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विधानसभा शीत सत्र : विपक्ष बोला- किसान मर रहे हैं और सरकार तिहार मना रही है

सरकार बोली-खेती की वजह से किसी ने नहीं की आत्महत्या।

Danik Bhaskar | Dec 20, 2017, 09:10 AM IST

रायपुर. शीतकालीन सत्र के पहले ही दिन कांग्रेस ने सदन में किसानों के मुद्दे पर स्थगन पेश कर इस पर चर्चा करने के लिए हंगामा किया। विपक्ष ने प्रदेश में किसानों की माली हालत खराब होने और किसानों के आत्महत्या के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया। भाजपा के संकल्प पत्र और सदन में धान का बाेनस देने की घोषणा का जिक्र करते हुए नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव ने कहा कि मुख्यमंत्री यह कह दें कि हम नहीं दे सकते। मुद्दा खत्म हो जाएगा। हम सदन में मुद्दे को उठाएंगे तो राजनीति है, लेकिन आप बोनस तिहार मनाएंगे तो यह राजनीति नहीं है। विरक्ष का जवाब देते हुए खाद्य मंत्री पुन्नू लाल मोहले ने कहा कि प्रदेश में 13 लाख 24 हजार किसानों को धान का बोनस दिया जा चुका है। सोसायटियों में धान बेचने वाले किसानों में से 550 किसानों को छोड़कर शेष सभी किसानों को बोनस दिया गया। किसानों की मृत्यु हो जाने और बैंक खाते के वारिश के नाम पर ट्रांसफर होने के कारण भुगतान नहीं हो पाया है। यह भी जल्द हो जाएगा।

विधानसभा शीत सत्र - चुनाव आता है तो बोनसयाद आता है : भूपेश

- इससे पहले स्थगन पर चर्चा की शुरुआत करते हुए कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने कहा कि मुख्यमंत्री ने इसी सदन में किसानों से धान का बोनस और एक-एक दाना धान खरीदने का वादा किया था। लोकसभा चुनाव से पहले बोनस दिया गया फिर अब विधानसभा चुनाव से पहले बोनस देने की पहल हुई है। इस साल तो हद हो गई, किसान आत्महत्या कर रहे हैं और सरकार ने सूखा पीड़ित प्रदेश में तिहार मनाना शुरू कर दिया।

- उन्होंने किसानों का ऋण माफ करने, बीमा राशि का तत्काल भुगतान कराने और धान खरीदी के नियम शिथिल करने की सरकार से मांग की। कांग्रेस विधायक सत्यनारायण शर्मा ने कहा कि बिलासपुर के कमिश्नर ने तो किसानों को धमकी दी है कि यदि वे रबी की धान की फसल लेंगे तो उन्हें जेल भेज दिया जाएगा। कांग्रेस के ही उमेश पटेल ने कहा कि वे खुद कलेक्टर के पास गए थे, लेकिन कलेक्टर ने बताया कि रबी की धान प्रतिबंधित है।

सीएम ने चर्चा के लिए सहमति देकर विवाद रोका

नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव समेत कांग्रेस पार्टी के 33 विधायकों द्वारा दिए गए स्थगन प्रस्ताव का सत्ता पक्ष ने जमकर विरोध किया। संसदीय कार्यमंत्री अजय चंद्राकर और राजस्व मंत्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय ने इसका विरोध किया। उसके बाद मुख्यमंत्री ने इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए कहा कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है। इसके बाद स्पीकर ने भोजनावकाश के बाद चर्चा की अनुमति दे दी।

रबी धान पर प्रतिबंध नहीं: कृषि मंत्री
- कृषि एवं जल संसाधन मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि राज्य में रबी की धान की फसल लेने पर किसी तरह का प्रतिबंध नहीं है। कृषिमंत्री ने मुख्य सचिव का पत्र पढ़कर सुनाते हुए इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जहां पेयजल और निस्तारी के लिए पानी की समस्या है वहां सरकार ने रबी की धान की फसल को हतोत्साहित करने के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए है।

- उन्होंने कहा कि उनकी सरकार किसानों को 300 रुपए धान का बोनस दे चुकी है और अब 696 करोड़ रुपए फसल बीमा के रूप में देने जा रही है। इसके बाद आरबीसी 6-4 के तहत किसानों को मुआवजा भी देगी।

- एक सवाल के जवाब में कृषि मंत्री ने कहा कि उनके कार्यकाल में एक भी किसान ने खेती-किसानी की वजह से आत्महत्या नहीं की है। इसके बाद विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया। सत्यनारायण शर्मा, धनेन्द्र साहू, उमेश पटेल और अमरजीत भगत समेत कई कांग्रेसी विधायकों ने मंत्री पर गलतबयानी का आरोप लगाया।

कांग्रेस ने दी अविश्वास प्रस्ताव की सूचना
- शीत सत्र के पहले दिन कांग्रेस विधायक दल ने सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की सूचना दे दी है । चतुर्थ विधानसभा में सरकार के खिलाफ कांग्रेस का दूसरा अविश्वास प्रस्ताव होगा। हालांकि, कांग्रेस ने अविश्वास प्रस्ताव के बिन्दुओं का खुलासा नहीं किया है, लेकिन माना जा रहा है कि अविश्वास प्रस्ताव के लिए कांग्रेस ने सौ से अधिक बिन्दुओं को शामिल किया है। इसमें मौजूदा वक्त के सरकार की खिलाफत के सभी मुद्दों को शामिल किया गया है।

- बताया जा रहा है इसमें सीडी कांड, किसानों की आत्महत्या, शिक्षाकर्मियों का आंदोलन, बिगड़ती कानून व्यवस्था, नक्सल हिंसा, आदिवासी उत्पीड़न, बलात्कार, प्रशासनिक अराजकता जैसे मुद्दों का उल्लेख करते हुए कांग्रेस ने विधानसभा सचिवालय को अविश्वास प्रस्ताव की सूचना दी है।

- बताया जा रहा है इसमें सीडी कांड, किसानों की आत्महत्या, शिक्षाकर्मियों का आंदोलन, बिगड़ती कानून व्यवस्था, नक्सल हिंसा, आदिवासी उत्पीड़न, बलात्कार, प्रशासनिक अराजकता जैसे मुद्दों का उल्लेख करते हुए कांग्रेस ने विधानसभा सचिवालय को अविश्वास प्रस्ताव की सूचना दी है।