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गायब नाबालिगों की तलाश में फंसा बदमाश, निकला हथियारों -लड़कियों का सौदागर

पकड़े जाने के बाद पता चला वह ग्वालियर मप्र का मोस्ट वांटेड है और वहां हत्या लूट की वारदातें कर चुका है।

Dainik Bhaskar

Feb 09, 2018, 09:11 AM IST
ग्वालियर से हथियार लाकर बेचता ग्वालियर से हथियार लाकर बेचता

रायपुर. पंडरी के गांधीनगर में 15 दिनों के भीतर एक के बाद एक दो नाबालिगों की गुमशुदगी के बाद पुलिस ने राजिम में दबिश देकर लड़कियों और हथियारों का सौदागर कपिल अग्रवाल पकड़ा है। नाबालिगों को उसने वहीं किराये के मकान में बहला फुसलाकर रखा था। वहीं उसने उनके साथ दुष्कर्म भी किया। उसकी प्लानिंग उन्हें दिल्ली में बेचने की थी। पुलिस के द्वारा पकड़े जाने के बाद पता चला वह ग्वालियर मप्र का मोस्ट वांटेड है और वहां हत्या लूट की वारदातें कर चुका है। वहां एक गैंगवार में उसे गोली भी लगी थी। पिछले छह साल से वह पंडरी में छिपा था। रायपुर में फरारी के दौरान उसने गाड़ियों की खरीदी-बिक्री का काम चालू किया। इसी की आड़ में वह हथियारों की सप्लाई करता था। वह दिल्ली और मप्र से हथियार लाकर बेचता था।

दाे नाबालिगों को अपने जाल में फंसाया

पुलिस के मुताबिक, पंडरी में वह अक्सर बदमाश किस्म के लोगों को पिस्टल दिखाकर उन पर रौब झाड़ता था। उसके पास पिस्टल देखकर आहिल उर्फ साहिल खान (19 वर्ष) और अंकित द्विवेदी (19 वर्ष) प्रभावित थे। उन्हीं की मदद से उसने दाेनों नाबालिगों को अपने जाल में फंसाया। शादी का झांसा देकर 15 दिन पहले एक नाबालिग को लेकर भागा। उसके साथ दिल्ली में कुछ दिन रहने के दौरान दुष्कर्म किया। वहां उसने नाबालिग को बेचने की कोशिश की। सौदा नहीं पटने पर वह लौट गया। यहां आकर वह सीधे राजिम गया। वहां किराये का मकान लेकर वहीं उसे रखा।

दूसरी नाबालिग के साथ भी उसने दुष्कर्म किया

इसी दौरान तीन दिन पहले उसने वहीं की एक और नाबालिग को फंसाया और उसे भी राजिम ले गया। दूसरी नाबालिग के साथ भी उसने दुष्कर्म किया। इसी बीच पंडरी में दो नाबालिगों के गायब होने से खलबली मच गई। पुलिस भी तुरंत हरकत में आई और राजिम में छापा मारकर नाबालिगों को छुड़ाया गया। कपिल के पकड़े जाने की सूचना ग्वालियर पुलिस को भी दे दी गई है।

नाम बदलने में भी माहिर था

आरोपी के मोबाइल को खंगालने पर उसमें एक माफिया आईकान नाम का ग्रुप मिला। जिसमें उसने 18 से 21 साल के लड़कों को जोड़ रखा है। पुलिस को अंदेशा है कि ग्रुप में जुड़े लड़कों की मदद से वह अपना गैंग चला रहा था। वह नाम बदलने में भी माहिर था। अब तक उसके छह नामों का पता चला है जिसमें मोनू,तोमर, प्रशांत जैसे नाम शामिल हैं।

ग्वालियर से हथियार लाकर बेचता था कपिल
सिविल लाइन टीआई हेमकृष्ण नायक ने बताया कि कपिल उर्फ मोनू राजधानी में हथियार बेचने का धंधा करता था। ग्राहक की तलाश करने के लिए ही उसने पंडरी के आहिल और अंकित को अपना शार्गिद बनाया था। दोनों हथियारों की खरीदी-बिक्री में मोनू की मदद करते थे। वह ग्वालियर से देशी कटटा, कारतूस जैसे कई हथियार लाकर रायपुर में बेचता था। कुछ दिन पहले ही उसने ग्राहक को सप्लाई करने के लिए आहिल और अंकित को दो कटटा और कारतूस दिया था। पुलिस ने उसे बरामद कर लिया गया है।

ऐसे मिला क्लू
15 दिन पहले नाबालिग के परिजनों की शिकायत पर सिविल लाइन थाने में गुम इंसान का मामला दर्ज किया। पुलिस आरोपी की तलाश कर रही थी जुटी हुई थी। इस बीच कपिल 5 फरवरी को एक और नाबालिग को भगाकर ले गया। दोनों के लापता होने के बाद पुलिस ने जांच तेज की। लोगों ने कपिल पर शंका जाहिर की। पुलिस की एक टीम ने उसके करीबियों को खंगाला। आहिल और अंकित के नाम सामने आए। उन्हें हिरासत में लेने के बाद जब पुलिस ने सख्ती की पूरा सच सामने आया। नाबालिगों के अपहरण में भी दोनों की भूमिका सामने आई है।

क्या थी प्लानिंग
कपिल दोनों नाबालिगों को किसी भी बड़े शहर में ले जाकर बेचने की तैयारी में था। वह उन्हें अच्छी नौकरी और काम का झांसा देकर ले जाता। अफसरों के अनुसार उसने राजिम में दोनों नाबालिगों को एक ही मकान में रखा था, लेकिन दोनों को ये कहकर झांसा दिया कि वह यानी नाबालिग जबरदस्ती उसके साथ आई है।

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ग्वालियर से हथियार लाकर बेचता ग्वालियर से हथियार लाकर बेचता
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