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बर्खास्तगी की खबर मिलते ही बकावंड में बीमार आंगनबाड़ी कार्यकर्ता चल बसी

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं को बर्खास्तगी के बाद हड़ताल जारी रखने को लेकर सदस्यों में मतभेद की स्थिति बन...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 02, 2018, 02:00 AM IST

बर्खास्तगी की खबर मिलते ही बकावंड में बीमार आंगनबाड़ी कार्यकर्ता चल बसी
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं को बर्खास्तगी के बाद हड़ताल जारी रखने को लेकर सदस्यों में मतभेद की स्थिति बन रही है। इस बीच बकावंड ब्लाक के एक कार्यकर्ता की मौत के बाद अब कार्यकर्ताओं में तीव्र आक्रोश बना हुआ है। रविवार काे धरना प्रदर्शन में शामिल बकावंड ब्लाक से पहुंची आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने बताया ब्लाक के मटावाड़ा केंद्र में पदस्थ कार्यकर्ता भुवनेश्वरी कश्यप और जैबेल की आंगनबाड़ी सहायिका शोभावती को शनिवार की शाम को जैसे की जानकारी मिली 125 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व 90 सहायिकाओं को बर्खास्त कर दिया गया है वे सदमे में आ गई है।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की मौत हो गई। कार्यकर्ताओं ने बताया कि मौत के 10 घंटे के बाद विभाग की ओर से कोई मदद नहीं की गई है। इसके अलावा सहायिका को भी उपचार नहीं मिल पाया है। इधर दूसरी ओर धरने में शामिल कार्यकर्ता व सहायिकाओं को इसकी खबर लगी कि उनके एक साथी की जान चली गई है। तो वे आक्रोशित हो उठी और दो मिनट का मौन रखने के बाद कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती है तब आंदोलन चलता रहेगा। जिस कार्यकर्ता की मौत हुई उसका 10 साल का एक बेटा भी है।

हर दिन खर्च हो रहे हैं 6 हजार रुपए

संघ की जिलाध्यक्ष प्रेमबती नाग ने कहा कि एक दिन के धरना प्रदर्शन के पीछे 6 हजार रुपए खर्च हो रहे हैं। बावजूद इसके उनके हौसले कम नहीं है। उन्होंने कहा कि एक तरफ मध्यप्रदेश की सरकार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं की मांगों को पूरा करने की कोशिश में जुटी हैं, वहीं हमारे प्रदेश में जिला प्रशासन कार्रवाई कर रहा है।

सहायिका भी सदमे में, अफसरों का कहना है बीमार थी कार्यकर्ता

कुछ दिनों पहले ही संघ की ओर से आंबा कार्यकर्ता की आर्थिक मदद की गई, लेकिन शनिवार की रात उसने दम तोड़ दिया।

सदमे से नहीं किडनी फेल से होने हुई है मौत: जिला कार्यक्रम अधिकारी

कार्यकर्ता और सहायिका की मौत को लेकर जिला कार्यक्रम अधिकारी शैल ठाकुर ने पहले कहा कि इस घटना की कोई जानकारी उनके पास नहीं है और वे इसका पता लगाएंगी। कुछ देर बाद उन्होंने बताया कि कार्यकर्ता भुवनेश्वरी की मौत किसी सदमे से नहीं हुई। वह काफी लंबे समय से किडनी की बीमारी से पीड़ित थी। कुछ दिनों पहले उसकी दोनों किडनियां फेल हो गई थी। सहायिका की हालत सामान्य है। उसे कोई सदमा नहीं लगा है।

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