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ऑस्ट्रेलिया में पेट्रोल पंप और होटल में काम कर जमा किए 50 लाख, बनाया पंजाबी सॉन्ग

16 घंटे तक किया काम करने वाले जस पाबला के अब हैं लाखों फैंस।

Dainik Bhaskar

Jan 24, 2018, 09:33 AM IST
टाटीबंध में रहने वाले जस की फै टाटीबंध में रहने वाले जस की फै

रायपुर. ये कहानी है जस पाबला की। टाटीबंध में रहने वाले जस की फैमिली का कुम्हारी में ढाबा है। बचपन से सिंगर बनने की ख्वाहिश रखने वाले जस को फैमिली मेंबर्स ने ढाबा का बिजनेस बढ़ाने के मकसद से होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई के लिए साल 2009 में मेलबर्न (ऑस्ट्रेलिया) भेज दिया। जेब खर्च निकालने के लिए पढ़ाई के साथ जस ने पार्ट टाइम जॉब शुरू कर दिया। होटल मैनेजमेंट में मन नहीं लगा तो बिजनेस मैनेजमेंट की पढ़ाई शुरू कर दी। इस बीच पेट्रोल पंप में बतौर कैशियर और होटल में सब्जी काटने का काम करते हुए हर महीने एक से डेढ़ लाख रुपए कमाने लगे। कोर्स कंपलीट करने के अलावा पांच साल में जस ने लगभग 50 लाख जमा किए और इंडिया लौट आए।


सिंगर बनने का सपना पूरा करने कुछ समय पहले उन्होंने बचत से छह लाख खर्चकर चंडीगढ़ में पंजाबी सॉन्ग "कागा नी तू चंडीगढ़ रेण लाग गई...' रिकॉर्ड किया। वीडियो भी बनाया। कुछ ही दिनों में उनके सॉन्ग को जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है। वीडियो को अब तक लाखों व्यूज मिल चुके हैं। जस को कई नामी म्यूजिक कंपनी से रिकॉर्डिंग का ऑफर भी आ चुका है। इस सक्सेस के बाद अब वे बहुत जल्द एक और सिंगल रिलीज करने जा रहे हैं।

सालभर में छोड़ दी होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई, 16 घंटे तक किया काम
सालभर के भीतर ही जस ने होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई छोड़कर ऑस्ट्रेलिया के एआईटीटी इंस्टीट‌यूट के दो साल के बिजनेस मैनजमेंट कोर्स में एडमिशन ले लिया। जेब खर्च और फीस निकालने पेट्रोल पंप में कैशियर का जॉब शुरू कर दिया। पार्ट टाइम जाॅब कब रात 9 से सुबह 7 बजे तक के फुल टाइम जॉब में बदल गया जस को भी पता नहीं चला। अच्छी इनकम होने लगी तो दिन में होटल में हेल्पर का काम भी शुरू कर दिया। सब्जी काटने से लेकर खाना तक बेहिचक सर्व किया। स्थिति ये हो गई कि रोज 16 घंटे काम करने लगे। इस दौरान उनकी मुलाकात कुछ इंडियन सिंगर्स से हुई तो सिंगर बनने की ख्वाहिश फिर जाग उठी। कोर्स पूरा होने के बाद साल 2014 में वापस इंडिया आ गए।

फैमिली मेंबर बोले- चंडीगढ़ में हवा में पत्थर फेकोगे तो सिंगर को ही लगेगा

साल 2014 में हार्ट अटैक से पिता का देहांत होने के बाद परिवार की सारी जिम्मेदारी जस और उनके छोटे भाई पर आ गई। भाई के साथ जस ने ढाबा संभाला। सब सेटल करने के बाद जब अपना सपना पूरा करने म्यूजिक एलबम बनाने की बात कही तो सबने विरोध किया। बोले- बहुत पंजाबी सिंगर घूम रहे हैं। तुम क्या कर लोगे, पैसे बर्बाद हो जाएंगे। कुछ ने तो ये तक कहा कि चंडीगढ़ में हवा में पत्थर उछालोगे तो सिंगर को ही जाकर लगेगा। निराश होने के बजाय जस ने कोशिश जारी रखी। शहर में होने वाले सिंगिंग इवेंट्स में हिस्सा लेने लगे। थोड़े समय में जब फैमिली को मनाने में कामयाब हो गए तो गांव की लड़की के शहर में जाकर मॉडर्न हो जाने पर एक गाना लिखा और पहुंच गए चंडीगढ़ रिकॉर्डिंग करने। सक्सेस भी रहे।

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