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गार्बेज वेहिकिल की आड़ में भागने की कोशिश कर रहे थे कैदी, पकड़े गए

जिला जेल से शुक्रवार को भागने की कोशिश कर रहे 4 कैदियों को सिक्योरिटी गार्ड्स ने धर दबोचा।

Danik Bhaskar

Mar 24, 2018, 11:18 AM IST
घटना के बाद जेल के बाहर पसरा सन घटना के बाद जेल के बाहर पसरा सन

दंतेवाड़ा. छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा की जेल में बंद चार नक्सलियों ने शनिवार को कूड़ा उठाने आए नगरपालिका कर्मियों के साथ मारपीट कर भागने की कोशिश की। लेकिन एक कर्मचारी के अलार्म बजाने के साथ ही बाहर खड़े सीएएफ के जवानों ने उन्हें महज 15 मिनट में ही 100 मीटर की दूरी पर पकड़ लिया। भागने की कोशिश करने वालों में भीमा माडवी, बामन मड़कामी, मड़कामी हिड़मा, पदाम भीमा शामिल हैं। ये चारों नक्सली बड़ी वारदातों में शामिल रहे हैं। एएसपी गोरखनाथ बघेल ने बताया कि 4 कैदियों ने फरार होने की कोशिश की थी, जिन्हें पकड़ लिया गया। जिला जेल व सीएएफ के जवानों को एसपी कमलोचन कश्यप ने 10-10 हजार रुपए का इनाम दिया है।

कर्मचारियों को गमछे से बांधकर पीटा और मेन गेट की चाबी छीनी

सुबह 9 बजे नगरपालिका की गाड़ी जिला जेल के सामने पहुंची थी। तीन कर्मचारी कचरा लेने जैसे ही दूसरे नंबर के दरवाजे से अंदर जा रहे थे, तभी चारों कैदियों ने उन्हें गमछे से बांधकर पीटा और चाबी छीन ली। इसी बीच एक कर्मचारी ने अलार्म बजा दिया। इस पर सीएएफ के जवान सतर्क हो गए। जवानों ने करीब 100 मीटर तक चारों कैदियों का पीछा कर उन्हें पकड़ लिया।

यह है पूरा घटनाक्रम

- सुबह 9:05 बजे: नगरपालिका की कचरा गाड़ी जेल परिसर के बाहर पहुंची।
- 9:07 बजे : जेल के 3 कर्मचारी राजेश यादव, प्यारेलाल साहू व बदरू कश्यप कचरा लेने 2 नंबर का गेट खोलकर घुसे।
- घुसते ही 4 विचाराधीन कैदियों ने मिलकर तीनों कर्मचारियों की पिटाई की।
- करीब 5-6 मिनट हाथापाई चलती रही, कैदियों ने मुख्य गेट की चाबी छीनी।
- एक कर्मचारी ने सतर्कता दिखाते हुए अलार्म बजा दिया।
- 9:15 बजे : कैदी फरार होने लगे।
- 100 मीटर दूर सीएएफ के जवानों ने दबोच लिया।

क्षमता से तीन गुना ज्यादा कैदी:

दंतेवाड़ा जिला जेल में वर्तमान में 720 कैदी हैं। जेल की क्षमता पहले 150 थी, लेकिन हाल में दो अतिरिक्त कमरे बनाए गए हैं। ऐसे में फिलहाल करीब 250 कैदियों की क्षमता वाली जेल है। यहां क्षमता से तीन गुना ज़्यादा दंतेवाड़ा, सुकमा व बीजापुर जिले के विचाराधीन बंदी हैं। सुरक्षा के लिहाज़ से जेल के बाहर सीएएफ के जवानों का पहरा 24 घंटे रहता है,जबकि जेल के अंदर जेल के कर्मचारी तैनात हैं।

कैदियों की प्रोफाइल
भीमा माडवी : अरनपुर थाना क्षेत्र के परियानपारा का रहने वाला। जानलेवा हमले का प्रयास समेत कई वारदातों में भी शामिल रहा। फरवरी 2017 में हुई थी गिरफ्तारी।
बामन मड़कामी : कुआकोंडा थाना के फुलपाड़ का रहने वाला है। साल 2017 में हत्या के प्रयास व कई घटनाओं को अंजाम देने के मामले में जेल में कैद है।
मड़कामी हिड़मा : नीलावाया का रहने वाला है। हत्या के प्रयास करने सहित अन्य मामले में शामिल रहा। दिसंबर 2017 में हुई थी गिरफ्तारी।
पदाम भीमा: चिंतागुफा थाने के तिमेलवाडा निवासी। इस पर हत्या के प्रयास सहित अन्य मामले थाने में दर्ज हैं। इसकी गिरफ्तारी 19 सितंबर 2017 को हुई थी।

2007 में भागे थे 299 कैदी

दंतेवाड़ा में 16 दिसंबर 2007 को सबसे बड़ा जेल ब्रेक हुआ था। इस जेल ब्रेक में 299 विचाराधीन कैदी जेल से फरार हो गए थे। इनमें से कुछ को पुलिस ने गिरफ्तार भी किया है। 24 मार्च 2018 की स्थिति में 720 विचाराधीन कैदी जिला जेल में हैं।

रिपोर्ट : अंबु शर्मा

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