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फार्मेसी सेंटर ने बचाई नाक लेकिन कमजोर पढ़ाई और रिसर्च ने डुबोया रायपुर यूनिवर्सिटी को

पिछले साल प्रदेश में सिर्फ सेंट्रल यूनिवर्सिटी का सेंटर ही टॉप-50 में था। इस बार रविवि का सेंटर भी है।

Bhaskar News| Last Modified - Apr 04, 2018, 06:40 AM IST

Raipur University out of Top 100 in NIRF Ranking
फार्मेसी सेंटर ने बचाई नाक लेकिन कमजोर पढ़ाई और रिसर्च ने डुबोया रायपुर यूनिवर्सिटी को

रायपुर.    राज्य में ए ग्रेड यूनिवर्सिटी का दंभ भरने वाली रविवि देश के टॉप-100 यूनिवर्सिटी में शामिल नहीं है। नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) की लिस्ट में इसे टॉप-100 में जगह नहीं दी गई है। रविवि की रैंकिंग 101-150 के रैंकिंग बैंड में है। मंगलवार को यह लिस्ट जारी की गई। इसके तहत इस लिस्ट में उच्च शिक्षा से जुड़े किसी कॉलेज को भी जगह नहीं मिली है। साल 2016 में रविवि को पहली बार टॉप-100 में रखा गया था। लेकिन बाद में यह संस्थान बाहर हो गया।

 


शिक्षाविदों का कहना है कि रविवि 50 साल से अधिक पुराना विश्वविद्यालय है। बीते कुछ बरसों में इस विश्वविद्यालय में सुधार व विकास की बात तो की जाती है, लेकिन स्थिति सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में ही सुधरी है क्योंकि पिछले आठ-दस बरसों में यहां बड़े-बड़े भवन, बाउंड्रीवॉल, रंगाई- पोताई जैसे कार्यों पर ही ज्यादा ध्यान दिया गया। पढ़ाई व रिसर्च के मामले में रविवि को काफी कमजोर माना गया है। जानकारों के मुताबिक यहां के इक्का-दुक्का डिपार्टमेंट ही हैं, जिनपर रिसर्च का पूरा दारोमदार है। पिछले कुछ वर्षों में रविवि से जुड़े कालेजों का रिजल्ट लगातार खराब आ रहा है। बीए, बीकॉम, बीएससी, बीसीए समेत अन्य ग्रेजुएशन कोर्स के प्रथम वर्ष के नतीजे 30 से 35 फीसदी रहे हैं और सुधर नहीं पा रहे हैं। 

 

साल 2016 में पहली बार जारी हुई लिस्ट

 

देश की शिक्षा व संस्थानों का स्तर जांचने के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय से सितंबर 2015 में एनआईआरएफ शुरू हुई। इसके तहत इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, यूनिवर्सिटी, फार्मेसी में शीर्ष संस्थानों की रैंकिंग की गई। इसके लिए संस्थानों से जानकारी मंगाई गई। टीचिंग लर्निंग एंड रिसोर्स, रिसर्च एंड प्रोफेशनल प्रैक्टिस, ग्रेजुएशन आउटकम समेत पांच पैरामीटर के आधार पर यह रैंकिंग हुई। साल 2016 में पहली लिस्ट जारी हुई। तब रविवि को ओवरऑल 46वां रैंक मिला। हालांकि तब यह बात सामने आ रही थी कि कई संस्थानों ने जानकारी नहीं दी। इसलिए रविवि को यह उपलब्धि मिली। साल 2017 की लिस्ट में यह टॉप-100 से बाहर थी। साल 2018 में भी वहीं स्थिति है।

 

फार्मेसी में पहली बार रैंकिंग

फार्मेसी के टॉप-50 संस्थानों की लिस्ट में प्रदेश से दो संस्थानों को जगह मिली है। एनआईआरएफ से जारी रैंकिंग में गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी के सेंटर को 35वां और रविवि के फार्मेसी संस्थान को 48वां स्थान मिला है। पिछले साल प्रदेश में सिर्फ सेंट्रल यूनिवर्सिटी का सेंटर ही टॉप-50 में था। इस बार रविवि का सेंटर भी है।

 

रैंकिंग का लाभ छात्रों को : टॉप-100 की लिस्ट में विश्वविद्यालय के आने से प्लेसमेंट कंपनियां यहां आने लगतीं। ए प्लस प्लस और टॉप-100 में आने वाले संस्थानों की तरह डिग्री का महत्व बढ़ता। इससे छात्रों को नौकरियों और रोजगार में कई तरह का लाभ हो सकता था।

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