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राजधानी में पतंजलि के बिस्कुट और शहद के सैंपल जांच में फेल, मिस ब्रांडिंग का केस

खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत ऐसे केस में तीन-तीन लाख रुपए तक जुर्माना हो सकता है।

पीलूराम साहू | Last Modified - Feb 08, 2018, 08:08 AM IST

राजधानी में पतंजलि के बिस्कुट और शहद के सैंपल जांच में फेल, मिस ब्रांडिंग का केस

रायपुर.कंपनी पतंजलि के बिस्कुट, शहद व कुकीज के राजधानी की दो दुकानों से लिए गए सैंपल यहां की लैबोरेटरी जांच में फेल हो गए हैं। फूड एंड ड्रग अमले ने सैंपल लेकर जांच करवाई थी कि इनकी पैकिंग में जो दावे किए गए हैं, वह सही हैं या नहीं। अफसरों ने बताया कि ये दावे प्रयोगशाला जांच में भ्रामक पाए गए हैं। इस वजह से तीनों प्रोडक्ट को लेकर फूड-ड्रग विभाग पतंजलि के खिलाफ मिस लीडिंग व मिस ब्रांडिंग का केस दर्ज करवाने जा रहा है। खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत ऐसे केस में तीन-तीन लाख रुपए तक जुर्माना हो सकता है।

प्योर हनी 250 ग्राम के जार का सैंपल लिया था
फूड एंड ड्रग विभाग ने 16 से 30 जनवरी के बीच सुंदरनगर के संजीव पोद्दार व बिग बाजार पंडरी स्थित रितेश कुमार की दुकान से पतंजलि बिस्कुट, प्योर हनी व कुकीज का सैंपल लिया था। इन खाद्य पदार्थों के पैकेट पर शुद्ध, 100 फीसदी स्वास्थ्यवर्धक, पचाने में सरल लिखा गया। अधिकारियों ने प्योर हनी 250 ग्राम के जार का सैंपल लिया था। यह हरिद्वार में बना है और बैच नंबर सीपी 94, निर्माण तिथि नवंबर 16 है। डाइजेस्टिव कुकीज का लॉट नंबर के दो बी बटा केपी 01 है। यह हुगली की फैक्ट्री में बना है। पोद्दार व रितेश को नोटिस देकर जांच रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं होने पर दावा-आपत्ति करने का नोटिस भी जारी किया गया है।

भास्कर को मिली लैब जांच रिपोर्ट की कॉपी

पतंजलि प्योर हनी

- नमी 12.45 फीसदी मिली। अधिकतम 25 फीसदी होनी चाहिए।

- शुगर 79.24 फीसदी, जबकि न्यूनतम 65 फीसदी होना चाहिए।

- सुक्रोज 3.61 फीसदी, जबकि अधिकतम 5 फीसदी होना चाहिए।

- फ्रक्टोज- ग्लूकोज 1.52 फीसदी, न्यूनतम सीमा 0.95 फीसदी।

डाइजेस्टिव कुकीज

- एश इंसोल्युबल की मात्रा 0.04 फीसदी पाई गई। कम होनी चाहिए।

- एसिडिटी आफ एक्सट्रेक्टेड फैट अधिक (0.82 फीसदी) पाया गया।

पक्ष रखने के लिए एक माह
असिस्टेंट कमिश्नर फूड एंड ड्रग डॉ. अश्विनी देवांगन ने बताया कि पतंजलि के तीनों उत्पाद जांच में फेल हो गए हैं। इसलिए कंपनी के खिलाफ कोर्ट में केस दायर किया जाएगा। जो लोग इस प्रोडक्ट को यहां बेच रहे थे, उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए एक माह का समय दिया गया है।

राष्ट्रीय लैब से करवा सकते हैं जांच
पतंजलि के 3 उत्पाद बिस्कुट, कुकीज व प्योर हनी जांच में फेल हुए हैं। कंपनी के खिलाफ मिस लीडिंग व मिस ब्रांडिंग का केस दर्ज होगा। पक्ष रखने के लिए एक महीने का समय दिया है। दुकानदार सैंपल की जांच कोलकाता राष्ट्रीय लैब में जांच करवाने के लिए स्वतंत्र हैं। डॉ. अश्विनी देवांगन, असिस्टेंट कमिश्नर फूड एंड ड्रग

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