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सरेंडर्ड महिला नक्सली बनी दुल्हन और पुलिसवाले घराती, दूल्हे को गिफ्ट में मिली नौकरी

13 की उम्र में ही सावित्री को नक्सलियों द्वारा जबरन नक्सली गुट में भर्ती किया गया था।

Danik Bhaskar | Jan 06, 2018, 07:14 AM IST
कंट्राेल रूम में नवविवाहित जो कंट्राेल रूम में नवविवाहित जो

राजनांदगांव(छत्तीसगढ़). नक्सल प्रभावित जिले में जिला पुलिस ने एक सरेंडर कि हुई महिला नक्सली की शादी 3 दिसंबर बुधवार को गायत्री मंदिर में कराई। इस दौरान पुलिसकर्मी घराती बने। दूल्हा चूंकि सामान्य परिवार से है, इस वजह से उनके परिजन यहां मौजूद रहे। जबकि, महिला के परिजन शादी में शरीक नहीं हुए। पुलिस वालों ने ही कन्यादान की रस्म भी निभाई और आशीर्वाद के बतौर दूल्हे को पुलिस पेट्रोल पंप में पंप ऑपरेटर की नौकरी भी दी गई है।

13 की उम्र में जबरन गुट में किया गया था भर्ती

13 की उम्र में ही सावित्री विश्वकर्मा को नक्सलियों द्वारा जबरन नक्सली गुट में भर्ती किया गया था। खडगांव में पल्लेमाड़ी सदस्य के रूप में सक्रिय थीं। नक्सलियों ने उसे हथियार थमा दिया। 2014 में उसने पुलिस के समक्ष समर्पण किया। नक्सलियों ने गुस्से में पिता की हत्या कर दी। समर्पण के बाद नाबालिग समर्पित नक्सली को बेटी की तरह पालन पोषण किया।

सचिव ने किया कन्यादान

पुलिस ने बालिग होने पर समाज के एक लडके से सावित्री का विवाह कराया। प्रवाही फाउडेशन के अध्यक्ष पराग बोद्दून, सचिव ममता बोद्दुन व पासल पटेल, आसमा खण्डेलवाल, गायत्री परिवार का सहयोग रहा। ममता बोद्दून ने कन्यादान किया।

एसपी ने दिया नियुक्ति पत्र

एसपी प्रशांत अग्रवाल ने विवाहित जोड़े से मुलाकात की। जोडे से मिलकर आशीर्वाद व उपहार दिया। लडके को राजनांदगांव पुलिस पेट्रोल पंप में नौकरी दी गई। एसपी अग्रवाल ने कहा कि यह एक अनूठा उदाहरण है जिससे प्रेरणा लेकर इससे प्रेरित होना चाहिए।