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घायल पति को खाट पर लिटाकर पत्नी पहुंची बैंक, तब मिले बेचे गए धान के पैसे

बुधवार को बैंक पहुंची महिला को यह कहकर पैसे देने से मना कर दिया कि पैसा खाताधारी को लाने पर ही मिलेगा।

Danik Bhaskar | Dec 22, 2017, 06:07 AM IST
ये तस्वीर है धमतरी जिले के मगरलोड स्थित सहकारी बैंक की। इनसेट में पत्नी राम बाई। ये तस्वीर है धमतरी जिले के मगरलोड स्थित सहकारी बैंक की। इनसेट में पत्नी राम बाई।

रायपुर. धमतरी जिले के एक सहकारी बैंक की में राम बाई अपने पति गुहाराम साहू को खाट पर लिटाकर बैंक तक जैसे-तैसे लेकर पहुंची। दरअसल, गुहाराम ने धान समर्थन मूल्य पर बेचा था आैर एक्सीडेंट में वह घायल हो गया इसलिए पैसे लेने नहीं जा सकता था। एक दिन पहले ही बैंक ने उसे पैसे देने से मना कर दिया था।

बैंक मैनेजर बोला- पेमेंट नहीं किया तो मैं क्या करूं

- नॉमिनी पत्नी ग्राम पंचायत का पहचान पत्र, जिला अस्पताल में भर्ती पति के इलाज की पर्ची और भुगतान का अधिकार पत्र लेकर बुधवार को बैंक पहुंची तो एकाउंटेंट चंद्रभान साहू ने यह कहकर पैसे देने से मना कर दिया कि पैसा खाताधारी को लाने पर ही मिलेगा। राम बाई ने कई मिन्नतें कीं लेकिन सभी बेअसर। गुरुवार को राम बाई पति को पिकअप में खाट पर लिटाकर बैंक पहुंची।
- गुरुवार को बैंक मैनेजर थानूराम साहू के कहने पर कैशियर भुगतान करने के लिए राजी हुआ। जिस एकाउंटेंट ने भुगतान से मना किया था, वह छुट्टी पर था।

- मगरलोड मैनेजर सहकारी बैंक थानूराम साहू ने मामले में कहा कि बैंक में पूर्व में धोखाधड़ी हो चुकी है। मैंने एकाउंटेंट को भुगतान के लिए कह दिया था। नहीं किया तो मैं क्या करूं। भविष्य में ऐसी स्थिति न बनें इसका ध्यान रखेंगे।


नियम: कर्मचारी को भेजकर करना था भुगतान
खाताधारक के बीमार होने, बैंक में आने पर असमर्थ होने पर बैंक को अपने कर्मचारी को संबंधित के पास भेजना होता है। वाउचर पर उसका हस्ताक्षर लेकर मौके पर भुगतान करना होता है।


राम बाई पति को पिकअप में खाट पर लिटाकर बैंक पहुंची। राम बाई पति को पिकअप में खाट पर लिटाकर बैंक पहुंची।