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विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस और बीजेपी की तैयारी, आम लोगों पर फोकस

सीएम डॉ. रमन सिंह और मंत्रियों के अलावा संगठन के प्रमुख नेताओं के साथ बैठकें कीं।

Dainik Bhaskar

Jan 08, 2018, 08:56 AM IST
parties prepration for assembly elections

रायपुर. दिसंबर में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए रविवार को भाजपा-कांग्रेस की तैयारियों में तेजी आ गई। भाजपा राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रामलाल ने चौथी पारी के लिए जहां सीएम डॉ. रमन सिंह और मंत्रियों के अलावा संगठन के प्रमुख नेताओं के साथ बैठकें कीं। उन्होंने मिशन 65 प्लस के लिए 10 प्रमुख बिंदुओं पर काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा-लोगों के काम करने के लिए मंत्री गांवों में जाकर रात बिताएं। वहीं, कांग्रेस की नई टीम ने गठन के पहले ही दिन अभियान शुरू कर दिया। नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव ने कांग्रेस के घोषणा पत्र के लिए आम लोगों से सुझाव मांगे हैं। ऐसी पहल कांग्रेस की ओर से पहली बार हुई है।

आदिवासियों की जमीन बेचने के मामले में नेताओं ने चेताया-भाजपा को हो सकता है नुकसान
- रामलाल के सामने भाजपा नेताओं ने इस बात की आशंका जताई कि आदिवासियों की जमीन बेचने के मामले में किए जा रहे भू राजस्व संशोधन से पार्टी को नुकसान हो सकता है। खासकर सांसदों की बैठक में कई सांसदों ने कहा कि यह चुनाव वर्ष में ठीक नहीं है।

- वहीं अनुसूचित जनजाति प्रकोष्ठ की बैठक में नेताओं की नाराजगी का मामला भी सामने आया। बताते हैं कि बैठक से छह नेताओं ने विरोध के चलते दूरी बना ली।

- रामलाल जब सांसदों से बात कर रहे थे तब रामविचार नेताम ने इस पर सबसे पहले बात की। उसके बाद दूसरे सांसदों ने उनका साथ दिया।

- उन्होंने कहा कि भविष्य में चुनाव में पार्टी को नुकसान हो सकता है। उन्होंने पिछले चुनाव का भी उदाहरण दिया जब बस्तर से भाजपा लगभग साफ हो गई थी। सबका यही कहना था कि सरकार इस मामले में पुनर्विचार करे। बाद में मंत्रियों की बैठक के दौरान भी इस मुद्दे पर चर्चा हुई। बताते हैं कि रामलाल ने सरकार से इस मामले में पुनर्विचार करने के लिए कहा है। चुनावी वर्ष में इस तरह के विरोध से बचने की सलाह भी दी गई है। वैसे उन्होंने पूरा मामला सरकार पर छोड़ दिया है।

- बिलासपुर सांसद लखनलाल देवांगन ने ओबीसी की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि आदिवासी इलाकों में बरसों से रहे ओबीसी वर्ग के लोगों को जमीन के पट्टे सही तरीके से नहीं मिल रहे हैं।
- रामलाल ने निगम-मंडल के अध्यक्षों की कार्यप्रणाली को लेकर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि टिकट की दावेदारी के प्रयास करना छोड़कर पार्टी को विधानसभा चुनाव में जिताने के लिए जुट जाएं।

- अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ की बैठक के दौरान अध्यक्ष सिद्धनाथ पैकरा ने आदिवासी भूमि अधिनियम में संशोधन को लेकर आदिवासी समाज की नाराजगी की जानकारी दी।

- उन्होंने कहा कि इससे विधानसभा चुनाव में पार्टी को नुकसान होने की आशंका है।

- प्रकल्पों की बैठक में उन्होंने बेटी बचाओ अभियान, लाइब्रेरी, ई-लाइब्रेरी, भाजपा कार्यालयों के आधुनिकीकरण आदि की रिपोर्ट मांगी। उन्होंने पार्टी की सभी विंग को लगातार बैठकें करने के लिए कहा।

- उन्होंने कहा कि निचले स्तर पर हर महीने, जिले वे प्रदेश स्तर पर तीन से छह महीने में बैठकें लगातार होनी चाहिए। इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह व मंत्रियों से विस्तार से चर्चा की।

महंत ने मंदिर में चढ़ाई 90 प्रकार की मिठाई

इधर, टीएस सिंहदेव ने विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस घोषणा पत्र तैयार करने के लिए आम लोगों से सुझाव मांगे हैं। ऐसा पहली बार होगा जब घोषणा पत्र में आम लोगों की सहभागिता होगी। पार्टी के पदाधिकारियों से भी इस बारे में राय मांगी गई है। चुनाव अभियान समिति का प्रमुख बनाए जाने के बाद महंत ने पहले ही दिन यह संदेश दे दिया कि उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की तर्ज पर यहां भी हिंदू वोटों को साधने का प्रयास करेंगे। इसी कड़ी में उन्होंने मंदिर जाकर राज्य की 90 विधानसभा के लिए 90 प्रकार की मिठाई का प्रसाद चढ़ाया।

टिकट के दावेदारों को चेताया-

रामलाल ने निगम-मंडल के अध्यक्षों की कार्यप्रणाली को लेकर भी नाराजगी जताई। उन्होंने यह भी कहा कि टिकट की दावेदारी के प्रयास करना छोड़कर पार्टी को चुनाव में जिताने के लिए जुट जाएं।

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