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आॅप्टिकल फाइबर नेटवर्क से जुड़ेंगी छत्तीसगढ़ की 6 हजार पंचायतें, केंद्र और राज्य के बीच MOU

रिंग पद्धति तकनीक का उपयोग कर ग्राम पंचायतों तक बेहतर कनेक्टिविटी देने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है।

Danik Bhaskar | Dec 31, 2017, 08:29 AM IST
कार्यक्रम को संबोधित करते सीए कार्यक्रम को संबोधित करते सीए

रायपुर. मुख्यमंत्री रमन सिंह और केन्द्रीय संचार राज्यमंत्री मनोज सिन्हा की मौजूदगी में भारत नेट परियोजना के दूसरे चरण के लिए शनिवार को एमओयू किया गया। इसके तहत छत्तीसगढ़ के 85 विकासखंडों की 6000 ग्राम पंचायतों को ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। इस मौके पर सिन्हा ने कहा कि रिंग पद्धति तकनीक का उपयोग कर ग्राम पंचायतों तक बेहतर कनेक्टिविटी देने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में 1830 करोड़ रुपए की लागत से 1028 मोबाइल टॉवरों की स्थापना को भी केंद्र ने मंजूरी दे दी है। कार्यक्रम में सांसद रमेश बैस, मुख्य सचिव विवेक ढांड, प्रमुख सचिव आईटी अमन सिंह सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

अंतिम गांव तक पहुंचाएंगे इंटरनेट कनेक्टिविटी -रमन सिंह

- सीएम रमन सिंह ने कहा कि गांव-गांव को सरकार इंटरनेट कनेक्टिविटी से जोड़ेगी। सीएम ने ये भी कहा कि अब जब वे कहीं सभा में जाते हैं, तो लोग ये पूछते हैं कि मोबाइल का नेटवर्क नहीं मिलता, इसके लिए सुविधा दे दीजिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अंतिम गांव तक वे इंटरनेट की कनेक्टिविटी पहुंचाएंगे।

- मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछड़े समझे जाने वाले अबूझमाड़ के ग्रामीणों की भी प्राथमिकताएं बदल गई हैं। ग्रामीण सड़क, स्कूल, अस्पताल के साथ अब बेहतर मोबाइल कनेक्टिविटी की मांग करने लगे हैं। डिजिटल कनेक्टिविटी के विस्तार के लिए लगभग 3400 करोड़ रुपए की लागत की तीन परियोजनाओं बस्तर नेट, भारत नेट और संचार क्रांति योजना (स्काई) पर काम चल रहा है।

- उन्होंने कहा कि इन तीनों परियोजनाओं के पूरा होने के बाद इसके बेहतर उपयोग के लिए कार्ययोजना बनाने की जरूरत होगी। इसके लिए उन्होंने मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक कार्यकारी समिति बनाने के लिए कहा। यह समिति अगले चार माह में नेटवर्क यूटिलाइजेशन प्लान कंटेट प्लान बनाने का काम करेगी।

रमन अब ब्राडबैंड वाले बाबा: सिन्हा
डिजिटल क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की प्रगति और योजनाओं पर प्रसन्नता जताते हुए सिन्हा ने कहा कि रमन सिंह छत्तीसगढ़ में चाउर वाले बाबा के नाम से जाने जाते थे, लेकिन डिजिटल क्षेत्र में जिस तरह के काम हो रहे हैं। उसके बाद अब सीएम रमन सिंह को मोबाइल बाबा या ब्रॉड बैंड बाबा के नाम से जाना जाएगा।