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रॉयल फैमिली से रखते हैं ताल्लुक ये कांग्रेसी नेता, तलाक के लिए चुकाए थे 11 Cr.

कांग्रेस के नेशनल स्पोकपर्सन और राजनांदगांव से एमपी रहे देवव्रत सिंह ने पार्टी से इस्तीफा देकर सनसनी मचा दी है।

Dainik Bhaskar

Dec 30, 2017, 08:44 AM IST
पूर्व सांसद देवव्रत सिंह अपनी पत्नी से तलाक से पहले।    - फाइल फोटो। पूर्व सांसद देवव्रत सिंह अपनी पत्नी से तलाक से पहले। - फाइल फोटो।

रायपुर(छत्तीसगढ़). कांग्रेस के नेशनल स्पोकपर्सन और राजनांदगांव से एमपी रहे देवव्रत सिंह ने पार्टी से इस्तीफा देकर सनसनी मचा दी है। वे खैरागढ़ राजपरिवार से ताल्लुकात रखते हैं। वे कांग्रेस से एक बार सांसद और तीन बार के विधायक रहे हैं। उन्होंने सीधे पीसीसी पर हमला बोलते अपना इस्तीफा कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को भेज दिया है। देवव्रत का कांग्रेस छोड़ना कांग्रेस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। राजनांदगांव, कवर्धा और खैरागढ़ क्षेत्र में दबदबा रखने वाले देवव्रत लंबे समय तक कांग्रेस से जुड़े रहे हैं। वे पार्टी के नेशनल स्पोक्सपर्सन के पैनल में भी रहे हैं। इस कारण अजीत जोगी के बाद वे दूसरे ऐसे नेता हैं, जिन्होंने नाराजगी के चलते पार्टी छोड़ी है। देवव्रत सिंह दिसंबर 2016 में पत्नी से तलाक को लेकर सुर्खियों में आए थे।

फेैमिली कोर्ट में चार साल चला था ये केस

- दिसंबर 2016 में देवव्रत और उनकी पत्नी ने अापसी समझौते के तहत तलाक लिया। पत्नी से अलग होने के लिए देवव्रत को तकरीबन 11 करोड़ रुपए चुकाने पड़े थे।

- इस तलाक में चार करोड़ रुपए की लागत का दिल्ली वाला मकान उन्होंने अपनी पत्नी के नाम कर दिया और लगभग 6.5 करोड़ रुपए बैंक के जरिए दिए थे।

- फैमिली कोर्ट ने बेटी सताक्षी को पिता देवव्रत और बेटे आर्यव्रत को मां के साथ रहने के आदेश दिए थे।
- बेटे की परवरिश के लिए देवव्रत हर महीने 50 हजार रुपए देने की बात भी कोर्ट ने कही थी। जानकारी के मुताबिक दिल्ली के साउथ साकेत फेैमिली कोर्ट में ये केस चार साल चला था।
- 19 सितंबर 2016 को फैमिली कोर्ट के प्रिंसिपल जज पूनम ए बांबा ने दोनों के तलाक पर मुहर लगा दी।
- आपसी समझौते के तहत इतनी बड़ी रकम देकर तलाक लेने का संभवत: यह प्रदेश का पहला मामला था।

6 महीने पहले से थी सुगबुगाहट

- देवव्रत और उनकी पत्नी के बीच तलाक की सुगबुगाहट छह माह पहले से ही थी, लेकिन जुलाई में राजा रविंद्र बहादुर सिंह के निधन बाद कमल विलास पैलेस में पद्मा सिंह की मौजूदगी ने सभी के मुंह पर ताला लगा दिया।
- परिजनों को इस बात की भनक तो थी, लेकिन वे भी कुछ बोलने को तैयार नहीं हुए।

राजनीति में दखलंदाजी के बाद बिगड़ा माहौल

- खुद देवव्रत ने 2007 चुनाव में खैरागढ़ विधानसभा क्षेत्र से अपनी पत्नी पद्मा सिंह के लिए टिकट की मांग की थी। उन्हें टिकट तो मिली पर वे चुनाव नहीं जीत पाई।
- पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक इसके बाद से दोनों के बीच खटास आ गई। फिर पार्टी में राजनीतिक दखलंदाजी को लेकर भी खीज बढ़ी। परिवार में तनाव बढ़ने लगा।

पूर्व सांसद देवव्रत सिंह की पहली पत्नी से दो बच्चे हैं। पूर्व सांसद देवव्रत सिंह की पहली पत्नी से दो बच्चे हैं।
देवव्रत सिंह छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ राजपरिवार से ताल्लुक रखते हैं। देवव्रत सिंह छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ राजपरिवार से ताल्लुक रखते हैं।
राजनांदगांव, कवर्धा और खैरागढ़ क्षेत्र में दबदबा रखने वाले देवव्रत लंबे समय तक कांग्रेस से जुड़े रहे हैं। राजनांदगांव, कवर्धा और खैरागढ़ क्षेत्र में दबदबा रखने वाले देवव्रत लंबे समय तक कांग्रेस से जुड़े रहे हैं।
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पूर्व सांसद देवव्रत सिंह अपनी पत्नी से तलाक से पहले।    - फाइल फोटो।पूर्व सांसद देवव्रत सिंह अपनी पत्नी से तलाक से पहले। - फाइल फोटो।
पूर्व सांसद देवव्रत सिंह की पहली पत्नी से दो बच्चे हैं।पूर्व सांसद देवव्रत सिंह की पहली पत्नी से दो बच्चे हैं।
देवव्रत सिंह छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ राजपरिवार से ताल्लुक रखते हैं।देवव्रत सिंह छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ राजपरिवार से ताल्लुक रखते हैं।
राजनांदगांव, कवर्धा और खैरागढ़ क्षेत्र में दबदबा रखने वाले देवव्रत लंबे समय तक कांग्रेस से जुड़े रहे हैं।राजनांदगांव, कवर्धा और खैरागढ़ क्षेत्र में दबदबा रखने वाले देवव्रत लंबे समय तक कांग्रेस से जुड़े रहे हैं।
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