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कभी कवि तो कभी बिजनेसमैन बनने की सनक, 7 Cr के कर्ज में किया डबल मर्डर

कविता सुनाने के लिए वह लड़कियों को अक्सर घर पर भी बुलाता था।

Dainik Bhaskar

Jan 02, 2018, 06:09 AM IST
स्टेज पर कवि के तौर पर पहचाने ज स्टेज पर कवि के तौर पर पहचाने ज

भिलाई (छत्तीसगढ़). एक बेटे ने अपने ही मां-पिता की गोली मारकर हत्या कर दी। आरोपी बेटा कवि बनना चाहता था। वह देश में अलग-अलग जगह कवि सम्मेलन आॅर्गनाइज कराता था। कविता सुनाने के लिए वह लड़कियों को अक्सर घर पर भी बुलाता था। उसने वायदा कारोबार में भी पैसे लगा रखे थे, इसमें उसे करीब 7 करोड़ रुपए नुकसान हुआ था। उसे किसी को 73 लाख रुपए देने थे। उसने पिता से पैसे मांगे, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया। इस वजह से पिता-बेटे में विवाद के हालात बने रहते थे। रविवार रात भी दोनों के बीच विवाद हुआ था।

पिता की पीठ और गर्दन पर गोलियां मार मां को किया छलनी

- नगपुरा पार्श्वनाथ तीर्थ के फाउंडर 72 साल के रावलमल जैन और उनकी 67 साल की सुरजी देवी की उनके ही 40 साल के बेटे संदीप जैन ने हत्या कर दी। घटना सोमवार सुबह करीब 6:30 बजे की है।

- आरोपी ने टॉयलेट से निकल रहे पिता की पीठ और गर्दन पर दो गोलियां मारीं। हत्या की वजह का खुलासा ना हो इसके लिए उसने 5 मिनट बाद मां को धक्का दिया और सिर, हाथ और गर्दन पर 3 गोलियां मारीं।

- बताया जा रहा है कि मां के विरोध करने पर उसे लगा कि वारदात का खुलासा हो जाएगा। रावलमल की लाश घर के गलियारे में और सुरजी बाई की लाश पलंग पर थी।

- संदीप ने दो दिन पहले ही पिता की हत्या की प्लानिंग कर ली थी। क्योंकि, आरोपी ने दो दिन पहले पत्नी को मायके भेज दिया, घटना की रात गार्ड को छुट्टी दे दी।

ऐसे की पुलिस काे गुमराह करने की कोशिश

-कर्ज में डूबे बेटे का जब पिता ने पैसे देने से इनकार किया तो उसने पिता की गोली मारकर जान ले ली। जब उसे लगा कि मां उसके इस गुनाह को सबके सामने जाहिर कर देगी तो उसे भी गोली मार दी।

- प्लानिंग के तहत अंजाम दी गई वारदात के बाद उसने पुलिस को गुमराह करने की पूरी कोशिश भी की थी। पुलिस ने मृतक पति-पत्नी के अंतिम संस्कार का इंतजार करने के बाद ही मामले का खुलासा किया।

- पुलिस को गुमराह करने संदीप ने पिस्टल और 12 जिंदा कारतूस घर के पीछे खड़े लोडिंग ऑटो में रख दिए थे। आरोपी ने घटना के बाद घर की खिड़की को भी खोल दिया था। पुलिस ने संदीप से जब कड़ाई से पूछताछ की तो उसने गुनाह कबूल कर लिया।

2 दिन पहले ही कर ली थी पिता की हत्या की प्लानिंग

आरोपी 7 महीने पहले इलाहाबाद गया था। वहां उसकी मुलाकात एक युवक से हुई थी, उसे संदीप ने 9 एमएम की पिस्टल देने के एवज में 30 हजार रुपए देने की बात कही। 5 महीने पहले वह युवक रायपुर आया और संदीप को रेलवे स्टेशन पर पिस्टल दे गया। संदीप ने बताया कि शनिवार को हुए विवाद के बाद उसने पिता को मारने का प्लान बनाया था। पिता को मारने के बाद मां ने भांजे को फोन कर दिया तो उसे भी मारना पड़ा।

ये घटनास्थल पर सबसे पहले पहुंचे

रावलमल जैन के नाती सौरभ ने भास्कर को बताया कि उन्हें नानी सुरजी ने फोन कर कहा था कि नाना गिर गए हैं, तुम जल्दी घर आ जाओ। जैसे ही नाना के घर पहुंचा तो देखा नाना खून से लथपथ गलियारे में पड़े हैं। उसके बाद जब मैं नाना के बेडरूम में गया तो देखा कि नानी भी लहुलुहान पड़ी थीं। दोनों की मौत हो चुकी थी। मैंने तुरंत इसकी जानकारी पुलिस को दी।

पिता ने पार्श्वनाथ तीर्थ स्थपित किया, मिला था मणि का खिताब

मृतक रावलमल मूल रूप से साजा के रहने वाले थे। 1966 में उन्होंने वीकली न्यूज पेपर छत्तीसगढ़ निकाला। 1979 में उन्होंने दुर्ग जिले के नगपुरा में पार्श्वनाथ तीर्थ की स्थापना की। आज पूरी दुनिया में नगपुरा एक जैन तीर्थ के तौर पर विख्यात है। रावलमल ने करीब 108 किताबें भी लिखीं हैं। उनके परिचितों ने उन्हें मणि का खिताब दिया था। रावलमल दुर्ग के राष्ट्रभाषा हिंदी प्रचार कमेटी के अध्यक्ष भी थे।

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