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बजट में नए फार्मूले से धान का समर्थन मूल्य 80 रुपए तक बढ़ने की संभावना

खरीफ सीजन की सभी फसलों में उत्पादन लागत से डेढ़ गुना मूल्य का फार्मूला पहुंचाएगा 40 लाख किसानों को लाभ।

Bhaskar News | Last Modified - Feb 02, 2018, 06:41 AM IST

बजट में नए फार्मूले से धान का समर्थन मूल्य 80 रुपए तक बढ़ने की संभावना

रायपुर. केंद्रीय बजट में समर्थन मूल्य तय करने के लिए बनाया गया नया फार्मूला छत्तीसगढ़ के 40 लाख किसानों को आने वाले कुछ महीने में ही फसल के अनुरूप समर्थन मूल्य में 80 रुपए से 500 रुपए तक के फायदे के आसार हैं। केंद्र सरकार ने तय किया है कि देशभर में आने वाले खरीफ सीजन की फसलों के उत्पादन की लागत से डेढ़ गुना समर्थन मूल्य दिया जाएगा। विशेषज्ञों के अनुसार धान का समर्थन मूल्य हर साल करीब 30 रुपए क्विंटल बढ़ाया जा रहा है। लेकिन नए फार्मूले से इस साल धान का समर्थन मूल्य 70 से 80 रुपए तक बढ़ सकता है।

- केंद्रीय बजट में किसानों की खरीफ फसलों पर लागत का डेढ़ गुना समर्थन मूल्य देने की घोषणा की पड़ताल की गई तो पता चला कि लगभग हर फसल का मौजूदा समर्थन मूल्य लागत के डेढ़ गुना से काफी कम है। फसल की प्रति क्विंटल उत्पादन लागत का निर्धारण देशभर में स्वामीनाथन कमेटी ने कुछ साल पहले किया था।

- इसके अलावा कृषि लागत मूल्य आयोग ने भी उत्पादन लागत के आधार पर किसानों को मिलने वाली कीमत का आंकलन कर रखा है। इस आयोग के अनुसार धान की उत्पादन लागत 1484 रुपए प्रति क्विंटल मानी गयी है। बजट में घोषित केंद्र के नए फार्मूले के अनुसार छत्तीसगढ़ में धान का समर्थन मूल्य 2226 रुपए प्रति क्विंटल होना चाहिए। हालांकि यह मूल्य अभी 1550 रुपए प्रति क्विंटल है।

- अलग-अलग मापदंडों के आधार पर राज्य शासन के आला अफसरों का अनुमान है कि नए फार्मूले से धान का समर्थन मूल्य इस बार 70-80 रुपए तक बढ़ सकता है, जो अभी केवल 30 रुपए ही बढ़ रहा है। प्रदेश में पैदा होने वाले गेहूं, अरहर, चना तथा अन्य फसलों में भी नए फार्मूले से समर्थन मूल्य इस बार 5 से 7 फीसदी तक बढ़ने की उम्मीद की जा रही है।


बेमेतरा, बलरामपुर को मिल सकते हैं एकलव्य विद्यालय

प्रदेश में अभी 25 जिलों में एकलव्य विद्यालय हैं, केवल बेमेतरा और बलरामपुर जिलों में नहीं हैं। नए बजट में देश के सभी राज्यों के लिए एकलव्य विद्यालयों का प्रावधान किया गया है। इस वजह से दोनों जिलों को ये विद्यालय मिलने की संभावना है। इन विद्यालयों में 250 आदिवासी बच्चों को सरकार की ओर से मुफ्त पढ़ाई, रहने, भोजन, कपड़े व अन्य सुविधाएं दी जाती हैं।

27 जिलों में बांस की कामर्शियल खेती संभव

केंद्र की नई बांस नीति से प्रदेश में बांस की कामर्शियल खेती का रास्ता खुल गया है। बम्बू मिशन संचालक अनिता नंदी ने बताया कि नई नीति के प्रारूप पर केंद्र को 27 जिलों में बांस

के व्यावसायिक उत्पादन का प्रस्ताव भेजा जाएगा। अभी यह खेती बहुत सीमित (सालाना 5-6 करोड़ रु.) है, व्यावसायीकरण से कई गुना बढ़ सकती है।

छत्तीसगढ़ की हेल्थ स्कीम अब पूरे देश में लागू
छत्तीसगढ़ में 2012 में शुरू की गई स्वास्थ्य बीमा योजना अब पूरे देश में लागू होने जा रही है। केंद्र सरकार के आम बजट में वित्त मंत्री अरूण जेटली ने गुरुवार को पूरे देश में आयुष्मान योजना शुरू करने की घोषणा की। इसके तहत देश के 10 करोड़ परिवार के 50 करोड़ लोगों को हेल्थ स्कीम लाभ मिलेगा। इसमें बीपीएल के लिए सालाना 5 लाख रुपए तक के इलाज की व्यवस्था है।

डेढ़ गुना समर्थन मूल्य का लाभ छग को भी: रमन

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने मोदी सरकार के बजट का स्वागत करते हुए कहा कि इसके कई प्रावधानों का लाभ प्रदेश को मिलेगा। इनमें किसान को फसल लागत का डेढ़ गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य शामिल है। कृषि बाजार के विकास के लिए 2 हजार करोड़ और कृषि ऋण के लिए 11 लाख करोड़ का प्रावधान खेती-किसानी को बेहतह बनाएगा।

आम आदमी नहीं, कार्पोरेट फ्रेंडली है बजट: भूपेश

पीसीसी चीफ भूपेश बघेल ने कहा कि इस बजट से किसान, मजदूर, कर्मचारी, व्यापारी, महिलाएं और युवा समेत समाज का हर वर्ग निराश है। नोटबंदी और जीएसटी जैसे तुगलकी फैसलों ने देश की अर्थव्यवस्था को पहले ही पटरी से उतार दिया है। केंद्र का बजट आम आदमी का नहीं बल्कि कार्पोरेट फ्रेंडली है।

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