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सीएम ने अफसर से कहा 3 महीने में सुधारो, वरना बदल दूंगा, 3 घंटे बाद सस्पेंड

सीएम ने यहां तक कह दिया कि हमारे जिले में ही ऐसा है तो बाकी जगहों पर क्या हो रहा होगा?

Danik Bhaskar | Dec 16, 2017, 08:47 AM IST
आश्रम में रमन, मूणत व अन्य। आश्रम में रमन, मूणत व अन्य।

रायुपर/कवर्धा. बोड़ला ब्लॉक के तरेगांव में तेंदूपत्ता बोनस बांटने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह अचानक एकलव्य स्कूल पहुंचे और बच्चों के साथ भोजन करने लगे। इसके बाद वे उस कमरे को देखने चले गए जहां खाना बन रहा था। अफसरों ने उन्हें दूसरी ओर ले जाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन वे सीधे किचन में जाकर रुके। यहां अव्यवस्था और गंदगी देख वे भड़क गए। उन्होंने यहां तक कह दिया कि हमारे जिले में ही ऐसा है तो बाकी जगहों पर क्या हो रहा होगा? गुस्से में सीएम ने और क्या-क्या कहा- पढ़िए लाइव...

बोनस बांटने के बाद मुख्यमंत्री अचानक खाना खाने पहुंचे थे आश्रम स्कूल

बच्चों के कमरे में घुसते ही सीएम ने पहले चारों ओर देखा, फिर बोले- बच्चे ऐसी स्थिति में रहते हैं? ये तो व्यवस्थित तक नहीं है। (एक छोटे कमरे की ओर इशारा करते हुए) ये क्या कबाड़ रखा है। ऐसा थोड़े ही न होता है।

कलेक्टर : सर! हमने यहां सुधार की प्लानिंग की है।
नपं. अध्यक्ष : सहायक आयुक्त तो यहां आते ही नहीं हैं। कभी आते भी हैं, तो खानापूर्ति कर चले जाते हैं।
कमरे से बाहर निकलते ही सीएम ने एसी ट्राइबल से पूछा : आप कौन हैं?
आदिम जाति विभाग के सहायक आयुक्त ने अपना परिचय दिया।
मुख्यमंत्री : इतने बड़े पद पर बैठे हैं और व्यवस्था तक नहीं संभाल पा रहे। शेष|पेज 11
इस स्कूल में 350 बच्चे रहते हैं। पूरे भवन की हालत खराब है।
राजेश मूणत : यहां टॉयलेट की स्थिति भी खराब है। टॉयलेट में सीट तक नहीं है। हम स्वच्छ भारत मिशन चला रहे हैं और स्कूल में टॉयलेट की ये हालत है।
एसी ट्राइबल : सफाई कराते हैं, सर।
मुख्यमंत्री : यहां तो चारों ओर हरियाली होनी चाहिए। 350 बच्चे हैं आपके पास। यदि एक-एक बच्चा एक-एक पौधा लगाएगा, तो पूरा क्षेत्र हरा-भरा हो जाएगा। इतना तो कर सकते हैं?
एसी ट्राइबल : जी सर
मुख्यमंत्री : इतनी खराब व्यवस्था है। मेरे ही जिले में ये हाल है, तो बाकी की क्या हालत होगी?
एसी ट्राइबल : हम कर रहे हैं।
(आईजी दीपांशु काबरा उन्हें इशारा कर चुप रहने को कहा)
मुख्यमंत्री : एक भी आश्रम-छात्रावास खराब हालत में न हो मैं कभी भी, कहीं भी आकर देखूंगा। 3 माह में स्थिति नहीं सुधरी, तो किसी छोटे-मोटे पर कार्रवाई नहीं करूंगा। सीधे बदल दूंगा।
नपं. अध्यक्ष : यह हाल सभी हॉस्टल का है।
मुख्यमंत्री : (एसी ट्राइबल से) ऐसी व्यवस्था में बच्चे हॉस्टल में रह पाएंगे? (कलेक्टर की ओर मुखातिब होकर) अब हॉस्टल से जुड़ी कोई शिकायत नहीं आनी चाहिए।
सीएम के साथ ये भी थे: पीडब्ल्यूडी मंत्री राजेश मूणत, मंत्री महेश गागड़ा, कलेक्टर नीरज बनसोड़, बोड़ला नपं. अध्यक्ष रूपनाथ मानिकपुरी, आईजी दीपांशु काबरा और सहायक आयुक्त ट्राइबल एमएल देशलहरे।
3 घंटे बाद सहायक आयुक्त सस्पेंड : सीएम के दौरे के तीन घंटे बाद ही शुक्रवार शाम 7 बजे आदिम जाति कल्याण विभाग की विशेष सचिव रीना कंगाले ने कबीरधाम जिले के सहायक आयुक्त एमएल देशलहरे को सस्पेंड कर दिया।