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छत्तीसगढ़ में भी शिक्षाकर्मियों का होगा नियमितीकरण, ग्रेड के मुताबिक इंक्रीमेंट

तीन चरण में होगा नियमितीकरण, पहले फेज में 8 साल की सेवा पूरी करने वाले नियमित होंगे

Dainik Bhaskar

Jan 30, 2018, 05:37 AM IST
सिम्बॉलिक इमेज। सिम्बॉलिक इमेज।

रायपुर. मध्यप्रदेश की तर्ज पर अब छत्तीसगढ़ के शिक्षाकर्मी भी नियमित किए जा सकते हैं। मध्यप्रदेश के फैसले के आधार पर छत्तीसगढ़ सरकार ने भी शिक्षाकर्मियों के सेवा नियमों का परीक्षण शुरू कर दिया है। संकेत है कि अगले महीने इसका ऐलान सीएम डॉ. रमन सिंह करेंगे। हाल ही में हुए शिक्षाकर्मियों के बड़े आंदोलन और दूसरे राज्यों के साथ मिलकर संगठन बनाने के कोशिशों के बीच सरकार ने बड़ा चुनावी दांव खेलने की तैयारी तेज कर दी है। हालांकि इस बारे में अभी विभागीय अफसर मौन हैं लेकिन दो से तीन बैठकों में इस पर की गई चर्चा ने सकारात्मक रूख बनाया है। ऑस्ट्रेलिया से लौटने के तुरंत बाद खुद सीएम ने भी इशारा किया था। सरकार की कोशिश है कि इसे बजट में शामिल कर लिया जाए। शिक्षाकर्मियों के नियमितीकरण के बाद उनके वेतन पर करीब दो हजार करोड़ रुपए ज्यादा खर्च होंगे।


- राज्य में करीब एक लाख 80 हजार शिक्षाकर्मी हैं। इन्हें पंचायत शिक्षक व पंचायत व्याख्याता कहा जाता है। शिक्षाकर्मियों का नियमितीकरण चरणबद्ध करने की योजना है। नियमितीकरण से शिक्षाकर्मियों के वेतन में 8 से 15 हजार रुपए तक इजाफा होगा।

- पहले फेस में ऐसे शिक्षाकर्मी नियमित किए जा सकते हैं। जिनकी सेवा के 8 साल पूरे हो चुके हैं। पहले चरण में करीब सवा लाख से एक लाख चालीस हजार शिक्षाकर्मी आ जाएंगे। इसके बाद दूसरे शिक्षाकर्मियों का नंबर आएगा। तीन चरणों में नियमितीकरण कर सरकार इसका इंपैक्ट देखना चाहती है।
- राज्य सरकार ने शिक्षाकर्मियों के नियमितीकरण के मसले पर हर पहलुओं का अध्ययन किया है। केवल नियमितीकरण में ही लगभग दो हजार करोड़ रुपए वेतन में अतिरिक्त लगेंगे। इसके अलावा रेगुलर हो जाने के बाद सरकार पर डीए की जिम्मेदारी आ जाएगी।

संघ का हस्तक्षेप महत्वपूर्ण
सूत्रों के अनुसार इस फैसले के पीछे भाजपा आलाकमान और आरएसएस की बड़ी भूमिका रही। उन्होंने नियमितीकरण को लेकर सरकार के साथ विचार-विमर्श इसके असर को लेकर मंथन कर कर निर्देश दिए। मंथन में यह बात भी सामने आई कि भाजपा शासित ज्यादातर राज्यों में जैसे मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, महाराष्ट्र, उत्तरप्रदेश व अन्य राज्यों में अलग-अलग नामों से काम कर रहे हैं। इन्हें नाराज करना मुनासिब नहीं होगा। साथ ही उनके एक हो जाने पर कई राज्यों में भाजपा के खिलाफ माहौल बन सकता था। इनमें से कई राज्य चुनाव की दहलीज पर खड़े हैं।

वर्गानुसार होगी वेतन में बढ़ोतरी
वर्ग-1| सैलरी में 15 हजार रुपए तक बढ़ेंगे। इससे उनका वेतन करीब 50 हजार रुपए हो जाएगा।
वर्ग-2| सैलरी में 10 से 12 हजार रुपए बढ़ेंगे।
वर्ग-3| सैलरी में 8 से 10 हजार रुपए बढ़ेंगे। बताते हैं तीन चरणों में नियमितीकरण करके सरकार इसका इंपैक्ट देखना चाहती है।

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