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GIFLIG : कबीर कैफे की लाइव परफॉर्मेंस, मूवी स्क्रीनिंग और माइंड रीडिंग शो रहे खास

वेस्टर्न इंस्ट्रूमेंट्स पर गाए कबीर के दोहे, राहत ने सुनाया- इश्क ने गूंथे थे जो गजरे नुकीले हो गए।

Danik Bhaskar | Jan 08, 2018, 08:04 AM IST
लाइव कॉन्सर्ट के दौरान ऑडियंस ने रिद्म के साथ हाथ हिलाते हुए पांचों आर्टिस्ट की परफॉर्मेंस को सराहा और उनके साथ दोहे गुनगुनाए। लाइव कॉन्सर्ट के दौरान ऑडियंस ने रिद्म के साथ हाथ हिलाते हुए पांचों आर्टिस्ट की परफॉर्मेंस को सराहा और उनके साथ दोहे गुनगुनाए।

रायपुर. दैनिक भास्कर की ओर से 5 जनवरी से शुरू हुए द ग्रेट इंडियन फिल्म एंड लिटरेचर फेस्टिवल (जिफलिफ) का रविवार को समापन हुआ। वीआईपी रोड स्थित होटल बेबीलॉन इंटरनेशनल में तीन दिनों तक चले इस मेगा इवेंट में हजारों रायपुरियंस ने हिस्सा लिया। कला, फिल्म और साहित्य जगत की नामचीन हस्तियां के लोकप्रिय मंच बन चुके जिफलिफ का अंतिम दिन कबीर के दोहों की रॉकिंग परफॉर्मेंस देने वाले कबीर बैंड, मशहूर शायर राहत इंदौरी, साहित्यकार रस्किन बॉन्ड, मेंटालिस्ट अभिषेक आचार्या और पोएट्री स्लेम का ग्रेंड फिनाले के नाम रहा। इसके अलावा दोपहर से शुरू हुए अलग-अलग सेशन में भी बड़ी संख्या में रायपुरियंस पहुंचे। शुरुआत मूवी "द स्कूल बैग' की स्क्रीनिंग से हुई। फिर एनीमेटेड मूवी ‘एग्रीनोई‘ दिखाई। डॉक्यूमेंट्री “बर्लिन टैब्लेयू‘ और शॉर्ट मूवी “लेट सम क्लाउड फ्लोट इन‘ की भी स्क्रीनिंग हुई। यहां अभिमन्यु कुकरेजा निर्देशित "राॅक्यूमेंट्री' का ट्रेलर लॉन्च किया गया। रविंदर सिंह और सौम्या कुलश्रेष्ठ का कन्वर्सेशन भी हुआ। करन कुकरेजा ने बताया कि पोएट्री स्लेम के फिनाले में इति दांडेकर विनर बनीं।

रस्किन बॉन्ड बोले- मधुबाला मेरी फेवरेट एक्ट्रेस

पद्मश्री और पद्म भूषण रस्किन बॉन्ड और विकास सिंह का कन्वर्सेशन हुआ। रस्किन ने कहा- वे पहली बार छत्तीसगढ़ आए हैं। उन्होंने अपनी राइटिंग स्टाइल, लघु कथाएं, लाइफ, नॉवेल और फिल्मों पर चर्चा की। बच्चाें ने भी उनसे सवाल पूछे। फेवरेट एक्ट्रेस कौन है पूछने पर रस्किन ने मधुबाला का नाम लेते हुए कहा- उनकी स्माइल अच्छी लगती थी। उन्होंने मीना कुमारी और नरगिस की भी तारीफ की।

मेमोरेबल परफॉर्मेंस

लाइव कॉन्सर्ट के दौरान ऑडियंस ने रिद्म के साथ हाथ हिलाते हुए पांचों आर्टिस्ट की परफॉर्मेंस को सराहा और उनके साथ दोहे गुनगुनाए...

गले मिले भी तो दिल में मलाल रहने दिया... : शकील

राहत इंदौरी: "इश्क ने गूंथे थे जो गजरे नुकीले हो गए, तेरे हाथों में तो ये कंगन भी ढीले रह गए, फूल बेचारे अकेले-अकेले रह गए गांव की सब तितलियों के हाथ पीले हो गए...’, "सबको रुसवा बारी-बारी किया करो, हर मौसम में फतवा जारी किया करो, नींदों का आंखों का रिश्ता टूट गया, अपने घर की पहरेदारी किया करो...’, "एक अखबार हूं औकात ही क्या मेरी, मगर शहर में आग लगाने के लिए काफी हूं्, मेरे बच्चों मुझे दिल खोल के खर्चा करो मैं अकेले ही कमाने के लिए काफी हूं...’।

शकील अाजमी: “मेरे साथ अपने खुशनुमा अंदाज से जो रंजिशें थी, उन्हें बरकरार रहने दिया, गले मिले भी तो दिल में मलाल रहने दिया... गली में गए भी तो आवाज देकर लौट आए, तमाम रात उसे बेकरार रहने दिया...’।
शायराना शाम कार्यक्रम का संचालन मनोज कुकरेजा ने किया।

कबीर कैफे लाइव...

जिफलिफ की अंतिम शाम पांच यंग आर्टिस्ट के ग्रुप कबीर कैफे के लाइव काॅन्सर्ट के नाम रही। कलरफुल लाइट्स के बीच वेस्टर्न म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट्स में कबीर के दोहों की रॉकिंग परफॉर्मेंस रायपुरियंस के लिए स्पेशल रही। वॉयलिन, मेंडोलन, बेस गिटार और ड्रम पर वोकल आर्टिस्ट नीरज आर्या के साथ मुकुंद रामास्वामी, रमन अय्यर, रूएल, वीरेन सोलंकी ने एनर्जेटिव परफॉर्मेंस दी। ग्रुप ने शुरुआत भजन चदरिया झीनी रे... से की। इसके बाद "हल्के गाड़ी हाको मेरे राम गाड़ी वाले...’ की परफॉर्मेंस ने रायपुरियंस को झूमने पर मजबूर कर दिया। म्यूजिक की मस्ती के बीच बैंड ने “चरखा चलता नाही रे मेरा चरखा हुआ पुराना...’, “माटी कहे कुम्हार से तू क्या रोंदू मोहे एक दिन ऐसा आएगा मैं रोदूंगी तोहे... की शानदार परफाॅर्मेंस दी।

माइंड रीडिंग से किया हैरान

जिफलिफ के अंतिम दिन मेंटालिस्ट अभिषेक आचार्या का माइंड रीडिंग शो भी खास रहा। अॉडियंस से एक लड़की को मंच पर बुलाकर उन्हें आंखें बंद कर किसी कॉमन कैरेक्टर के बारे में सोचने के लिए कहा। अभिषेक ने पहले उस पर्सन का कार्टून बनाया, फिर अगले ही पल उसका नाम बताकर सबको हैरान कर दिया। ऑडियंस गैलरी में अभिषेक ने लोगों से सीधे इंट्रेक्ट किया।

अभिषेक आचार्या का माइंड रीडिंग शो भी खास रहा। अभिषेक आचार्या का माइंड रीडिंग शो भी खास रहा।
पद्मश्री और पद्म भूषण रस्किन बॉन्ड और विकास सिंह का कन्वर्सेशन पद्मश्री और पद्म भूषण रस्किन बॉन्ड और विकास सिंह का कन्वर्सेशन
शायराना शाम में शकील अाजमी। शायराना शाम में शकील अाजमी।
राहत इंदौरी अपने उसी अंदाज में। राहत इंदौरी अपने उसी अंदाज में।