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दोस्त ने कारोबार में 20 लाख लगाए मांगे, साले के साथ मिलकर बेरहमी से कर दी हत्या

कपड़ा कारोबारी की हत्या के बाद लाश वक्त पर नहीं हटा पाने के चलते पकड़े गए हत्यारे।

Dainik Bhaskar

Mar 14, 2018, 07:35 AM IST
जिस कुर्सी पर बांधकर सिद्धार् जिस कुर्सी पर बांधकर सिद्धार्

रायपुर(छत्तीसगढ़). राजधानी में एक कपड़ा कारोबारी के बेटे को उसके दोस्त ने कारोबार के 20 लाख रुपए का लौटानेे के बजाय बेरहमी से मार डाला। पुलिस की जांच में यह बात सामने आई कि दाेनों करीब डेढ़ साल से मेडिकल का कारोबार पार्टनरशिप में कर रहे थे। दोस्त के पैसों से आरोपी महंगे मेडिकल सामान मंगाकर अपनी दुकान में बेचता था। जिसके करीब 20 लाख आरोपी से मृतक को लेने थे। कुछ दिन से वह पैसे वापस मांग रहा था। इसलिए आरोपी ने उसकी हत्या की साजिश रची।

सिर पर इतने हथौड़े मारे गए कि वहीं दम तोड़ दिया

- शहर के कारोबारी कमलचंद गोलछा का दूसरे नंबर का बेटा सिद्धार्थ आरडीए बिल्डिंग न्यू राजेंद्र नगर में कोचिंग करता था। इसी कांप्लेक्स में कटोरा तालाब के ऋषभ मल्होत्रा की न्यू मेडिकल और जनरल स्टोर है। कोचिंग के दौरान दोनों की दोस्ती हुई। मृतक ने आरोपी के कारोबार में 20 लाख लगाए थे। सिद्धार्थ उसी पैसे के लिए दबाव डाल रहा था।

- शुरुआती जांच में पता चला है कि मेडिकल कारोबारी ऋषभ ने पूरी प्लानिंग के साथ अपने दोस्त और कारोबारी पार्टनर सिद्धार्थ को न्यू राजेंद्र नगर के मेडिकल दुकान में बुलवाया। सिद्धार्थ वहां अक्सर उससे मिलने आता था। इस वजह से वह बेझिझक पहुंच गया। करीब एक घंटे तक दोनों भीतर बातचीत करते रहे। उसके बाद आरोपी ने अपनी पत्नी के भाई के साथ मिलकर उसे कुर्सी से बांधा दिया।

- ऋषभ ने सिद्धार्थ के मुंह में कपड़ा ठूंसा और कंप्यूटर पर तेज साउंड में गाना चालू कर दिया ताकि उसके चीखने चिल्लाने की आवाज कोई सुन न सके। इसके बाद उसके सिर पर इतने हथौड़े मारे गए कि युवक ने वहीं दम तोड़ दिया।

- वारदात के बाद लाश ठिकाने लगाने के लिए उसके नाबालिग साले ने अपने दो दोस्तों को बुलाया। चारों ने मिलकर शव बोरी में भरने की कोशिश की, ताकि दूसरी जगह ले जा सकें। वजनी होने के कारण वे ऐसा नहीं कर सके। शव को वहीं छोड़कर दुकान बंद करके चले गए।

पुलिस ने पूछा तो अारोपी ने कहा-आज वह सिद्धार्थ मिला ही नहीं

- आधी रात जब सिद्धार्थ गायब होने का हल्ला मचा तब पुलिस ने उसके एक-एक दोस्तों की जानकारी ली। सिद्धार्थ अक्सर ऋषभ के पास भी जाता था, इसलिए एक टीम उसके पास भी पहुंची। उससे सिद्धार्थ के बारे में जानकारी ली गई। वह अनजान बन गया। उसने कहा कि आज वह उससे मिला ही नहीं। उस समय तक पुलिस को मोबाइल की कोई लोकेशन नहीं मिली थी। इस वजह से उस पर शक नहीं हुआ। पुलिस उसके घर से लौट गई।

- पुलिस को गुमराह करने के लिए आरोपी ऋषभ ने सिद्धार्थ की मोपेड पर मोबाइल को रखा और उसकी गाड़ी मरीन ड्राइव के किनारे छोड़कर भाग गए। मोबाइल लोकेशन के आधार पर रातभर पुलिस मरीन ड्राइव के पास उसे तलाश करती रही।

मोबाइल लोकेशन से किया ट्रेस

- पुलिस ने बताया कि सिद्धार्थ आईटीएम यूनिवर्सिटी से बीबीए की पढ़ाई कर रहा था। सोमवार शाम 4:30 बजे कोचिंग जाने के लिए घर से निकला था। वह रात 9 बजे तक घर नहीं लौटा। माता-पिता से लेकर भाई और दूसरे दोस्त इस बीच लगातार उसके मोबाइल पर संपर्क करने का प्रयास करते रहे।

- रात 11 बजे तक जब उसने फोन रिसीव नहीं किया तब परिजन उसे ढूंढने निकले। उसके दोस्तों से संपर्क किया। सिद्धार्थ की कोई जानकारी नहीं मिली। रात लगभग 12 बजे वे राजेंद्र नगर थाने पहुंचे। मोबाइल के आधार पर पुलिस को लोकेशन तेलीबांधा, आनंदनगर और आस-पास के इलाके में मिला। इस वजह से इसी इलाके में रातभर उसकी खोज होती रही।

- मोबाइल लोकेशन के आधार पर मंगलवार को सुबह पुलिस मेडिकल स्टोर का ताला तोड़कर घुसी। दुकान में खून से लथपथ सिद्धार्थ की लाश मिली।

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