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क्रिश्चियन अस्पताल में मोतियाबिंद के 15 मरीजों ने गंवाई आंखे, अब ऑपरेशन पर रोक

15 मरीजों की आंखों की रोशनी लौटने की उम्मीद बिल्कुल भी नहीं है। साथ ही 12 की स्थिति फिलहाल गंभीर है।

Danik Bhaskar | Mar 05, 2018, 05:03 AM IST
जिस ड्रॉप को डालने के बाद मरीज जिस ड्रॉप को डालने के बाद मरीज

राजनांदगांव. शहर के क्रिश्चियन फेलोशिप अस्पताल में मोतियाबिंद ऑपरेशन फेल होने से 31 ग्रामीणों की आंखों से दिखाई नहीं देने के बाद जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने सख्ती दिखाई है। अब अस्पताल में मोतियाबिंद के ऑपरेशन पर रोक लगा दी गई है। इस मामले में जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

15 मरीजों की आंखों की रोशनी लौटने की उम्मीद नहीं

जांच में साफ है कि 15 मरीजों की आंखों की रोशनी लौटने की उम्मीद बिल्कुल भी नहीं है। साथ ही 12 की स्थिति फिलहाल गंभीर है। सभी मरीजों को गुरुवार को रायपुर के एमजीएमआई अस्पताल में दाखिल कराया गया है। इसमें से तीन मरीजों को शनिवार की रात वापस भेज दिया गया है। डॉक्टरों ने उन्हें कह दिया है कि उनकी रोशनी लौटने की अब कोई गुंजाइश नहीं है। इस वजह से रायपुर से उन्हें राजनांदगांव लौटा दिया गया। उन्हें रात को क्रिश्चियन अस्पताल में रखने के बाद रविवार की सुबह घर भेज दिया गया।

घटना के बाद से ओटी भी बंद कर दी गई

सीएमओ डॉ. मिथलेश चौधरी ने बताया कि इस घटना के बाद से ओटी भी बंद कर दी गई है। ताकि जांच निष्पक्ष हो सके। इसके साथ ही किसी अन्य मरीज पर इसका प्रभाव न पड़े। जांच पूरा होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

दवाओं के सैंपल लेकर लैब भेजा गया
इधर जिस ड्रॉप को डालने के बाद मरीजों की आंखों में इन्फेक्शन फैला है। उसका सैंपल ले लिया गया है। शनिवार को ही इसे कलेक्ट करा लिए गए। जांच के लिए इसे कोलकाता के लैब भेजा गया है। इसमें एक ट्रॉपी और दूसरा प्रेडस नाम की दवा है। जिसे मरीजों को ऑपरेशन के बाद दिया गया था। बताया गया कि तीन दिन के भीतर इसकी जांच रिपोर्ट आ जाएगी इसके बाद स्पष्ट हो पाएगा कि चूक कहां से हुई। दवा या फिर ओटी में इन्फेक्शन फैलने से यह घटना हुई है। या फिर ऑपरेशन में गड़बड़ी की गई है।