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जहां रहता है मगरमच्छों का जमघट, ये बच्चे टीचरों की दी शर्त पूरा करने जाते हैं

टीचरों की दी गई एक शर्त पूरा करने ये बच्चे नदी में मगरमच्छों के बीच जाते हैं

Danik Bhaskar | Jan 26, 2018, 06:53 AM IST
इंद्रावती नदी में बच्चों की जा इंद्रावती नदी में बच्चों की जा

दंतेवाड़ा(छत्तीसगढ़). इंद्रावती नदी के छिंदनार तट के किनारे मगरमच्छों (लाल घेरे में) का जमघट रहता है और स्कूली बच्चे उन्हीं के बीच जाकर जलीय पौधे चिऊर की भाजी तोड़कर लाते हैं। ये पौधा बहते पानी के बीच स्थित चट्‌टानों के किनारे पर उगता है। सभी बच्चे दूरदराज के गांवों के हैं, जो छिंदनार में संचालित बालक और बालिका आश्रम में रहकर प्राइमरी स्तर की पढ़ाई करते हैं।

भाजी तोड़कर लाने की शर्त पर उन्हें मिलता है ये मौका

- चिऊर भाजी की सब्जी कौन पकाएगा, भास्कर द्वारा यह पूछे जाने पर बच्चों ने बताया कि भाजी की कटिंग कर रसोइया इसे पकाएंगे। छुट्टी के दिन भाजी तोड़कर लाने की शर्त पर उन्हें नदी में नहाने का मौका मिलता है।

- इंद्रावती नदी में चित्रकोट जलप्रपात से लेकर निचले हिस्से में दंतेवाड़ा जिले के बारसूर, मुचनार, छिंदनार, मुस्तलनार, तुमनार होते हुए बीजापुर जिले के विभिन्न घाटों पर मगरमच्छों के पाए जाने की सूचनाएं मिलती रही है। - छिंदनार के डोंगा घाट में ही आधा दर्जन मगरमच्छों का डेरा रहता है, जो मानसून की विदाई के बाद से मानसून आगमन तक किनारों पर आकर आराम करते दिखते हैं।

टीम भेजकर जांच कराएंगे
डिप्टी कमिश्नर डॉ. आनंदजी सिंहद का मामले में कहना है कि यह गंभीर बात है। टीम भेजकर मामले की जांच करवाएंगे और दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।’