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दो सगी बहनों ने खुद को कमरे में किया बंद, मिट्‌टी तेल छिड़ककर लगा ली आग

लोग जब दरवाजा तोड़कर भीतर पहुंचे तो नजारा देखकर उनके होश उड़ गए।

Danik Bhaskar

Feb 14, 2018, 07:57 AM IST
सगी बहनें थीं मनीषा और गरिमा। सगी बहनें थीं मनीषा और गरिमा।

महासमुंद(छत्तीसगढ़). दो सगी बहनों ने मंगलवार को खुद को घर में बंद किया और आग लगाकर आत्महत्या कर ली। सुबह घर से पिता, बुआ और भाई के चले जाने के बाद घर में दोनों बहनें अकेली थी। पड़ोसियों और अन्य रिश्तेदारों ने जब घर से धुंआ उठते देखा तो दरवाजा खुलवाने कोशिश की, लेकिन किसी ने दरवाजा नहीं खोला। लोग जब दरवाजा तोड़कर भीतर पहुंचे तो नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। दोनों बहनें बुरी तरह जली अवस्था में जमीन पर पड़ी थीं।

परिजन चले गए काम पर तब उठाया ये कदम

जानकारी के मुताबिक, यह दर्दनाक घटना कोमाखान इलाके के ग्राम उखरा की है। बेनूराम चौरे की बेटी मनीष 24 वर्ष एवं गरिमा 22 वर्ष दोनों बहनें हमेशा की तरह मंगलवार को भी घर पर ही थीं। बुआ बेनाबाई खेत और पिता ड्यूटी पर स्कूल गए थे। वहीं, भाई गिरधर उन्हें कहीं गया हुआ था।

चैनल गेट में लगे ताला को तोड़ा और अंदर पहुंचे लोग

करीब 11 बजे पड़ोसियों ने बेनूराम के मकान में खिड़की से धुंआ निकलते देखा। तुरंत ही पड़ोसी महिला ने गरिमा को आवाज दी, लेकिन जवाब नहीं मिला, जिसके बाद महिला ने अन्य गांववालों को आवाज लगाई। आवाज सुनकर बेनूराम का बड़ा भाई कुंजराम चौरे भी दौड़कर पहुंचा। कुंजराम घर के पिछले दरवाजे से भीतर घुसने की कोशिश भी की, लेकिन भीतर से ताला लगा हुआ था। इसके बाद आनन-फानन में गांववालों ने चैनल गेट में लगे ताला को तोड़ा और अंदर पहुंचे।

दोनों के शरीर से धुंआ निकल रहा था

घर के अंदर केरोसीन की बदबू और धुआं भरा हुआ थ। काफी ज्यादा झुलस जाने के चलते दोनों की हालत नाजुक थी। दोनों के शरीर से धुंआ निकल रहा था, जिस पर तुरंत गांववालों ने पानी डाला। हालांकि, तब तक मनीषा की मौत हो चुकी थी, वहीं गरिमा की सांसें चल रही थी, लेकिन कुछ देर बाद उसने भी दम तोड़ दिया।

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