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जमीन के अंदर खौलते पानी को देखने पहुंचे लाखों लाेग, बोतल-कैन में भरकर ले गए

यहां साल के बारहों महीने जमीन के भीतर खौलता रहता है पानी।

Danik Bhaskar | Jan 17, 2018, 05:37 AM IST
चार दिन चले तातापानी महोत्सव में चार राज्यों से पहुंचे एक लाख लोग। चार दिन चले तातापानी महोत्सव में चार राज्यों से पहुंचे एक लाख लोग।

बलरामपुर(छत्तीसगढ़). यहां के तातापानी में जमीन के भीतर से सिर्फ गर्म पानी निकलता है। इसी ताज्जुब को प्रदेश ही नहीं, देशभर में पहुंचाने के लिए चार दिनों तक तातापानी महोत्सव चला। इसमें छत्तीसगढ़ के अलावा पड़ोसी राज्य झारखंड, मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश से भी टूरिस्ट पहुंचे। सालों तक बेजान पड़े तातापानी को अब नया लुक दिया गया है। 60 फीट ऊंची शिव प्रतिमा, सामने गार्डन और रंगीन फव्वारा। यह सब लोगों को लुभाने के लिए काफी था। तातापानी तीन नदियों सोन, नर्मदा और ताप्ती के करीब है, इसलिए इसे सोनाटा भी कहा जाता है।

देश में 9 जगहों पर जमीन के नीचे गर्म पानी लेकिन तातापानी में सबसे गर्म

- देशभर में गर्म पानी के नौ अलग-अलग कुंडों पर रिसर्च के बाद सरगुजा के तातापानी को देश के पहले जियो थर्मल (भू-तापीय) पॉवर प्रोजेक्ट के लिए चुना गया है। एनटीपीसी ने यहां प्लांट के लिए ग्लोबल टेंडर भी जारी कर दिया है।

- टेंडर में यह जिक्र है कि कुंड के पास जमीन के भीतर 2 किमी गहराई तक सुरंग बनाई गई तो 200 डिग्री सेल्सियस तक तापमान मिल जाएगा। रिसर्च के मुताबिक तातापानी कुंड के नीचे भू-गर्भ का तापमान 170 से 200 डिग्री सेल्सियस तक है। इसलिए पहले चरण में कम से कम 30 मेगावॉट बिजली पैदा करने के लायक प्लांट लगाया जा सकता है।

- देश में जिन अन्य 8 जगहों का सर्वे हुआ, वहां तापमान 90 डिग्री तक ही मिला। दुनियाभर में अभी सिर्फ 24 देश जियो थर्मल बिजली बना रहे हैं।

महोत्सव में संस्कृति से लेकर रोमांच तक
4 दिवसीय तातापानी महोत्सव का समापन मंगलवार को हुआ। करीब एक लाख लोग मेले में शरीक हुए। लगभग 150 एकड़ में लगे इस मेले में सात किमी तक करीब 6 हजार स्टॉल लगे थे। इन स्टॉलों में खान-पान, खिलौनों से लेकर हर वह सामान था, जो आमतौर पर मेलों में नजर आता है। हर रोज सांस्कृतिक प्रस्तुतियां हुईं। इनमें प्रदेश के कलाकारों को अपना हुनर दिखाने का मंच मिला। पर्यटकों ने पैराग्लाइडिंग समेत एडवेंचर स्पोर्ट्स का भी लुत्फ उठाया।

फोटो व कंटेंट: धुरंधर तिवारी।

किसी ने इसे छूकर देखा तो कोई बोतल-कैन में भरकर अपने साथ ले गया। किसी ने इसे छूकर देखा तो कोई बोतल-कैन में भरकर अपने साथ ले गया।