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4 साल से अलग रह रहे थे पति-पत्नी, कोट में जज बोले- अब मान भी जाओ

कोर्ट ने कपल को अपने बिगड़े रिश्तों को सुधरने दिया एक और मौका।

Dainik Bhaskar

Dec 10, 2017, 07:25 AM IST
नेशनल लोक अदालत में मिले पति-प नेशनल लोक अदालत में मिले पति-प

रायपुर/कवर्धा. पिछले 4 साल से एक-दूसरे से अलग रह रहे पति-पत्नी नेशनल लोक अदालत में अपने अनबन को भुलाकर फिर साथ रहने को राजी हो गए। उनके बीच किसी बात को लेकर विवाद था। लेकिन कुटुंब न्यायालय के न्यायधीश बी राम के समझाने-बुझाने पर उन्होंने जिंदगी के सफर पर फिर से एकसाथ चलने का फैसला किया।

जिला न्यायालय परिसर में शनिवार को नेशनल लोक अदालत लगा। कुटुंब न्यायालय में पेंडिंग 14 प्रकरण निराकृत हुए। इसमें से करीब 5 मामलों में अलग रह रहे पति-पत्नी के बीच सुलह कराई गई। समझाइश के बाद पांचों परिवार ने बच्चों के भविष्य के लिए अपने रिश्तों को एक और मौका देते हुए साथ रहने का फैसला लिया। पांचों मामले में पति-पत्नी के बीच लंबे समय से चली आ रही कटुता खत्म हो गई। इस तरह लोक अदालत ने इन परिवारों को टूटने से बचा लिया।

दी सात लाख क्षतिपूर्ति
नेशनल लोक अदालत के लिए गठित सभी खंडपीठों में रखे गए सिविल व आपराधिक प्रकरणों में राजीनामा कराने पक्षकारों में उत्साह दिखा। एक्सीडेंट केस में भी पक्षकारों और बीमा कंपनियों के बीच राजीनामा हुए। कुल 10 दावा प्रकरणों का निराकरण कर पक्षकारों को 7,78000 रुपए की क्षतिपूर्ति राशि दिलाई गई।

71 प्रकरण निराकृत
लोक अदालत में 71 आपराधिक प्रकरण, 3 सिविल प्रकरण और 66 प्री-लिटिगेशन प्रकरणों का निराकरण हुआ। इसमें 4,042643 रुपए की वसूली करते हुए अवार्ड पारित किया गया। वरिष्ठ न्यायधीश किरण थवाईत ने कहा कि लोक अदालत में प्रकरण का निराकरण कराने से किसी की हार या जीत नहीं होती है।

बिजली सरचार्ज में छूट से लोगों में दिखा उत्साह
इस बबिजली विभाग द्वारा सरचार्ज की राशि में छूट दिए जाने के कारण प्रकरण का निराकरण कराने में लोगों में काफी उत्साह देखा गया। बैंक और नगरीय निकायों द्वारा प्रस्तुत प्री-लिटिगेशन प्रकरणों में भी लोगों ने हिस्सा लिया।

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