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हार्डकोर नक्सल प्रभावित इलाके में पली-बढ़ी ये लड़की, अब बनी डिप्टी कलेक्टर

बीजापुर जिले में पली-बढ़ी प्रीति दुर्गम से इस कथित पिछड़े इलाके को नई पहचान मिली।

Dainik Bhaskar

Dec 30, 2017, 08:34 AM IST
प्रीति दुर्गम। प्रीति दुर्गम।

बीजापुर(छत्तीसगढ़). दशकों से वामपंथ अतिवाद के थपेड़े खा रहे बीजापुर जिले में पली-बढ़ी प्रीति दुर्गम से इस कथित पिछड़े इलाके को नई पहचान मिली है। मूलतः उसूर की रहने वाली प्रीति दुर्गम का सलेक्शन सीजी पीएससी में डिप्टी कलेक्टर के लिए हुआ है। वह अजा वर्ग में इस पद पर अव्वल रही है। जिला मुख्यालय में पदस्थ शिक्षक राऊतपारा निवासी दुर्गम नागेश व मीना दुर्गम की बेटी प्रीति बीजापुर की पहली युवती है, जो डिप्टी कलेक्टर बनी है।


- उनकी प्राथमिक शिक्षा अल्फा पब्लिक स्कूल से हुई। उसके बाद उन्होंने जगदलपुर में दीप्ति कान्वेंट व केंद्रीय विद्यालय में 12वीं तक की शिक्षा ग्रहण की।

- 2012 में सीआईएमटी भिलाई से कंप्यूटर साइंस में बीई करने के बाद नई दिल्ली में यूपीएससी की कोचिंग ली। वे फिर चार साल से छग में ही पीएससी की तैयारी कर रहीं थीं। अजा वर्ग में डिप्टी कलेक्टर के दो पद थे। इसमें भी वे टाॅप पर रहीं।

- वे कहती हैं कि डिप्टी कलेक्टर में चयन को लेकर उन्हें थोड़ा संदेह था। चयन होने पर उन्हें काफी खुशी हुई। वे कहती हैं कि बचपन से ही उनकी इच्छा सिविल सर्विसेस में जाने की थी। उनका पैतृक निवास उसूर में है।

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प्रीति दुर्गम।प्रीति दुर्गम।
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