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35 साथियों को फंसता देखकर बैकअप दे रहे थे, खुद एंबुश में फंसे चारों जवान शहीद

तीन दिन पहले नक्सलियों से हुई मुठभेड़ में शहीद हो गए थे चार जवान।

Danik Bhaskar | Jan 29, 2018, 08:36 AM IST

जगदलपुर. नारायणपुर के इरपानार मुठभेड़ का पूरा सच इस ऑपरेशन से लौटे जवान सामने लाए हैं। कुछ जवानों ने बताया कि फोर्स का नक्सलियों तक पहुंचना तय था लेकिन नक्सलियों ने इसे अपॉरच्युनिटी एंबुश के तौर पर लिया और जवानों पर हमला कर दिया। मुठभेड़ में शामिल जवान ने बताया कि शहीद चार जवानों ने मुठभेड़ के दौरान अपने 35 साथियों को एंबुश प्वाइंट से बचाने बैकअप एक्शन लिया था इसी दौरान वे खुद एंबुश टारगेट में फंस गए।

3 टुकड़ियां ऑपरेशन के लिए निकली थीं
जवान ने माना कि एनकाउंटर प्लान के मुताबिक जवानों का टारगेट इरपानार और गुमटेर का जंगल था जहां नक्सलियों बड़ी मौजूदगी की सूचना के बाद एसपी ने ही यहां के लिए ऑपरेशन प्लान किया था। मुठभेड़ से पहले सुबह 7 बजे जवानों ने गुमटेर के जंगल में नक्सलियों के सामान को नष्ट किया था। जवानों ने बताया कि डीआरजी, जिला बल, एसटीएफ की 3 टुकड़ियां ऑपरेशन के लिए निकली थीं और उन्हें 11 किलोमीटर का फासला ऑपरेशन के दौरान तय करना था।

गणतंत्र दिवस के विरोध में जुटे थे नक्सली

अबूझमाड़ में बड़ी में बड़े नक्सली गणतंत्र दिवस के विरोध समारोह आयोजित करने जुटे थे। ऐसे में यहां बस्तर में सक्रिय कई बड़े नक्सली भी पहुंचे हुए थे। भास्कर ने घटना के तुरंत बाद ही पाठकों को बता दिया था कि अबूझमाड़ के बार्डर में सुरक्षा के लिए महाराष्ट्र और दरभा सहित बस्तर के दीगर इलाके के नक्सलियों को तैनात रखा गया था। घटना के बाद ऑपरेशन से लौटे जवानों ने बताया कि घटनास्थल पर नक्सली नेता हिड़मा जो सुकमा के जंगलों में सक्रिय रहता है वह भी यहां था। इसके अलावा अपॉरच्युनिटी एंबुश को लीड महिला नक्सली नीति उर्फ उर्मिला कर रही थी।

कई नक्सलियों ने पहनी थी पुलिस की वर्दी
मुठभेड़ में मौजूद जवानों ने बताया कि जंगलों में 500 से अधिक नक्सली मौजूद थे जिसमें महिला नक्सलियों की संख्या अधिक थी और कई नक्सली पुलिस की वर्दी में भी दिखाई दे रहे थे। 24 जवानों की एक टुकड़ी पर नक्सलियों ने देशी एचई बम, तीर बम, पेट्रोल बम और हेंड ग्रेनेड से कई बार हमला किया। जवानों ने बताया कि हमले की शुरूआत में ही पुलिस की वर्दी पहने नक्सलियों के चलते धोखा हुआ। इसके बाद गोंडी भाषा में नक्सली जवानों को आवाज लगाते कह रहे थे कि वे उनके साथी हैं उन पर गोलियां न चलाने की बात कह रहे थे।

पांच से ज्यादा नक्सली भी मारे गए : आईजी

आईजी विवेकानंद सिन्हा ने बताया कि पांच से छह नक्सली भी ढेर हुए हैं। ऑपरेशन से लौटे जवानों का भी कहना है कि जवाबी कार्रवाई में मोर्टार, एलएमजी और यूबीजीएल से हमला किया। इनके मुताबिक जब जवानों ने यूबीजीएल से हमला किया तो 2 बार नक्सलियों के मेन टारगेट में यूबीजीएल का गोला गिरकर फटा इससे कई नक्सली भी घायल हुए और मारे गए हैं।