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पीयूष ने बदल दिया था अपना असली नाम, कभी रोटी के लिए भी पड़ा था भटकना

ये कहना है राइटर, म्यूजिक कंपोजर, एक्टर, पोएट, स्कल्पचर आर्टिस्ट पीयूष मिश्रा का।

Bhaskar News | Last Modified - Dec 27, 2017, 11:50 PM IST

रायपुर. पांच साल पहले मैं बहुत कन्फ्यूज था- यही सोचता रहता था कि किस फील्ड में आगे बढ़ूं? क्योंकि मैं लिख रहा था, एक्टिंग कर रहा था, संगीत भी बना रहा था। अब कन्फ्यूजन पूरी तरह दूर हो चुका है। मैंने तय किया है कि काम वही करूंगा जिसमें मजा आए। इस कन्फ्यूजन को दूर करने में मेरे अनुभवों के साथ विपश्यना विधि ने अहम भूमिका निभाई है। ये कहना है राइटर, म्यूजिक कंपोजर, एक्टर, पोएट, स्कल्पचर आर्टिस्ट पीयूष मिश्रा का। अपनी गायिकी और कविताओं के जरिए देश-समाज की कड़वी सच्चाई बताने वाले पीयूष 5 जनवरी से शुरू हो रहे दैनिक भास्कर के तीन दिवसीय ग्रेट इंडियन फिल्म एंड लिटलेचर फेस्टिवल (जिफलिफ) में अपनी नई आैर पुरानी चुनिंदा कविताओं के साथ शामिल हो रहे हैं।

पैरेंट्स का दिया नाम नहीं था पसंद
जिफलिफ के गुड़गांव और भोपाल चैप्टर में शानदार परफॉर्मेंस देने के बाद पीयूष अपने बैंड “बल्लीमारान’ के साथ शहर के लिटरेचर लवर्स से रूबरू होंगे। प्रियकांत शर्मा (पुराना नाम) के दिल्ली एनएसडी में पढ़ाई से लेकर पीयूष मिश्रा बनने तक का रोचक सफर उन्होंने हमसे शेयर किया। बोेले- पैरेंट्स ने मेरा नाम प्रियकांत शर्मा रखा था। ये मुझे पसंद नहीं था, कोर्ट में आवेदन देकर प्रियकांत शर्मा से मैं पीयूष मिश्रा बन गया।


स्ट्रगल के बाद मिली सक्सेस
अपने संघर्ष के दिनों के बारे में पीयूष ने कहा- ग्वालियर से दिल्ली जाने के बाद शुरुआती दिनों मैंने खूब संघर्ष किया। मुझे रोटी, कपड़ा, मकान के लिए यहां-वहां भटकना पड़ा। लेकिन मैं उन दिनों संघर्ष के दिन नहीं कहूंगा। दरअसल, वो दिन मेरी पहचान काे तलाशने वाले दिन थे। मैं कौन हूं, दुनिया में क्यों आया हूं। ये तमाम सवाल आप खुद से करते हैं। कोई हताश होकर मैदान छोड़ देता है तो कोई आगे बढ़ता चला जाता है।


सुनाएंगे- कविता तुम मेरी जान हो रजिया बी...
- पीयूष जिफलिफ के रायपुर चैप्टर में अपने बैंड “बल्लीमारान‘ के साथ व्यंग्य, हास्य और मौजूदा हालातों को गीत के जरिए पेश करेंगे। अक्टूबर में हुए जिफलिफ के भोपाल चैप्टर में पीयूष ने उठ जा भाऊ... सॉन्ग की परफॉर्मेंस दी थी, जिसे ऑडियंस ने काफी एप्रीशिएट किया था।

- रायपुरियंस को भी ये परफॉर्मेंस सुनने का मौका मिलेगा। इससे पहले क्वेश्चन-आसंर सेशन में पीयूष शहर के लोगों से रूबरू होंगे। इसके बाद पोएट्री सेशन में पीयूष हाल ही में लिखे नए कविता संग्रह “तुम मेरी जान हो रजिया बी‘ से चुनिंदा कविताएं सुनाएंगे।

- उन्होंने बताया कि जिफलिफ में वो कविता भी पढ़ेंगे, जो पहली बार कक्षा आठवीं में लिखी थी। इसके अलावा “क्यों आते हो अंकल मुझको डर लगता है...’ जैसी कविताएं भी सुनाएंगे। बैंड बल्लीमारान के बारे में पीयूष ने बताया, बल्लीमारान दिल्ली में एक मोहल्ले का नाम है, जहां मशहूर शायर मिर्जा गालिब साहब रहते थे। उसी पर हमने बैंड का नाम रखा।


जिफलिफ 5 से, एंट्री फ्री
- दैनिक भास्कर की ओर से 5 जनवरी से वीआईपी रोड स्थित होटल बेबीलोन इन में जिफलिफ का आयोजन किया जा रहा है। ये गुड़गांव की कंपनी व्हाइट वॉल्स मीडिया का इनिशिएटिव है। जिफलिफ में एंट्री फ्री पास के जरिए मिलेगी। फ्री पास हासिल करने के लिए www.giflif.in पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा।
- जिफलिफ में पद्मभूषण रस्किन बॉन्ड, पद्मभूषण गोपालदास नीरज, एक्टर सौरभ शुक्ला, विनय पाठक, शायर राहत इंदौरी, कवि सुरेंद्र शर्मा, नेशनल अवॉर्ड विनर एक्टर-डायरेक्टर रजत कपूर, पीयूष मिश्रा अौर राइटर रविंदर सिंह, मेंटलिस्ट अभिषेक आचार्य जैसी शख्सियतें शामिल होंगी।

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