--Advertisement--

3000 फीट पर 12 एकड़ में फैला तालाब, यहीं हुई थी गढ़चिरौली के पहले दलम की पहली बैठक

200 साल पहले यहां टीपागढ़ रियासत के राजा ने पत्नी समेत यहीं जलसमाधि ले ली थी।

Danik Bhaskar | Jan 08, 2018, 08:39 AM IST
ड्रोन फोटो पहली बार सिर्फ भास् ड्रोन फोटो पहली बार सिर्फ भास्

भिलाई/राजनांदगांव. राजनांदगांव से 110 किमी दूर करीब 3000 फीट की ऊंचाई पर स्थित टीपागढ़ का यह खूबसूरत तालाब नक्सलियों के खौफ की वजह से गुम सा हो गया है। तालाब करीब 12 एकड़ में फैला है। कहा जाता है कि नब्बे के दशक में गढ़चिरौली के पहले दलम की पहली बैठक इसी तालाब के किनारे हुई थी। इसी दलम के हमले में एसपी चौबे भी शहीद हुए थे।

चिल्हाटी से बनाई जा रही सड़क

यहां पहुंचने के लिए चिल्हाटी से कोटगुल जाना पड़ता है। बीच का रास्ता बेहद खराब है। अंबागढ़ चौकी से चिल्हाटी और यहां से कोटगुल तक की सड़क फिलहाल निर्माणाधीन है। इसके पूरा होने के बाद ही यह इलाका विकास की मुख्यधारा से जुड़ सकेगा।

ऐतिहासिक महत्व

बताया जाता है कि 200 साल पहले यहां टीपागढ़ रियासत के राजा पुरमशाह ने अपनी पत्नी की सुरक्षा के लिए किलेबंदी करवाई थी। बाद में दोनों ने यहीं जलसमाधि ले ली थी। राजा ने यहां एक मंदिर भी बनवाया था, जो आज भी वैसे ही खड़ा है। हर साल महाशिवरात्रि और माघ पूर्णिमा के मौके पर आदिवासी यहां पहुंचकर माता मंदिर में माथा टेकते हैं। आदिवासियों की मान्यता है कि माता के मंदिर में उनकी मुरादें पूरी होती हैं।

कंटेंट: संदीप साहू

फोटोज: प्रवीण देवांगन।