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50 हजार का सामान भेजा तो ई-वे बिल जरूरी, नियम इतने सख्त कि छोटे कारोबार होंगे बंद

राज्य के बाहर माल भेजते हैं तो वेबसाइट अपडेट होने तक की ही छूट दी गई है।

Bhaskar News | Last Modified - Feb 03, 2018, 07:23 AM IST

50 हजार का सामान भेजा तो ई-वे बिल जरूरी, नियम इतने सख्त कि छोटे कारोबार होंगे बंद

रायपुर.राज्य के अंदर कहीं भी माल भेजते हैं तो अभी 31 मई तक ई-वे बिल जरूरी नहीं होगा, लेकिन राज्य के बाहर माल भेजते हैं तो वेबसाइट अपडेट होने तक की ही छूट दी गई है। छत्तीसगढ़ चेंबर का दावा है कि इस नए बिल से कई छोटे कारोबार बंद हो जाएंगे। ट्रक, मेटाडोर या पिकअप वाहन ही नहीं, मोटरसाइकिल पर भी 50 हजार से ज्यादा का सामान भेजा तो ई-वे बिल जरूरी होगा। अधिकतर कारोबारी संगठन ने इसका विरोध शुरू कर दिया है। यही वजह है कि राज्य के अंदर परिवहन के लिए इसे अभी स्थगित कर दिया गया है।
- छत्तीसगढ़ के अलावा कोई भी उत्पादक या कारोबारी राज्य के बाहर अपना सामान भेजता है तो उसे भी ई-वे बिल लगाना अनिवार्य होगा। यह नियम 1 फरवरी से लागू होना था, लेकिन केंद्र सरकार की वेबसाइट पहले दिन ही क्रैश हो गई।

- छत्तीसगढ़ के एक भी कारोबारी का ई-वे बिल जनरेट ही नहीं हुआ। मामला राज्य के आला अधिकारियों तक पहुंचा तो उन्होंने वेबसाइट अपडेट होने तक बाहरी राज्यों में भी अभी माल भेजने की छूट दे दी है। लेकिन अफसरों ने साफ कर दिया है वेबसाइट अपडेट होने के साथ ही बिना बिल के दूसरे राज्यों में माल भेजने नहीं दिया जाएगा।

पहले : इनवाइस और बिल्टी जरूरी
- अब तक बाहरी राज्यों में माल भेजने के लिए इनवाइस और बिल्टी जरूरी थी। चालान के आधार पर माल पहुंचा दिया जाता था। इसी आधार पर टैक्स का भी भुगतान होता था।

अब : ऑनलाइन ई वे बिल अनिवार्य
- जीएसटी के बाद राज्य में और दूसरे राज्यों में सामान भेजने के लिए ई वे बिल सिस्टम लागू हो गया है। कहीं भी सामान भेजने के लिए ऑनलाइन ई वे बिल जनरेट करना ही होगा।

ई-वे बिल में ये अहम

- माल की बिक्री, खरीदी, वापसी, जॉबवर्क, एक्सपोर्ट, फेयर के लिए या अपने गोदाम से माल भेजते हैं तो ई-वे बिल अनिवार्य है।
- माल की कीमत 50 हजार रुपए से कम है तो उस पर बिल अनिवार्य नहीं है। सामान के साथ बिल और चालान भी होना चाहिए।
- 100 किमी की दूरी तक के लिए ई-वे बिल 24 घंटे के लिए वैलिड रहेगा। उसके बाद हर 100 किमी के लिए पार्ट में बिल होगा।
- ई-वे बिल के बिना माल भेजते हैं तो उस गाड़ी को रोका जा सकता है। उसे जब्त करने के साथ ही पैनाल्टी भी लगाई जाएगी।
- गाड़ियों को छोड़कर नॉन मोटर व्हीकल जैसे रिक्शा, ठेला, बैलगाड़ी आदि में सामान भेजते हैं तो उस पर ई-वे बिल जरूरी नहीं है।

अभी तक केवल 6878 कारोबारियों का पंजीयन
- ई-वे बिल के लिए अभी राज्य के 6878 कारोबारियों ने ही अपना ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया है। ये वो कारोबारी हैं जिनका जीएसटी पोर्टल में पहले से ही पंजीयन है। इनमें 6749 कारोबारी और 129 ट्रांसपोर्टर हैं। केवल राजधानी में ही 500 से ज्यादा छोटे-बड़े ट्रांसपोर्टर हैं। इनमें से अधिकतर के पास गाड़ियों की संख्या कम है। इसलिए उन्होंने पहले से कोई रजिस्ट्रेशन नहीं कराया। ऐसे में इन सभी का कारोबार बंद हो सकता है। या फिर इन ट्रांसपोर्टरों को अपनी गाड़ियां बड़े कारोबारियों के यहां उनकी शर्तों पर अटैच करवानी होगी।

जांच के अधिकार से बढ़ेगी अवैध वसूली

राज्य के बड़े कारोबारियों का कहना है कि ई-वे बिल की जांच के कई स्तर पर अधिकार दिए जा रहे हैं। ऐसे में अवैध वसूली को बढ़ावा मिलेगा। छोटी-छोटी बातों पर कारोबारियों को परेशान किया जाएगा। इसलिए इस बिल का विरोध किया जा रहा है। जब तक ई-वे बिल नहीं बनेगा माल भी डंप रहेगा। इससे कालाबाजारी और सामान की कीमतें भी बढ़ेंगी।

बिना तैयारी लागू कर रही सरकार

-ई-वे बिल से कारोबार बुरी तरह से प्रभावित होगा। बिना किसी ठोस तैयारी के इसे लागू किया जा रहा है। जब तक सभी कारोबारियों का इसमें पंजीयन नहीं हो जाता, इसे स्थगित ही रखना चाहिए।
जितेंद्र बरलोटा, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ चेंबर
- कारोबारियों में यह अफवाह है कि 10 किमी के दायरे में बिना ई-वे बिल के माल भेजा जा सकता है। ऐसा नहीं है। 50 हजार रुपए का ऐसा माल जो टैक्स फ्री नहीं है, उस पर भी ई-वे बिल लगेगा ही।
चेतन तारवानी, संरक्षक छत्तीसगढ़ इंकम टैक्स बार एसोसिएशन
-राज्य के अंदर माल परिवहन करने पर अभी ई-वे बिल नहीं लगेगा। इसके लिए 31 मई तक छूट दी गई है। राज्य के बाहर माल भेजने के लिए सॉफ्टवेयर अपडेट होते ही ई-वे बिल अनिवार्य कर दिया जाएगा।
एसएल अग्रवाल,
उपायुक्त वाणिज्यकर विभाग

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