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पैडवुमन के नाम से फेमस हैं ये, मुफ्त में बांट चुकी हैं खुद के बनाए 50 हजार नैपकिन

लापरवाही के चलते ब्लीडिंग से परेशान महिला ने खुद पैड बनाना शुरू किया।

Danik Bhaskar | Jan 22, 2018, 09:53 AM IST
विवार को डिंपल कौर और अनुभूति विवार को डिंपल कौर और अनुभूति

भिलाई(छत्तीसगढ़). ये अपने मोहल्ले में पैड वुमन के नाम से जानी जाती हैं। ट्विनसिटी की डिंपल कौर और उनकी टीम पिछले दो सालों से लगातार जरूरमंदों को सेनेटरी नैपकिन बांटने का काम कर रही हैं। खुद पैड सिलती हैं जो मेडिकली एप्रूव्ड है। गांवों में जाकर बांटती हैं। अब तक 50 हजार से ज्यादा जरूरतमंदों को पैड बांट चुकी हैं। कैंप लगाकर युवतियों और महिलाओं को उनकी जरूरतों के बारे में बता रही हैं। फ्री में पैड बांट रही हैं। दो साल से यह कारवां लगातार जारी है।

ऐसी है पूरी कहानी

खुद को हुई पीड़ा से मजबूत हुआ संकल्प

डिंपल खुद अनियमित ब्लीडिंग से परेशान रहती थीं। 7 महीने में उनके 3 ऑपरेशन हुए। लापरवाही समझ आई। फिर पैड बनाना शुरू किया।

पहले सूती के कपड़ों से बनाए पैड

घरों में काम करने वाली महिलाओं से बात की। सूती कपड़े इकट्ठा करने का अभियान छेड़ा। फिर उसे स्टरलाइज कर पैड सिलना शुरू किया।

दादी और नानी के नुस्खे काम आए

कपड़े को गर्म पानी में उबाला। हाथ से सीलकर पैड बनाए। अब राजस्थान से मेडिकली एप्रूव्ड रूई और कपड़े मंगा तैयार कर रहे हैं।

संस्था से पूरे देश से लोग जुड़ रहे, फिलहाल 48 सदस्य

अनुभूति संस्था में इन दिनों छत्तीसगढ़ समेत अन्य राज्यों से 48 लोग जुड़े हैं। इसमें जगदलपुर, धमतरी, रायपुर और भिलाई समेत दिल्ली, उड़ीसा और झारखंड राज्यों के भी लोग सदस्य हैं। फंडिंग और अन्य संसाधन स्वयं जुटाते हैं।