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नक्सली बताकर ठेकेदार से की एक करोड़ लूटने की कोशिश, पुलिस ने किया गिरफ्तार

ठेकेदार से 1 करोड़ रुपए ऐंठने की कोशिश कर रहे तीन पूर्व एसपीओ समेत चार लोगों को पुलिस ने रविवार को जंगल से गिरफ्तार किया

Bhaskar News | Last Modified - Dec 18, 2017, 07:36 AM IST

  • नक्सली बताकर ठेकेदार से की एक करोड़ लूटने की कोशिश, पुलिस ने किया गिरफ्तार

    कांकेर/रायपुर.खुद को नक्सली बताकर ठेकेदार से एक करोड़ रुपए ऐंठने की कोशिश कर रहे तीन पूर्व एसपीओ समेत चार लोगों को पुलिस ने रविवार को जंगल से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक रावघाट परियोजना में रेललाईन बिछाने काम कर रहे महाराष्ट्र के ठेकेदार अतुल डोरलेकर को 4 दिसंबर से अज्ञात नंबर से कॉल आ रहे थे।

    - कॉल करने वाले ने खुद को कड़मे दलम का नक्सली बता काम बंद करने या फिर एक करोड़ रुपए की फिरौती मांगी। परेशान ठेकेदार ने पुलिस से गोपनीय शिकायत की। पुलिस ने मामला क्राईम ब्रांच व सायबर सेल को सौंपा। पुुलिस के निर्देश के मुताबिक ठेकेदार ने 17 दिसंबर को रकम देने की डील की।

    - आरोपियों ने ठेकेदार को केंवटी व शाहकट्टा के बीच फरसकोट जंगल में रकम लेकर बुलाया। क्राईम ब्रांच व पुलिस की टीम सादे वर्दी में इलाके में फैल गई। रविवार दोपहर ठेकेदार के साथ क्राईम ब्रांच का जवान बाइक से बैग लेकर फरसकोट जंगल पहुंचा।

    - उसे देखते ही चारों आरोपी वहां पहुंचे। इनके सामने आते ही आसपास छिपे सादे वर्दी में जवान बाहर आए जिन्हें देख आरोपी भागने लगे। जवानों ने दौड़ाकर पकड़ा। कार्रवाई में भानुप्रतापपुर थानाप्रभारी गैंदसिंह ठाकुर, थाना के जवान के अलावा क्राईम ब्रांच टीम शामिल थी।

    एक कंपनी का था पूर्व मजदूर, जिसे मालूम था ठेकेदार का नंबर :
    - पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम दुवारूराम सलाम (26)ष पिता घसिया निवासी खड़खा, धनेश उयके (28) पिता सहदेेव निवासी मरदेल, भुवन भुआर्य (42) पिता झाड़ुराम निवासी कर्मचारी कालोनी तीनों थाना भानुप्रतापपुर तथा रवींद्र दुग्गा (22) पिता बुधराम निवासी सुलंगी थाना कोयलीबेड़ा बताया। दुआरू पूर्व में प्रोजेक्ट में मजदूरी काम करता था इसलिए उसके पास ठेकेदार का नंबर था।

    पुलिस को चकमा देने बदल रहे थे नेटवर्क
    - पुलिस ने इनसे दो सिम बरामद किए जो उन्हें कहीं पड़े मिले थे। इसे वारदात को अंजाम देने इस्तेमाल किया। पुलिस ने इन तक पहुंचने लोकेशन तलाशा लेकिन ये काल करने नेटवर्क रेंज भी बदल रहे थे। सायबर सेल इन तक पहुंचने सभी नंबरों को लगातार ट्रेस करती रही और जालबिछा दबोच लिया।

    पहले नक्सलियों ने भगाया, फिर पुलिस ने नौकरी से निकाला
    - आरोपी दुवारू, धनेश तथा भुवन पूर्व में नक्सली सहयोगी थे। शंका होने पर नक्सलियों ने इन्हें परिवार समेत गांव से भगा दिया तो भानुप्रतापपुर आकर रहने लगे। नक्सल पीड़ित होने के कारण तीनों पुलिस में एसपीओ बन गए। यहां भी वसूली करते थे। खबर लगने पर पुलिस ने निकाल दिया। इसके बाद मजदूरी कर रहे थे।

    न्यायायिक रिमांड में भेजा जेल
    क्राईम ब्रांच प्रभारी बृजेश कुशवाहा ने बताया फर्जी नक्सली बन फिरौती मांगने वाले आरोपियों के कब्जे से दो सिम, मोबाईल जब्त किया गया है।चारों को न्यायायिक रिमांड में जेल भेज दिया गया है।
    21 दिन पहले एक ठेकेदार के बेटे की हुई थी हत्या : 21 दिन पहले रावघाट परियोजना रेललाइन के लिए लकड़ी कटाई कर रहे ठेकेदार के बेटे की नक्सलियों ने गोली मार हत्या कर दी थी। घटना के बाद से इलाके में ठेकेदार खौफजदा थे। गिरफ्तार किए गए चारों आरोपी इसी का फायदा उठाना चाह रहे थे।

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