के साथ अनुबंध भी किया जा सकेगा।

- 10 किलोवाट क्षमता के रूफटाप सोलर पावर प्लांट लगाने के लिए क्रेडा द्वारा निविदा आमंत्रित कर न्यूनतम दर पर सोलर पावर प्लांट से उत्पादित बिजली का क्रय करने के लिए सिस्टम एन्टीग्रेटर से प्राप्त प्रस्ताव को मान्य कर दिया गया है।

- पूरे राज्य में न्यूनतम दर पर सोलर पावर प्लांट से बिजली का क्रय कर सोलर पावर प्लांट की स्थापना की अनुमति सिस्टम इंटीग्रेटर को दी जाएगी। यह योजना क्रेडा के माध्यम से छत्तीसगढ़ विद्युत वितरण कम्पनी और सिस्टम इंटीग्रेटर के समन्वय से लागू की जाएग। इस योजना के अंतर्गत वर्ष 2020 तक लगभग 400 मेगावाट क्षमता तक के रूफटॉप सोलर पावर प्लांट की स्थापना की संभावना है।

- निर्धारित न्यूनतम दर पर क्रेडा में पंजीकृत अन्य सिस्टम इंटीग्रेटर द्वारा भी प्रदेश के शासकीय, निजी, वाणिज्यिक, संस्थागत भवनों की छतों पर दस किलोवाट क्षमता तक के सोलर पावर प्लांट की स्थापना स्वयं के व्यय पर की जाएगी।

- योजना के अंतर्गत सोलर पावर प्लांट से उत्पादित बिजली का उपयोग भवन स्वामी कर सकेंगे और अतिरिक्त बिजली ग्रिड में सप्लाई की जाएगी।

- ग्रिड में सप्लाई की गई बिजली के लिए छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कम्पनी (छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कम्पनी) द्वारा भवन के स्वामी को राज्य के विद्युत नियामक आयोग द्वारा निर्धारित दर पर भुगतान किया जाएगा।

- इससे भवन के स्वामी को बिजली की मद में आने वाले व्यय में राहत मिलेगी. छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कम्पनी द्वारा सोलर पावर प्लांट से उत्पादित कुल बिजली के आधार पर सिस्टम इंटीग्रेटर द्वारा प्रस्तावित न्यूनतम दर के मान से बिल की राशि वसूल कर भुगतान सिस्टम इंटीग्रेटर को किया जाएगा, जो उसके निवेश की वापसी की गारंटी देगा और उसकी आय का स्त्रोत भी रहेगा।

- मुख्यमंत्री ने बताया कि सोलर पावर प्लांट में पैदा होने वाली बिजली का शुल्क कम होगा।