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प्रदेश में स्वाइन फ्लू के नए वायरस का बढ़ा खतरा, केंद्र ने जारी किया अलर्ट

अभी एच3एन2 वायरस सक्रिय, जो बदलकर एच1एन1 हो जाएगा।

Bhaskar News | Last Modified - Dec 18, 2017, 07:20 AM IST

  • प्रदेश में स्वाइन फ्लू के नए वायरस का बढ़ा खतरा, केंद्र ने जारी किया अलर्ट

    रायपुर।पिछले ढाई महीने से शांत स्वाइन फ्लू नए साल में खतरनाक हो सकता है। नेशनल सेंट्रल ऑफ डिसीज कंट्रोल (एनसीडीसी) ने बढ़ती ठंड में स्वाइन फ्लू तेजी से फैलने की आशंका जताई है। वर्तमान में देशभर में एच3एन1 नामक वायरस सक्रिय है। 2018 में वायरस एच1एन1 के सक्रिय होने की आशंका जताई गई है, जो और भी ज्यादा खतरनाक हो सकता है।

    - प्रदेश में अब तक स्वाइन फ्लू से 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि सरकारी आंकड़ों में मृतकों की संख्या 64 है। अब तक 400 से ज्यादा लोगाें की रिपोर्ट पॉजीटिव आई है। पिछले डेढ़ महीने से स्वाइन फ्लू का खतरा कम हुआ है।

    - अंबेडकर समेत निजी अस्पतालों में फिलहाल कोई मरीज भर्ती नहीं है। स्वास्थ्य विभाग और आम लोगों के लिए राहत की बात है कि स्वाइन फ्लू के लक्षण वाले भर्ती मरीजों की भी रिपोर्ट निगेटिव आ रही है। विभाग के आंकड़े बताते हैं, ढाई महीने पहले यानी 1 अक्टूबर को स्वाइन फ्लू के 273 मरीज थे और 58 मरीजों की मौत हो गई थी। इसके बाद 15 अक्टूबर के आंकड़ों के अनुसार मरीजों की संख्या बढ़कर 305 हो गई है।

    - वहीं मृतकाें की संख्या भी बढ़कर 64 हुई है। यही आंकड़े 11 दिसंबर तक बने हुए हैं। यानी पिछले दो महीनों में इस बीमारी से कोई मौत नहीं हुई है। निजी अस्पतालों के आंकड़ों के अनुसार अब तक 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। 15 अक्टूबर के बाद इसके लक्षण वाले मरीज तो भर्ती हो रहे हैं, लेकिन इनमें स्वाइन फ्लू की पुष्टि नहीं हुई है।

    - देवेंद्र नगर के निजी अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. सुनील खेमका ने बताया, राहत की बात है कि स्वाइन फ्लू के मरीज अभी नहीं आ रहे हैं। पहले मंगवाई गई दवाएं व वैक्सीन स्टाॅक में जाम हैं। विशेषज्ञों ने आने वाले दिनों में स्वाइन फ्लू का वायरस खतरनाक होने की बात कही है।

    - अंबेडकर अस्पताल में टीबी एंड चेस्ट के एचओडी डॉ. आरके पंडा ने बताया कि स्वाइन फ्लू के वायरस अभी सक्रिय नहीं हैं, यह अच्छा संकेत है। ठंड बढ़ने के साथ एच1एन1 वायरस बढ़नेे की आशंका है। यह वायरस पहले से बीमार लोगों के लिए जानलेवा होता है।

    सबसे ज्यादा मौतें दुर्ग में
    - स्वाइन फ्लू से अब तक दुर्ग में 15 लोगों की मौत हुई है। ये आंकड़े 15 अक्टूबर के पहले के हैं। रायपुर जिले में 14 व बालोद में स्वाइन फ्लू से अब तक आठ लोगों की जान गई है। पहली बार ऐसा हुआ कि शहर की बीमारी कही जाने वाली स्वाइन फ्लू से ग्रामीण भी प्रभावित हुए आैर मौतें तक हुईं।

    - अंबेडकर अस्पताल में 50 से ज्यादा संदिग्ध भर्ती किए गए। इनमें 10 लोगों की मौत हो गई। बाकी मरीजों को बचा लिया गया। मेडिसिन विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. आरएल खरे ने बताया कि स्वाइन फ्लू के ज्यादातर मरीजों को इलाज से ठीक कर लिया गया।

    अब वैक्सीन की कहीं डिमांड नहीं
    - थोक दवा बाजार के कारोबारियों का कहना है कि अभी किसी जिले से वैक्सीन व दवा की मांग नहीं आ रही है। रायपुर जिला थोक बाजार के अध्यक्ष ठाकुर राजेश्वर सिंह ने बताया कि बाजार में दो से ढाई करोड़ की दवा व वैक्सीन का स्टॉक जाम है।

    - मांग के अनुसार इसे बेचा जाएगा। अगस्त-सितंबर में महीनों तक वैक्सीन नहीं मिल रही थी। अब दवा व वैक्सीन को कोई पूछने वाला नहीं है। कारोबारियों के अनुसार बीमारी बढ़ने पर इसके उठाव में तेजी आएगी।

    इसलिए यह ज्यादा खतरनाक
    - डॉक्टरों ने बताया कि एनसीडीसी की जांच में इस बात की पुष्टि हो चुकी है कि अगले साल इन्फ्लूएंजा का एच1एन1 वायरस सक्रिय हो सकता है। जबकि इस साल एच3एन2 वायरस था। डॉ. पंडा ने बताया कि एच1एन1 के स्टेन में कुछ खास अंतर होता है।

    - कभी-कभी इसमें बहुत ज्यादा फर्क आ जाता है। जब 2009 में स्वाइन फ्लू फैला, तब इसका स्टेन एच1एन1 ही था। वायरस का यह स्वरूप काफी दिनों तक रहा। इसके बाद इसमें बदलाव आया।

    - 2016-17 में देश के विभिन्न शहरों में एच3एन2 वायरस सक्रिय था, जो अगले साल बदलकर एच1एन1 होने की पूरी आशंका है। यह एक खतरनाक वायरस है। उन्होंने बताया कि जो लोग फेफड़े, किडनी, डायबिटीज बीमारी से पीड़ित हैं, उनके लिए यह वायरस खतरनाक हो सकता है।

    वायरस का स्वरूप बदला
    - नेहरू मेडिकल कॉलेज के माइक्रो बायोलॉजी के एचओडी डॉ. अरविंद नेरल ने बताया कि स्वाइन फ्लू का वायरस अपनी स्टेन चेंज कर चुका है। इसीलिए गर्मी में भी सक्रिय रहा। राहत की बात यह है कि अभी इसके मरीज बिल्कुल नहीं आ रहे हैं। स्वाइन फ्लू सामान्यतः 25-30 डिग्री तापमान पर फैलता है।

    - ठंड में जुकाम होने पर एक बार विशेषज्ञ डॉक्टर से जरूर दिखाना चाहिए। ठीक न हो तो स्वाब का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजना जरूरी है। कई बार स्वाइन फ्लू के लक्षण होते हुए भी रिपोर्ट निगेटिव आती है। ऐसे में भी मरीज को पूरी दवा लेनी चाहिए।

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