--Advertisement--

प्रदेश में बनेगा ग्रामीण आवास निगम, पीएम आवास की तर्ज पर गांव में मकान दिए जाएंगे

पहली बार राज्यपाल के अभिभाषण में संशोधन के लिए 2 घंटे चली चर्चा

Danik Bhaskar | Jan 30, 2018, 05:42 AM IST
सिम्बॉलिक इमेज। सिम्बॉलिक इमेज।

रायपुर. प्रदेश में ग्रामीण आवास निगम बनाया जाएगा। पीएम आवास योजना की व्यापकता को देखते हुए सोमवार शाम हुई राज्य कैबिनेट बैठक में राज्य सरकार ने यह फैसला किया है। बैठक में विधानसभा के बजट सत्र में 5 फरवरी को होने वाले राज्यपाल के अभिभाषण को भी मंजूरी दी गई। हालांकि इसके पहले मंत्रियों की आपत्ति और लंबी बहस के बाद अभिभाषण में संशोधन भी किए गए, इसमें दो घंटे लग गए। एेसा पहली बार हुआ है जब अभिभाषण में इतने संशोधन हुए। सूत्रों के अनुसार कई मंत्रियों ने अभिभाषण में उनके विभागों की कई उपलब्धियों को शामिल न किए जाने पर आपत्ति जताई थी।

3427 करोड़ 28 लाख रूपए खर्च किए जाएंगे

बता दें कि प्रदेश में साल 2011 की सामाजिक-आर्थिक जनगणना के अनुसार एक कच्चे कमरे वाले मकानों में रहने वाले परिवारों की संख्या 9 लाख 58 हजार 745 और दो कच्चे कमरों वाले परिवारों की संख्या 9 लाख 07 हजार 601 हैं, जिन्हें आवास दिए जाएंगे। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के क्रियान्वयन के लिए छत्तीसगढ़ ग्रामीण आवास निगम का गठन किया जाए। योजना के तहत पूरे प्रदेश में वर्तमान वित्तीय साल 2017-18 को मिलाकर साल 2019-20 तक कुल 3427 करोड़ 28 लाख रूपए खर्च किए जाएंगे। इसके साथ ही मंत्रिपरिषद के 2017-18 के लिए चौथे अनुपूरक बजट के लिए लगभग 1400 करोड़ रुपए को मंजूरी दे दी। नए मुख्य सचिव अजय सिंह की बतौर सीएस यह पहली बैठक थी।

नक्सल प्रभावित जिलों में मकानों को मंजूरी
राज्य के नक्सल प्रभावित जिलों नारायणपुर, बीजापुर, सुकमा और दंतेवाड़ा में दो कमरों के कच्चे मकान वाले कुल 55 हजार 315 परिवारों को भी मकानों को मंजूरी दी गई। वर्तमान में इस योजना के तहत एक कमरे के कच्चे मकान वाले परिवारों को पक्के मकान स्वीकृत किए जा रहे हैं।

नक्सल प्रभावित जिलों में 55 हजार 315 परिवारों को मकान स्वीकृत
राज्य के नक्सल प्रभावित जिलों नारायणपुर, बीजापुर, सुकमा और दंतेवाड़ा में दो कमरों के कच्चे मकान वाले कुल 55 हजार 315 परिवारों को भी मकानों को मंजूरी दी गई। वर्तमान में इस योजना के तहत एक कमरे के कच्चे मकान वाले परिवारों को पक्के मकान स्वीकृत किए जा रहे हैं।