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ये लेडी कमांडो चलाती हैं एके-47 से एडवांस वैपन, जंगल में नक्सलियों को दे रही चैलेंज

नक्सलियों को पछाड़ने से लेकर गांव सड़क बनाने बस्तर की बेटियों ने थामी बंदूकें।

Dainik Bhaskar

Jan 22, 2018, 10:22 AM IST
ंगल में छिपकर दुश्मन को निशाना बनाने के गुर भी सीखे इन्होंन ंगल में छिपकर दुश्मन को निशाना बनाने के गुर भी सीखे इन्होंन

जगदलपुर(छत्तीसगढ़). देश के हार्डकोर नक्सल प्रभावित इलाके बस्तर में लाल आंतक के बीच सरकार के सामने बड़ी चुनौती यह है कि वे अंदरूनी इलाकों में कंस्ट्रक्शन कैसे करवाएं, क्योंकि जहां भी कंस्ट्रक्शन के लिए लोग या मशीनें पहुंचती है तो उसे नक्सली आग के हवाले कर देते हैं। इस बीच बस्तर की आदिवासी लड़कियों ने फोर्स ज्वाॅइन कर कमांडो की ट्रेनिंग ली। तीन जिलों में करीब 180 लेडी कमांडोज की तैनाती की गई है।

एके-47 से कहीं ज्यादा एडवांस हथियार चलाती हैं ये कमांडोज

- अभी सुकमा, बीजापुर और कांकेर में महिला कमांडो की तीन टुकड़ियां तैनात की गई हैं। ये सड़क कंस्ट्रक्शन को सिक्युरिटी देने में जितनी माहिर हैं उतनी ही माहिर ये जंगलों में नक्सलियों के खिलाफ अभियान चलाने से लेकर सड़कों पर गश्त करने में भी है।

- बस्तरिया महिला कमांडो ने एके-47 लेकर सबसे पहले बीजापुर जिले के भैरमगढ़ ब्लाक के सड़क का कंस्ट्रक्शन करवाया। इसके बाद कांकेर में मरौअती इलाके में सड़क कंस्ट्रक्शन को सिक्युरिटी दी और अब धुर नक्सल प्रभावित माने जाने वाले सुकमा के पोलमपल्ली सड़क कंस्ट्रक्शन को पूरा करवाने के लिए ये बंदूकें लिए खड़ी हैं। ये अपने साथ एके-47 जैसे हथियारों के अलावा यूबीजीएल जैसे खतरनाक हथियार भी रखती हैं। इन्हें दी गई हर जिम्मेदारी को ये बखूबी निभा रही हैं।

नक्सल ऑपरेशन में भेजने की तैयारी

- 25 महिला कमांडो को पोलमपल्ली इलाके में तैनात किया गया है और अभी इन्हें इसी इलाके के जगरगुंडा मार्ग पर सड़क कंस्ट्रक्शन की सिक्युरिटी में तैनात किया गया है। जल्द ही इन महिला कमांडो को नक्सल ऑपरेशन में भेजने की तैयारी है।
- आटोमैटिक हथियार से लैस ये कमांडोज महिला नक्सली को करारा जवाब देने वाली हैं। सुकमा पुलिस की मानें तो नक्सलियों की तर्ज पर ही इन महिला कमांडो को स्पेशल ट्रेनिंग देकर नक्सल मोर्चे पर तैनात किया जा रहा है।
- बीते एक दशक में महिला नक्सलियों ने बड़े हमले कर जवानों को बुरी तरह से नुकसान पहुंचाया है और जवानों के हथियार भी महिला नक्सली लूट ले गईं हैं।

जवानों के लिए फीमेल माओवादी हैं परेशानी का सबब

- अक्सर ऑपरेशन के दौरान फीमेल माओवादी जवानों के आंखों के सामने से ही फरार हो जाती हैं। चूंकि वे महिलाएं हैं ऐसे में जवान उन्हें पकड़ने में परहेज करते हैं। ऐसी कई घटनाएं हो चुकी हैं जिसमें महिला माओवादियों को पकड़ने के बाद जवानों पर उनके साथ छेड़छाड़ का आरोप लगा है। अब महिला कमांडो के साथ होने से महिला नक्सलियों को पकड़ने और उन्हें मुंहतोड़ जवाब देने में आसानी होगी।

जंगलों में एके-47 लेकर इस तरह काम करती है महिला कमांडो। जंगलों में एके-47 लेकर इस तरह काम करती है महिला कमांडो।
ोंने। सड़कों के निर्माण के लिए ये नक्सलियों के सामने चुनौती बनकर खड़ी ह ोंने। सड़कों के निर्माण के लिए ये नक्सलियों के सामने चुनौती बनकर खड़ी ह
. मैदानी इलाके में भी गश्त करने में महारत है इन्हें। . मैदानी इलाके में भी गश्त करने में महारत है इन्हें।
woman commando force in naxalite areas
woman commando force in naxalite areas
woman commando force in naxalite areas
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woman commando force in naxalite areas
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ंगल में छिपकर दुश्मन को निशाना बनाने के गुर भी सीखे इन्होंनंगल में छिपकर दुश्मन को निशाना बनाने के गुर भी सीखे इन्होंन
जंगलों में एके-47 लेकर इस तरह काम करती है महिला कमांडो।जंगलों में एके-47 लेकर इस तरह काम करती है महिला कमांडो।
ोंने। सड़कों के निर्माण के लिए ये नक्सलियों के सामने चुनौती बनकर खड़ी होंने। सड़कों के निर्माण के लिए ये नक्सलियों के सामने चुनौती बनकर खड़ी ह
. मैदानी इलाके में भी गश्त करने में महारत है इन्हें।. मैदानी इलाके में भी गश्त करने में महारत है इन्हें।
woman commando force in naxalite areas
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woman commando force in naxalite areas
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