--Advertisement--

टूरिस्ट बस में फैला करंट, मां ने यूं बच्चे को फैंककर बचाई जान

लोहरा खरखरा डेम के पास बस में करंट से फैलने दहशत फैल गई।

Danik Bhaskar | Dec 18, 2017, 04:13 AM IST

बालोद(रायपुर). शहर से 29 किमी दूर लोहारा खरखरा डेम के पास रविवार सुबह 9.30 बजे उस समय अफरा-तफरी मच गई जब डेम में घुमने पहुंचे टूरिस्ट बस में करंट फैल गया। इस दौरान बस में एक बच्चा व 12 महिलाएं बैठी थी। जिसमें एक महिला की मौत हो गई। जो दो दिन पहले ही राजस्थान से अपनी बेटी के घर तीन माह रहकर भिलाई लौटी थी। वहीं दो को रेफर किया गया। कुल 59 में 46 लोग पहले से उतरकर डेम की ओर पहुंच रहे थे।

- जानकारी के अनुसार भिलाई इस्पात में काम करने वाले भिलाई के अवधिया बिहारी समाज के लोग पिकनिक मनाने के लिए खरखरा पहुंचे थे। मनीष बस के चालक ने मेन गेट से बस को 350 मीटर अंदर पानी छोड़ने के स्थान पर ले गया।

- इसके बाद वह बस और केनाल के रास्ते से और अंदर बस को घुसा रहा था। इसी दौरान अचानक ऊपर से गुजर रही 11 केवी का करंट बस में फैल गया। बस चालक फरार हो गया।
- बस के अंदर भगदड़ मचने से भिलाई शांति नगर निवासी 60 वर्षीया सुनैना देवी की मौत हो गई। वहीं सेक्टर 5 निवासी 52 वर्षीया नीलम सिंह, शांति नगर निवासी 50 वर्षीय ललिता सिन्हा गंभीर रूप से झुलस गई जिसे गंभीर अवस्था में सेक्टर-9 भिलाई रेफर किया गया है।

- घटना की जानकारी लगते ही क्षेत्र के जिला पंचायत अध्यक्ष देवलाल ठाकुर व जनपद उपाध्यक्ष दुष्यंत गिरी गोस्वामी मदद के लिए घटना स्थल पर पहुंचे।

सामने अम्मा चिपक गिरी तब हम निकले
- संध्या सिन्हा िनवासी भिलाई सेक्टर-5 ने भास्कर को बताया तेज झटकों के साथ पूरे बस में करंट था। बस के पीछे में सिलेंडर रखा था। मैं घबरा गई थी। सिलेंडर फटेगा और बस में पूरी तरह से आग लग जाएगी।

- मैं नीलम व ललिता दीदी के निकलने के बाद सुनैना अम्मा धीरे से निकलने का प्रयास कर रही थी। वह वृद्ध थी इसलिए लोहे के एंगल को पकड़ी तो पूरी तरह चिपक गई। कुछ ही सेकंड में वह नीचे गिरी, इसके बाद हम उसी रास्ते से नीचे कूदे। हमें कुछ समझ नहीं आया।

- सभी लोग चिल्लाते रहे निकलो-निकलो... जितने भी लोग बाहर निकले थे, हम एंबुलेंस के लिए चिल्लाते रहे। दीदी लोग बेहोश थे। हम लोगों ने नहर का पानी पीकर प्यास बुझाया।

दूसरे रास्ते से बाहर निकल भागते रहे लोग
- शांतिनगर भिलाई की रहने वाली अनिता ने भास्कर को बताया कि मरने वाली सुनैनी दीदी मेरे साथ मेरे बगल में बैठ कर आई। हम डेम में उतरे भी नहीं थे, कि बस अचानक जोर से हिली... फिर तेज आवाज और टायर जलने की बदबू आने लगी, इसके बाद जिसने भी लोहे को छुआ उसे जोर का करंट लगा।

- बस के बाहर लगातार पटाखे फूटने जैसी तेज आवाजें आने लगी, चिंगारी निकलती और आग लगने जैसा अहसास होने लगा। हम खड़े हो गए। मै सुनैना दीदी के पीछे अपने आठ साल के बच्चे सुमित को लेकर निकलने की कोशिश कर रही थी। इसी आगे के दरवाजे पर चिपक गई।