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होटल में पिता के साथ कुकिंग से प्लेटें तक धोईं, ये काम करते क्रैक किया PSC

घर चलाने के लिए रोजाना लगभग आठ घंटे तक होटल में पिता के साथ काम करने वाले श्रीधर ने सिटी भास्कर से अपनी सक्सेस स्टोरी श

Dainik Bhaskar

Dec 30, 2017, 09:10 AM IST
अपने होटल में ग्राहकों के लिए अपने होटल में ग्राहकों के लिए

रायपुर. ये कहानी है श्रीधर पांडा की। रामनगर, गुढ़ियारी में रहने वाले 27 साल के श्रीधर पिता नीलकंठ के साथ छोटा-सा भोजनालय चलाते हैं। होटल में पिता के साथ सब्जी काटने, खाना बनाने, ग्राहकों को खाना परोसेने, पानी पिलाने यहां तक की प्लेट धोने तक का काम करने वाले श्रीधर ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। सीजी पीएससी 2016 के एग्जाम में श्रीधर ने 75वीं रैंक हासिल की है। अब उन्हें डीएसपी या नायब तहसीलदार का पद मिलने की संभावना है। घर चलाने के लिए रोजाना लगभग आठ घंटे तक होटल में पिता के साथ काम करने वाले श्रीधर ने सिटी भास्कर से अपनी सक्सेस स्टोरी शेयर की।


कई बार सोचा सब छोड़कर सिर्फ होटल चलाऊं
चौथे प्रयास में पीएससी क्रैक करने वाले श्रीधर ने बताया, साल 2013 में मैंने पहली बार बिना तैयारी के पीएससी का एग्जाम दिया। प्री भी क्लीयर नहीं कर सका। 2014 और 15 में मेंस तक पहुंचा, लेकिन सक्सेस नहीं मिली। फेल होने के गम ने इतना सताया कि कई रातों तक ठीक से नींद तक नहीं आई। कई बार ऐसा ख्याल आया कि सब छोड़कर सिर्फ होटल संभालूं। ऐसे वक्त में पैरेंट्स और दोस्तों ने हौसला बढ़ाया। साल 2016 में मैंने अंकित अग्रवाल सर से गाइडेंस ली। उन्होंने मेरा टेस्ट लिया। रिजल्ट देखकर मुझे निशुल्क गाइडेंस दी। मेरी खामियां बताईं और फोकस्ड स्टडी के लिए मोटिवेट किया। इसके बाद मैंने सिर्फ वही पढ़ा, जो सिलेबस में शामिल था। होटल के काम के बाद जो भी समय मिलता उसमें तैयारी करता। रिजल्ट आपके सामने है।

इंटरव्यू में बोले- पिता से सीखा मैनेजमेंट
सवाल: हलवाई पिता से आपने क्या सीखा?
जवाब:
मैनेजमेंट और एडमिनिस्ट्रेशन सीखा। उदाहरण देते हुए बोले- अगर सब्जी में नमक तेज हो जाए तो उसे फेंकने के बजाय तुरंत डिसीजन लेना। प्लान बी फॉलो करते हुए टमाटर और दही जैसे इंग्रीडीएंट्स मिलाकर उसे नई डिश बना देना।

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