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विरोध को देखते हुए भू राजस्व अधिनियम का संशोधन वापस ले सकती है सरकार

इसमें आदिवासी इलाकों में सरकारी प्रोजेक्ट के लिए आपसी सहमति से जमीन की खरीदी-बिक्री करने का प्रावधान था।

Danik Bhaskar | Jan 10, 2018, 09:32 AM IST

रायपुर. चौतरफा विरोध को देखते हुए राज्य सरकार भू-राजस्व अधिनियम में हालही में किए गए संशोधन को वापस लेने पर विचार कर रही है। सरकार से मिले निर्देशों के बाद राजस्व विभाग और राजभवन के अफसरों ने मंगलवार को दिनभर इस बारे में विचार विमर्श किया। इस पर 11 जनवरी को होने वाली कैबिनेट मीटिंग में अंतिम फैसला लिया जाएगा। विधानसभा के पिछले शीत सत्र में सरकार ने भू राजस्व अधिनियम की धारा 165-6 में संशोधन किया था। इसमें आदिवासी इलाकों में सरकारी प्रोजेक्ट के लिए आपसी सहमति से जमीन की खरीदी-बिक्री करने का प्रावधान था। इस संशोधन का विपक्ष पहले सदन में और अब सदन के बाहर जमकर विरोध कर रहा है।

ये हैं विकल्प

1. राज्यपाल नए संशोधन के कुछ बिंदुओं पर असहमति जताते हुए स्पष्टीकरण मांगें और विधेयक को वापस करें।

2. राज्यपाल विधेयक का क्रियान्वयन को पेंडिंग रखें।

3. राज्य सरकार चाहे तो सुधार के लिए विधेयक को वापस मांग सकती है।

4. राज्य सरकार संशोधन को सीधे विड्रा भी कर सकती है।