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स्कूली छात्र-छात्राओं ने पुरातात्विक महत्व के स्थलों को करीब से जाना

शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोरर के छात्र-छात्राओं ने तीरथगढ़ जलप्रताप को देखा नजदीक से। भास्कर न्यूज||कोरर...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 03:05 AM IST
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोरर के छात्र-छात्राओं ने तीरथगढ़ जलप्रताप को देखा नजदीक से।

भास्कर न्यूज||कोरर

शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोरर के छात्र-छात्राओं को शैक्षणिक भ्रमण पर गोबराहीन, केनारायनपाल, चित्रकोट जलप्रपात, व कोटमसर गुफा का भ्रमण कराया गया।

छात्रों को गोबराहीन में प्राचीन शिवलिंग का अवलोकन कराया गया। व्याख्याता शिवराज टांडिया बताया प्राचीन स्मारक एवं पुरातात्विक स्थल व अवशेष अधिनियम 1958 के अंतर्गत राष्ट्रीय महत्व का घोषित किया गया है, इसे क्षति पहुंचाना संविधानिक रूप से गलत है।

यह प्राचीन स्मारक 11वीं शताब्दी के आसपास की मानी जाती है। इसके बाद बच्चे बस्तर जिलेे केनारायनपाल में स्थित प्राचीन मंदिर का अवलोकन किए। शिक्षक अनुपम जोफर द्वारा मंदिर की संरचना दक्षिण स्थित मंदिरों की भांति होने व विष्णु भगवान की प्राचीन मूर्ति स्थापित होने की जानकारी दी गई। यह स्थल भी पुरातात्विक विभाग द्वारा संरक्षित है। इस मंदिर में प्राचीन शिलालेख भी बच्चों ने देखे। शिक्षक कुंजबिहारी रामटेके ने बताया इस शिलालेख की लिपि बहुत ही प्राचीन है।

शिलालेख सदैव प्राचीन संस्कृति एवं ऐतिहासिक जानकारी की पुष्टि करते हैं। इसके बाद चित्रकुट जलप्रताप, कोटमसर गुफा, कांगेर राष्ट्रीय उद्यान स्थित कांगेर जलप्रपात, दरभा घाटी स्थित तीरथगढ़ जलप्रपात,जगदलपुर में स्थित मावलीमाता मंदिर, दंतेश्वरी मंदिर, राजमहल का अवलोकन कराया गया। इस दौरान प्रभा साहू, मोनिषा मरई, प्रेमकिशोर साहू, मीनाक्षी मेश्राम द्वारा स्थलों से जुड़े तथ्यों से छात्रों को अवगत कराया गया।