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एग्जाम नजदीक, कोर्स अधूरा, 15 अप्रैल तक सभी प्रशिक्षण कार्यक्रम रद्द

शिक्षकों की उपस्थिति वाले किसी भी प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन सरकार से अनुमति लिए बिना न किया जाए।

Dainik Bhaskar

Jan 14, 2018, 06:45 AM IST
Preventing teachers training

रायपुर. वार्षिक परीक्षाओं से ठीक पहले शिक्षाकर्मियों को गैर शैक्षणिक प्रोग्राम में भेजे जाने पर शिक्षा विभाग ने आपत्ति जताई है। प्रमुख सचिव विकासशील ने डीपीआई, राज्य माध्यमिक शिक्षा अभियान, माध्यमिक शिक्षा मंडल, एसईआरटी, सर्व शिक्षा अभियान और सभी जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र भेजकर 15 अप्रैल तक चल रहे सभी प्रशिक्षण कार्यक्रमों को रद्द करने के निर्देश दिए हैं।

पत्र में प्रमुख सचिव ने लिखा है कि शिक्षकों की उपस्थिति वाले किसी भी प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन सरकार से अनुमति लिए बिना न किया जाए। स्कूलों में तय कैलेंडर के अनुसार बच्चों का सिलेबस पूरा हो सके, इसके मद्देनजर ये आदेश जारी किया गया है। प्रमुख सचिव ने कहा है कि 15 अप्रैल तक शाला कोष और बोर्ड परीक्षाओं से संबंधित प्रशिक्षण को छोड़कर अन्य किसी भी प्रशिक्षण शिविर में शिक्षकों को न भेजा जाए।

सुराज में शिक्षाकर्मियों से मांगे जा रहे संविलियन के लिए आवेदन

लोक सुराज अभियान के अंतर्गत स्कूल शिक्षा विभाग ने शिक्षाकर्मियों से संविलियन के लिए आवेदन देने को कहा है। जबकि, एक माह पूर्व ही सरकार ने कहा था कि शिक्षाकर्मियों के संविलियन का प्रावधान ही नहीं है। शिक्षा विभाग की ओर से ये आॅफर शिक्षाकर्मियों को प्रदेश के सभी जिलों में दिया गया है। शिक्षाकर्मी या उनके परिजन आवेदन की कंडिका नंबर-162 ‘शिक्षाकर्मियों का शिक्षा विभाग में संविलियन’ के तहत आवेदन दे सकते हैं।

वैसे आमजन इसके अलावा स्कूल में बाउंड्रीवॉल बनवाने, 10वीं-12वीं का परीक्षा केंद्र खुलवाने, उच्च प्राथमिक शाला में प्रयोगशाला बनवाने, कन्या छात्रावास के लिए गार्ड, इंग्लिश शिक्षक की मांग, शाला की मरम्मत जैसी मांगों की कैटेगरी रखी गई है। सबसे अहम तथ्य यह है कि शिक्षाकर्मी पंचायत विभाग का अमला है, लेकिन उसे इसकी भनक तक नहीं है। दूसरी ओर शिक्षाकर्मी संघ के नेताओं के अनुसार पहले दो दिन में ही पांच हजार से अधिक लोगों ने आवेदन जमा किए हैं। प्रदेश में कुल 1.80 लाख शिक्षाकर्मी हैं।


स्कूल शिक्षा विभाग के संचालक एस प्रकाश ने बताया कि हमारे विभाग से ऐसी कोई कंडिका शामिल नहीं की गई। लोक सुराज अभियान का नोडल विभाग जीएडी है, कंडिका उसने तय की होगी, उन्हें अवगत कराएंगे। संविलियन पंचायत विभाग का क्षेत्राधिकार है, वह निर्णय लेगा। अभियान में प्राप्त आवेदन उन्हें ट्रांसफर कर देंगे।’’

इधर विरोध; मूंगवाल गांव में ग्रामीणों ने पंचायत भवन में जड़ा ताला

लोक सुराज अभियान के दूसरे दिन भी इसका विरोध नहीं थमा। शनिवार सुबह ग्राम पंचायत मूंगवाल में अभियान के विरोध में ग्रामीणों ने पंचायत भवन में ताला जड़ दिया। लोगों ने सुराज दल को वहां आने से रोक दिया और सुराज दल वापस जाओ के नारे लगाए।


सूनाराम तेता, कोमल हुपेंडी ने बताया कि पिछले वर्ष 40 आवेदन दिए गए थे, लेकिन एक भी मांग पूरी नहीं हुई। हंगामे की सूचना मिलने पर नायब तहसीलदार मोक्षता देवांगन, सीईओ जीएस धु्रवे, डॉ. सीपी मिश्र, डीआर कावड़े मौके पर पहुंचे। अफसरों ने ग्रामीणों को 31 मार्च को शिविर लगाकर समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। तीन घंटे की मान-मनौव्वल के बाद ग्रामीणों ने पंचायत भवन का ताला खोला।

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