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कभी किक्रेट खेलने पुराने कपड़ों से बना पैड करते थे इस्तेमाल, अब खेलेंगे IPL

छत्तीसगढ़ की रणजी टीम में आॅल राउंडर जतिन के भाई भी केरल से खेल रहे हैं।

Danik Bhaskar | Jan 30, 2018, 05:54 AM IST
एक मैच के दौरान जतिन। एक मैच के दौरान जतिन।

भिलाई(छत्तीसगढ़). आईपीएल सीजन -11 में राजस्थान रॉयल्स की टीम से शहर का जतिन सक्सेना खेलते हुए दिखेगा। दो साल बाद मैदान उतरने जा रही राजस्थान रॉयल्स की टीम ने जतिन को 20 लाख रुपए बेस प्राइज देकर खरीदा है। वे छत्तीसगढ़ रणजी टीम के सदस्य हैं। टी-20 में उनका स्ट्राइक रेट 127 है। रणजी में भी 32 के औसत से उन्होंने 324 रन बनाए हैं।

कभी किक्रेट खेलने पुराने कपड़ों से बना पैड करते थे इस्तेमाल

उनके इस सफर में उनके पिता का सबसे बड़ा योगदान है। उन्होंने न केवल आठ साल की उम्र में जतिन और जलज दोनों लड़कों को खेलने के लिए प्रेरित किया। बचपन में उनके साइज के पैड नहीं मिले तो पहले उन्होंने घर में रखे पुराने कपड़े और कतरन से उनके लिए पैड बनाए। हर दिन दो-दो घंटे खुद बॉलिंग कर उन्हें बैटिंग की प्रेक्टिस कराई। इसके उन्हें राज्य की टीम के लिए तैयार किया। जतिन कल्याण कॉलेज के स्टूडेंट्स रहें है। उनके चयन पर कल्याण कॉलेज प्रबंधन ने खुशी जाहिर की है।

बचपन में साइज के नहीं मिले पैड तो कतरन से बनाया

जतिन के पिता घनश्याम सक्सेना ने जतिन को शुरू से ही के लिए प्रोत्साहित किया। जब जतिन सिर्फ 8 साल का था तब उन्होंने जतिन के हाथ में बैट थमा दी। बाजार में उनके साइज का पैड खोजने गए तो मिला नहीं। इस पर उन्होंने घर के पुराने कपड़ों को इक्कठा करके जतिन के लिए पैड बनाया। खुद उनके बैटिंग की तकनीक को सुधारा।

भाई जलज सक्सेना भी है क्रिकेटर, केरल से खेल रहे
जतिन के भाई जलज केरल से क्रिकेट खेल रहे हैं। जतिन ने बताया कि बचपन से पिता ने दोनों भाइयों को सिर्फ किक्रेट के लिए ही प्रेरित किया। दोनों भाई अच्छे क्रिकेटर है। पिता स्विमिंग के एनआईएस कोच रहे हैं।

जतिन के कुछ रिकॉर्ड

{दाएं हाथ के बल्लेबाज और लेग स्पिनर।
{18 टी-20 मैच में 127 के स्ट्राइक रेट से 157 रन बनाए।
{सैयद मुश्ताक अली टूर्नामेंट में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व किया।
{रणजी में 32 की औसत से 324 रन बनाए।

मध्यप्रदेश के समय में रायपुर डिविजन से खेला
जतिन मध्यप्रदेश के समय में रणजी खेल चुके है। वे रायपुर से संभाग से सिलेक्ट हुए और रणजी टीम में जगह पक्की की। छत्तसीगढ़ बनने के बाद जतिन ने पहला मैच राजेश चौहान की कप्तानी में हैदराबाद में मोहिदउल्ला गोल्ड कप खेला। उन्होंने कल्याण कॉलेज में पढ़ते हुए खेल को आगे बढ़ाया। उनके चयन पर कल्याण कॉलेज प्रबंधन और स्टॉफ की टीम ने प्रसन्नता व्यक्त की है।